विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने अल सल्वाडोर के विदाई ले रहे राजदूत गुइलेर्मो रुबियो फुनेस से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में अल सल्वाडोर के राजदूत गुइलेर्मो रुबियो फुनेस से मुलाकात की। फुनेस भारत में अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, और इस भेंट में मार्गेरिटा ने द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में उनके योगदान को सराहा।
मुलाकात का विवरण
बैठक के बाद मार्गेरिटा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'भारत में अपना कार्यकाल पूरा कर रहे अल सल्वाडोर के राजदूत महामहिम गुइलेर्मो रुबियो फुनेस से मुलाकात की। उनके कार्यकाल के दौरान भारत-अल सल्वाडोर संबंधों को मजबूत करने में दिए गए बहुमूल्य योगदान की सराहना की।'
भारत-अल सल्वाडोर संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और अल सल्वाडोर के बीच करीबी एवं मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय दूतावास अल सल्वाडोर के लिए समवर्ती रूप से ग्वाटेमाला से मान्यता प्राप्त है, जबकि अल सल्वाडोर ने वर्ष 2008 में नई दिल्ली में अपना आवासीय दूतावास स्थापित किया था। दोनों देशों के बीच नियमित विदेश कार्यालय परामर्श द्विपक्षीय संबंधों को गतिशील बनाए रखने में सहायक रहे हैं।
योग दिवस में भागीदारी
जून 2026 में ग्वाटेमाला स्थित भारतीय दूतावास के राजदूत राज कुमार सिंह — जो अल सल्वाडोर के लिए भी समवर्ती रूप से मान्यता प्राप्त हैं — ने अल सल्वाडोर के राष्ट्रीय महल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 समारोह में भाग लिया। इस वर्ष योग दिवस का 12वाँ संस्करण 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' थीम के साथ मनाया गया। ग्वाटेमाला स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा, 'इस आयोजन ने योग के शाश्वत संदेश — सद्भाव, कल्याण और एकता — को रेखांकित किया।'
जयशंकर की शुभकामनाएँ और कूटनीतिक संवाद
सितंबर 2025 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अल सल्वाडोर की विदेश मंत्री एलेक्जेंड्रा हिल टिनोको को देश के 204वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई देते हुए संबंधों को प्रगाढ़ बनाए रखने पर बल दिया था। जयशंकर ने एक्स पर लिखा था, 'विश्वास है कि हमारे संबंध लगातार मजबूत होते रहेंगे।' यह कूटनीतिक संवाद दर्शाता है कि दोनों देश उच्च स्तर पर संपर्क बनाए हुए हैं।
आगे की राह
राजदूत फुनेस के कार्यकाल की समाप्ति के बाद भी भारत-अल सल्वाडोर के बीच कूटनीतिक संबंध अपनी गति बनाए रखने की उम्मीद है। नई दिल्ली और सैन सल्वाडोर के बीच नियमित विदेश कार्यालय परामर्श की परंपरा इस द्विपक्षीय साझेदारी की निरंतरता सुनिश्चित करती है।