14 जुलाई 2026
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आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और कापू नेता मुद्रगडा पद्मनाभम का 73 वर्ष की आयु में निधन

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आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और कापू नेता मुद्रगडा पद्मनाभम का 73 वर्ष की आयु में निधन

सारांश

आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और कापू समुदाय के सशक्त आवाज़ मुद्रगडा पद्मनाभम का 14 जुलाई को हैदराबाद में निधन हो गया। पाँच दशकों के राजनीतिक सफर में उन्होंने चार बार विधायक और एक बार सांसद के रूप में जनता की सेवा की। उनके जाने से कापू आरक्षण आंदोलन को बड़ा झटका लगा है।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और कापू नेता मुद्रगडा पद्मनाभम का 14 जुलाई 2026 को हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में निधन; आयु 73 वर्ष ।
1978 में पहली बार प्रथिपाडु से विधायक; 1983, 1985, 1989 में भी विधानसभा में निर्वाचित।
1985-1988 के बीच NTR की कैबिनेट में मंत्री; 1999 में काकीनाडा से लोकसभा सांसद।
कापू समुदाय के लिए OBC आरक्षण की माँग को लेकर भूख हड़ताल करने वाले प्रमुख नेता।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू , उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और पूर्व CM जगन मोहन रेड्डी ने शोक व्यक्त किया।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और कापू समुदाय के प्रमुख नेता मुद्रगडा पद्मनाभम का मंगलवार, 14 जुलाई 2026 की शाम हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों राज्यों में राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

राजनीतिक जीवन और विरासत

22 जनवरी 1953 को अविभाजित पूर्वी गोदावरी जिले के किर्लामपुडी में जन्मे मुद्रगडा पद्मनाभम ने 1977 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। 1978 में उन्होंने जनता पार्टी के टिकट पर प्रथिपाडु विधानसभा सीट से जीत दर्ज की और पहली बार विधायक बने।

जब अभिनेता से नेता बने एनटी रामा राव (NTR) ने 1982 में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की स्थापना की, तो मुद्रगडा उनके साथ जुड़ गए। उन्होंने 1983, 1985 और 1989 में विधायक के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व किया और 1985 से 1988 के बीच NTR की कैबिनेट में मंत्री पद संभाला।

पार्टी परिवर्तन और सामाजिक आंदोलन

मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने TDP भी छोड़ दी और प्रजा रक्षा समिति का गठन किया। इसके अलावा उन्होंने तेलुगु नाडु पार्टी की भी स्थापना की। बाद में TDP में वापसी करते हुए वे 1999 में काकीनाडा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।

मुद्रगडा पद्मनाभम कापू समुदाय के लिए पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण की माँग को लेकर चलाए गए आंदोलन के प्रमुख चेहरा रहे। उन्होंने इस माँग के समर्थन में भूख हड़ताल भी की, जिससे उनकी छवि एक समर्पित सामाजिक योद्धा के रूप में स्थापित हुई। 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले वे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) में शामिल हो गए थे।

नेताओं की श्रद्धांजलि

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने दिवंगत नेता के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पवन कल्याण ने उनके पाँच दशकों के राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने चार बार विधानसभा और एक बार लोकसभा में जनता का प्रतिनिधित्व किया।

पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने मुद्रगडा के अचानक निधन पर गहरा दुख और सदमा व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत नेता के पुत्र गिरिबाबू से फोन पर बात कर शोक-संतप्त परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया। जगन ने कहा कि मुद्रगडा पद्मनाभम की लोक-सेवा के प्रति समर्पित भावना और उनका योगदान एक अमिट विरासत के रूप में सदैव याद रखा जाएगा।

आगे क्या

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में सर्वदलीय नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। कापू समुदाय ने अपना एक प्रमुख आवाज़ खो दी है, और उनके बाद समुदाय के आरक्षण आंदोलन की अगुआई का प्रश्न अब सामने आएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी समुदाय की पहचान और अधिकार के लिए उनकी आवाज़ सुसंगत रही। यह सवाल अब अनुत्तरित है कि उनके बाद कापू आरक्षण आंदोलन की बागडोर कौन संभालेगा और आंध्र प्रदेश की राजनीति में इस समुदाय का प्रतिनिधित्व किस दिशा में जाएगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुद्रगडा पद्मनाभम कौन थे?
मुद्रगडा पद्मनाभम आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और कापू समुदाय के प्रमुख नेता थे। उन्होंने 1985-1988 के बीच NTR की कैबिनेट में मंत्री पद संभाला और 1999 में काकीनाडा से लोकसभा सांसद चुने गए।
मुद्रगडा पद्मनाभम का निधन कब और कहाँ हुआ?
उनका निधन 14 जुलाई 2026 की शाम हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में हुआ। वे 73 वर्ष के थे।
मुद्रगडा पद्मनाभम किस पार्टी से जुड़े थे?
उनका राजनीतिक सफर कई दलों में रहा — जनता पार्टी, तेलुगु देशम पार्टी (TDP), प्रजा रक्षा समिति, तेलुगु नाडु पार्टी और अंत में YSRCP। 2024 के चुनावों से पहले वे वाईएसआर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे।
कापू समुदाय के लिए मुद्रगडा पद्मनाभम का योगदान क्या था?
मुद्रगडा पद्मनाभम ने कापू समुदाय के लिए पिछड़ा वर्ग (OBC) का दर्जा और आरक्षण दिलाने की माँग को लेकर लंबे समय तक आंदोलन चलाया। इस माँग के समर्थन में उन्होंने भूख हड़ताल भी की थी।
मुद्रगडा पद्मनाभम के निधन पर किन नेताओं ने शोक व्यक्त किया?
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और पूर्व मुख्यमंत्री व YSRCP अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। दोनों राज्यों — आंध्र प्रदेश और तेलंगाना — के सर्वदलीय नेताओं ने शोक जताया।
राष्ट्र प्रेस
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