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मुकुंदरा सुरंग से मुंबई-दिल्ली यातायात शुरू, राजस्थान की सबसे चौड़ी सड़क सुरंग खुली

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मुकुंदरा सुरंग से मुंबई-दिल्ली यातायात शुरू, राजस्थान की सबसे चौड़ी सड़क सुरंग खुली

सारांश

राजस्थान के कोटा जिले में मुकुंदरा सुरंग से मुंबई-दिल्ली यातायात शुरू हो गया है — यह राज्य की सबसे चौड़ी सड़क सुरंग है। दरा घाटी के पुराने जाम से राहत के साथ-साथ हाड़ौती के कारोबारियों को बड़े बाज़ारों तक तेज़ पहुँच मिलेगी। दूसरी ट्यूब का काम अंतिम चरण में है।

मुख्य बातें

मुकुंदरा सुरंग से 27 जुलाई 2026 को मुंबई-से-दिल्ली दिशा में आधिकारिक यातायात शुरू हुआ।
यह आठ लेन वाली ट्विन-ट्यूब सुरंग राजस्थान की सबसे चौड़ी और सबसे लंबी सड़क सुरंगों में से एक है।
सुरंग NHAI द्वारा विकसित है और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा है।
दरा घाटी में यातायात जाम की पुरानी समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
डीजल, पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी व खतरनाक रसायन वाले वाहनों को सुरंग में प्रवेश वर्जित है।
दूसरी ट्यूब का निर्माण अंतिम चरण में; पूर्ण होने पर कोटा से गुजरात तक निर्बाध एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी मिलेगी।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर राजस्थान के कोटा जिले में स्थित मुकुंदरा सुरंग से सोमवार, 27 जुलाई 2026 को मुंबई से दिल्ली की दिशा में आधिकारिक यातायात शुरू हो गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा विकसित यह सुरंग राजस्थान की सबसे चौड़ी सड़क सुरंग है और दरा घाटी क्षेत्र में वर्षों से जाम झेल रहे वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।

मुकुंदरा सुरंग की प्रमुख विशेषताएँ

यह आठ लेन वाली दोहरी ट्यूब (ट्विन-ट्यूब) सुरंग राजस्थान की सबसे लंबी और सबसे चौड़ी सड़क सुरंगों में से एक है। चेचट के निकट स्थित यह सुरंग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के माध्यम से मध्य प्रदेश की ओर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगी। फ़िलहाल पहली ट्यूब से मुंबई-से-दिल्ली दिशा में वाहन चलने लगे हैं, जबकि दूसरी ट्यूब का निर्माण अंतिम चरण में है।

NHAI के परियोजना निदेशक संदीप अग्रवाल ने बताया कि मुंबई से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों के लिए सुरंग सोमवार से खोल दी गई है। उन्होंने कहा कि दूसरी ट्यूब का शेष निर्माण कार्य पूरा होते ही उसे भी आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।

आर्थिक और लॉजिस्टिक्स प्रभाव

सुरंग के चालू होने से हाड़ौती क्षेत्र की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। रामगंजमंडी का प्रसिद्ध धनिया बाज़ार और कोटा स्टोन उद्योग से जुड़े कारोबारी अब अपने उत्पाद दिल्ली, मुंबई, गुजरात और अन्य प्रमुख बाज़ारों तक अधिक तेज़ी और कम लागत में पहुँचा सकेंगे।

परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों ट्यूब पूरी तरह चालू होने के बाद माल ढुलाई की गति में उल्लेखनीय सुधार होगा और कृषि उत्पादों के लिए बड़े बाज़ारों तक पहुँच सुगम होगी। आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में इस मार्ग का अधिकांश हिस्सा पहले से परिचालन में है और केवल वडोदरा की ओर कुछ हिस्सों का निर्माण शेष है।

