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मुंबई: मालाड नाले में गिरे योगेश वर्मा का शव तीन दिन बाद बरामद, NDRF ने चलाया सर्च ऑपरेशन

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मुंबई: मालाड नाले में गिरे योगेश वर्मा का शव तीन दिन बाद बरामद, NDRF ने चलाया सर्च ऑपरेशन

सारांश

मुंबई के मालाड पूर्व में 5 जुलाई की रात नाले में गिरे 38 वर्षीय योगेश वर्मा का शव तीन दिन की कड़ी तलाश के बाद NDRF ने 8 जुलाई को बरामद किया। भारी बारिश ने बचाव अभियान को जटिल बनाया। पालघर और मुंबई में जलजमाव से जनजीवन ठप है।

मुख्य बातें

38 वर्षीय योगेश वर्मा 5 जुलाई की रात मालाड पूर्व के कुरार विलेज में जैन मंदिर के पास नाले में गिर गए थे।
NDRF ने 8 जुलाई को दोपहर 1:31 बजे तीन दिन की तलाश के बाद शव बरामद किया।
लगातार भारी बारिश और नाले में तेज बहाव के कारण बचाव अभियान में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
पालघर जिले के विरार , वसई और नालासोपारा में जलजमाव से बिजली, पानी और नेटवर्क सेवाएँ बाधित हैं।
मुंबई में लोकल ट्रेन सेवाएँ प्रभावित; कई ट्रेनें रद्द या शॉर्ट-टर्मिनेट की गईं।

मुंबई के मालाड पूर्व स्थित कुरार विलेज इलाके में नाले में गिरकर लापता हुए 38 वर्षीय योगेश वर्मा का शव तीन दिन बाद बुधवार, 8 जुलाई 2026 को बरामद कर लिया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम ने दोपहर करीब 1:31 बजे नाले से शव को बाहर निकाला। यह हादसा मुंबई में जारी भारी बारिश और जलजमाव के बीच हुई उन दुर्घटनाओं में से एक है, जिन्होंने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अनुसार, 5 जुलाई की रात करीब 11 बजे योगेश वर्मा तानाजी नगर क्षेत्र में स्थित जैन मंदिर के निकट नाले में गिर गए थे। घटना की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियों ने तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया।

लगातार तेज बारिश और नाले में उफनते बहाव के कारण बचाव दल को शुरुआती घंटों में भारी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों के मुताबिक, पानी का तेज प्रवाह और दृश्यता की कमी ने अभियान को और जटिल बना दिया।

NDRF का सर्च ऑपरेशन

लगातार तीन दिनों तक NDRF, मुंबई फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान जारी रखा। अधिकारियों के मुताबिक, निरंतर वर्षा और नाले में तीव्र बहाव ने बचाव कार्य में अत्यधिक कठिनाइयाँ उत्पन्न कीं। बुधवार दोपहर 1:31 बजे NDRF की टीम ने कड़ी मेहनत के बाद योगेश वर्मा का शव नाले से बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस आगे की जाँच कर रही है।

मुंबई और पालघर में बारिश का कहर

मुंबई के कई इलाकों में जलभराव और नालों में तेज बहाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और जोखिम वाले स्थानों से दूर रहें। मुख्यमंत्री ने भी लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की है।

मुंबई से सटे पालघर जिले में भी स्थिति गंभीर है। विरार, वसई और नालासोपारा में जलजमाव के कारण बिजली, पानी, मोबाइल नेटवर्क और आवश्यक खाद्य सामग्री की आपूर्ति बाधित है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

ट्रेन सेवाओं पर असर

जलभराव का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। ट्रैक पर पानी भरे होने के कारण लोकल ट्रेनों के संचालन में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है या उन्हें शॉर्ट-टर्मिनेट करना पड़ा है, जिससे लाखों यात्री प्रभावित हो रहे हैं।

प्रशासन की अपील

यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि मानसून के दौरान मुंबई के नाले कितने खतरनाक हो जाते हैं। BMC और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने और बिना आवश्यकता के घर से न निकलने का आग्रह किया है। आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार BMC की ओर से सुरक्षा उपायों के वादे किए जाते हैं। तीन दिन तक चला NDRF का अभियान बचाव तंत्र की मेहनत को दर्शाता है, लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि रात के अंधेरे में खुले नालों पर बाड़ या चेतावनी संकेत क्यों नहीं होते। पालघर में बुनियादी सेवाओं का ठप होना यह बताता है कि मुंबई महानगर क्षेत्र की आपदा तैयारी अभी भी प्रतिक्रियात्मक है, न कि निवारक।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालाड नाला हादसे में कौन था योगेश वर्मा?
योगेश वर्मा मुंबई के मालाड पूर्व इलाके के 38 वर्षीय निवासी थे, जो 5 जुलाई की रात कुरार विलेज में जैन मंदिर के पास नाले में गिर गए थे। उनका शव तीन दिन बाद 8 जुलाई को NDRF ने बरामद किया।
NDRF ने शव कब और कहाँ से बरामद किया?
NDRF की टीम ने 8 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:31 बजे मालाड पूर्व के कुरार विलेज स्थित नाले से योगेश वर्मा का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बचाव अभियान में इतना समय क्यों लगा?
अधिकारियों के अनुसार, लगातार भारी बारिश और नाले में अत्यधिक तेज बहाव के कारण बचाव कार्य बेहद कठिन रहा। दृश्यता की कमी और उफनते पानी ने NDRF, मुंबई फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियों के संयुक्त अभियान को तीन दिन तक चलाना जरूरी बना दिया।
मुंबई और पालघर में बारिश से क्या-क्या प्रभावित हुआ है?
मुंबई में जलभराव के कारण लोकल ट्रेन सेवाएँ बाधित हैं और कई ट्रेनें रद्द या शॉर्ट-टर्मिनेट की गई हैं। पालघर जिले के विरार, वसई और नालासोपारा में बिजली, पानी, मोबाइल नेटवर्क और खाद्य सामग्री की आपूर्ति ठप है।
प्रशासन ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
BMC और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और जोखिम वाले स्थानों से दूर रहें। मुख्यमंत्री ने भी लोगों से सुरक्षित रहने और अनावश्यक रूप से घर से न निकलने का आग्रह किया है।
राष्ट्र प्रेस
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