बिहार: वीआईपी कार्यकर्ताओं ने पप्पू सहनी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए की सड़क पर प्रदर्शन, मुकेश सहनी की SSP से मुलाकात
सारांश
Key Takeaways
- पप्पू सहनी की हत्या पर सवाल उठाया जा रहा है।
- वीआईपी कार्यकर्ताओं ने न्याय की मांग की है।
- मुकेश सहनी ने SSP से मुलाकात की।
- जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता महत्वपूर्ण है।
- आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
मुजफ्फरपुर, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सैकड़ों कार्यकर्ता आज बिहार के मुजफ्फरपुर में इकट्ठा हुए और पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ के माध्यम से पप्पू सहनी की हत्या का आरोप लगाया।
इस दौरान, वीआईपी के संस्थापक मुकेश सहनी ने मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की और पप्पू सहनी के परिवार को न्याय दिलाने का अनुरोध किया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बड़ी संख्या में वीआईपी कार्यकर्ता यहां पहुंचे और पप्पू सहनी के परिजनों को न्याय दिलाने का संकल्प लिया।
वीआईपी के प्रमुख और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक ने एक जांच टीम गठित की है, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। आज फिर सैकड़ों कार्यकर्ता इस मामले को लेकर पुलिस प्रशासन से जवाब मांगने आए हैं।
उन्होंने कहा कि एसएसपी से मुलाकात हुई है। हमने उनसे न्याय देने का अनुरोध किया है और कहा कि 30 दिनों के भीतर इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जो भी गलत है, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि जांच प्रक्रिया को सार्वजनिक किया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 30 दिन बाद भी इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जाती है, तो हम बड़ा आंदोलन करेंगे। मुकेश सहनी ने स्पष्ट किया, "हम लोग किसी भी स्थिति में यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि जो लोग जनता की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं, वे फर्जी एनकाउंटर कर हत्या करें।"
उन्होंने आश्वासन दिया कि एसएसपी ने जो वादा किया है, उस पर कार्य किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि 17 फरवरी को बेला थाना क्षेत्र में पुलिस ने एटीएम फ्रॉड गिरोह के अपराधी पप्पू सहनी को पकड़ा था। इसी दौरान, बदमाश ने फायरिंग की और भागने लगा। बदमाशों की ओर से चलाई गई गोली बेला थाने में तैनात एएसआई विकास कुमार के पेट में लग गई।
गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। हालांकि, भाग रहे पप्पू सहनी को स्थानीय लोगों की मदद से पकड़ा गया। पप्पू सहनी को बाएं पैर के घुटने में गोली लगी थी, और बाद में उसकी मृत्यु हो गई।