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एम. पी. जाबिर: 400 मीटर हर्डल्स में ओलंपिक कोटा पाने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट

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एम. पी. जाबिर: 400 मीटर हर्डल्स में ओलंपिक कोटा पाने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट

सारांश

केरल के मंजेरी से निकले एम. पी. जाबिर ने वह कर दिखाया जो दशकों में कोई भारतीय पुरुष एथलीट नहीं कर पाया था — टोक्यो ओलंपिक में 400 मीटर हर्डल्स की बर्थ। भारतीय नौसेना में सेवारत इस एथलीट की यात्रा अनुशासन, तकनीक और असाधारण संकल्प की कहानी है।

मुख्य बातें

जाबिर ओलंपिक खेलों में 400 मीटर हर्डल्स के लिए क्वालिफाई करने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट हैं।
जन्म 8 जून 1996 , मंजेरी, केरल ; भारतीय नौसेना में कार्यरत।
2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप, दोहा में 49.13 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और कांस्य पदक।
2019 दक्षिण एशियाई खेल, काठमांडू में 400 मीटर हर्डल्स में स्वर्ण पदक ।
2017 और 2019 दोनों एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता।

एम. पी. जाबिर (पूरा नाम: जाबिर मदारी पल्लियलील) भारतीय एथलेटिक्स के उन विरले नामों में शामिल हैं जिन्होंने 400 मीटर हर्डल्स जैसी तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण स्पर्धा में देश को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई। टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए क्वालिफाई करके वे इस स्पर्धा में ओलंपिक बर्थ हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बने — एक ऐतिहासिक उपलब्धि जो भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के इतिहास में दर्ज हो गई।

प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि

एम. पी. जाबिर का जन्म 8 जून 1996 को मंजेरी, केरल में हुआ। वे 400 मीटर हर्डल्स और 400 मीटर फ्लैट रेस दोनों में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी प्रतिभा की पहचान उनकी गति, तकनीकी दक्षता और निरंतर प्रदर्शन से होती है। वे वर्तमान में भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं, जहाँ की अनुशासित जीवनशैली ने उनके खेल करियर को मज़बूत आधार दिया है।

मुख्य उपलब्धियाँ और पदक

जाबिर ने अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली बड़ी सफलता 2017 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हासिल की, जहाँ उन्होंने 50.22 सेकंड का समय निकालकर 400 मीटर हर्डल्स में कांस्य पदक जीता। इसके दो वर्ष बाद, 2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दोहा, कतर में उन्होंने 49.13 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज करते हुए फिर कांस्य पदक जीता।

इस प्रदर्शन ने उन्हें 2019 विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के क्वालिफिकेशन मानक तक भी पहुँचाया। उसी वर्ष काठमांडू में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों में जाबिर ने 400 मीटर हर्डल्स में स्वर्ण पदक जीतकर क्षेत्रीय श्रेष्ठता भी साबित की।

ओलंपिक में ऐतिहासिक कदम

टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए क्वालिफाई करना जाबिर के करियर का सबसे बड़ा मील का पत्थर रहा। यह भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में पहली बार था जब किसी भारतीय पुरुष एथलीट ने ओलंपिक में 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा के लिए जगह बनाई। गौरतलब है कि यह स्पर्धा शारीरिक शक्ति, गति और हर्डलिंग तकनीक का संयोजन माँगती है — और इसमें अंतरराष्ट्रीय मानक हासिल करना अपने आप में असाधारण है।

नौसेना और खेल का संतुलन

भारतीय नौसेना में सेवारत रहते हुए एक शीर्ष एथलीट के रूप में खुद को स्थापित करना जाबिर की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है। नौसेना की संरचित दिनचर्या और खेल अकादमी की सुविधाओं ने उनके प्रशिक्षण में अहम भूमिका निभाई है। यह संयोजन — सरकारी सेवा और अंतरराष्ट्रीय खेल — भारत के उन एथलीटों की लंबी परंपरा को आगे बढ़ाता है जो वर्दी में देश का नाम रोशन करते हैं।

आगे की राह

जाबिर का करियर भारतीय युवा एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। 49.13 सेकंड के राष्ट्रीय-स्तरीय समय के साथ वे लगातार अपनी सीमाएँ आगे बढ़ा रहे हैं। आने वाले अंतरराष्ट्रीय सत्रों में उनसे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह शुरुआत ऐतिहासिक है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम. पी. जाबिर कौन हैं?
एम. पी. जाबिर (जाबिर मदारी पल्लियलील) केरल के मंजेरी में 8 जून 1996 को जन्मे भारतीय एथलीट हैं, जो 400 मीटर हर्डल्स और 400 मीटर दौड़ में विशेषज्ञ हैं। वे भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं।
जाबिर ने ओलंपिक में कौन-सा ऐतिहासिक कीर्तिमान बनाया?
जाबिर टोक्यो ओलंपिक 2020 में 400 मीटर हर्डल्स स्पर्धा के लिए क्वालिफाई करने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बने। यह भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में इस स्पर्धा में पहली ओलंपिक बर्थ थी।
जाबिर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय क्या है?
जाबिर का 400 मीटर हर्डल्स में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 49.13 सेकंड है, जो उन्होंने 2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप, दोहा में दर्ज किया था।
जाबिर ने कौन-कौन से प्रमुख पदक जीते हैं?
जाबिर ने 2017 और 2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2019 दक्षिण एशियाई खेलों (काठमांडू) में 400 मीटर हर्डल्स में स्वर्ण पदक जीता है।
जाबिर भारतीय नौसेना से कैसे जुड़े हैं?
एम. पी. जाबिर भारतीय नौसेना में कार्यरत हैं। नौसेना की अनुशासित जीवनशैली और खेल सुविधाओं ने उनके एथलेटिक करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राष्ट्र प्रेस
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