यातायात जाम से मिलेगी राहत

दरा घाटी में एक्सप्रेसवे निर्माण और यातायात डायवर्जन के कारण लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी। सुरंग के खुलने के बाद भारी वाहन भीड़भाड़ वाले हिस्सों को बायपास कर सकेंगे, जिससे मौजूदा सड़कों पर दबाव कम होगा और स्थानीय तथा लंबी दूरी के यात्रियों दोनों को राहत मिलेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना को भारत की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में से एक माना जाता है। मुकुंदरा सुरंग का चालू होना इस एक्सप्रेसवे के एक और अहम पड़ाव को पूरा करने का संकेत है।

सुरक्षा नियम और प्रतिबंध

सुरक्षा कारणों से डीजल, पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी या अन्य ज्वलनशील गैसों और खतरनाक रसायनों से भरे वाहनों को सुरंग के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा, ताकि आग, विस्फोट या अन्य आपात स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।

आगे की राह

दूसरी ट्यूब के चालू होने के बाद कोटा से यात्रा करने वाले लोग मध्य प्रदेश होते हुए गुजरात तक लगातार एक्सप्रेसवे का उपयोग कर सकेंगे, जिससे यात्रा समय में काफी कमी आएगी। गौरतलब है कि दोनों ट्यूब के पूर्ण संचालन के बाद यह कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई के बीच माल और यात्री परिवहन को नई परिभाषा देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा दूसरी ट्यूब के पूर्ण होने की समयसीमा पर है — क्योंकि एकल-दिशा संचालन से जाम का बोझ पूरी तरह नहीं उठेगा। हाड़ौती क्षेत्र के कारोबारियों के लिए यह लंबे इंतज़ार के बाद मिली राहत है, लेकिन ज्वलनशील वाहनों पर प्रतिबंध के लिए वैकल्पिक मार्गों की पर्याप्त व्यवस्था की निगरानी ज़रूरी होगी। बड़े एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में यह सुरंग एक कड़ी है — पूरी तस्वीर तभी बनेगी जब वडोदरा तक का शेष हिस्सा भी चालू होगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुकुंदरा सुरंग कहाँ स्थित है और इसका उद्घाटन कब हुआ?
मुकुंदरा सुरंग राजस्थान के कोटा जिले में चेचट के निकट दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर स्थित है। 27 जुलाई 2026 को मुंबई-से-दिल्ली दिशा में इससे आधिकारिक यातायात शुरू किया गया।
मुकुंदरा सुरंग की क्या विशेषताएँ हैं?
यह आठ लेन वाली ट्विन-ट्यूब सुरंग राजस्थान की सबसे चौड़ी और सबसे लंबी सड़क सुरंगों में से एक है। NHAI द्वारा विकसित इस सुरंग की दूसरी ट्यूब अभी निर्माणाधीन है और जल्द खुलने की संभावना है।
सुरंग खुलने से किन लोगों को फायदा होगा?
दरा घाटी में जाम से परेशान वाहन चालकों के साथ-साथ हाड़ौती क्षेत्र के कारोबारियों — विशेषकर रामगंजमंडी के धनिया व्यापारियों और कोटा स्टोन उद्योग से जुड़े लोगों — को सीधा फायदा होगा। माल को दिल्ली, मुंबई और गुजरात तक तेज़ और सस्ते में पहुँचाया जा सकेगा।
मुकुंदरा सुरंग में किन वाहनों को प्रवेश की अनुमति नहीं है?
सुरक्षा कारणों से डीजल, पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी या अन्य ज्वलनशील गैसों और खतरनाक रसायनों से भरे वाहनों को सुरंग में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। ऐसे वाहनों के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आगे क्या काम बाकी है?
मुकुंदरा सुरंग की दूसरी ट्यूब का निर्माण अंतिम चरण में है। मध्य प्रदेश में अधिकांश मार्ग पहले से चालू है और वडोदरा की ओर कुछ हिस्सों का काम शेष है, जिसके पूरा होने के बाद कोटा से गुजरात तक निर्बाध एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
राष्ट्र प्रेस
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