20 अक्टूबर 2026
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मैसूरु दशहरा 2026: सीएम डी.के. शिवकुमार का न्योता, जंबू सवारी में हाथी प्रशांत उठाएगा 750 किलो सोने का हौदा

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मैसूरु दशहरा 2026: सीएम डी.के. शिवकुमार का न्योता, जंबू सवारी में हाथी प्रशांत उठाएगा 750 किलो सोने का हौदा

सारांश

मैसूरु दशहरा 2026 अपने चरम पर है — हाथी प्रशांत 750 किलो सोने का हौदा उठाएगा, केरल और तेलंगाना के मुख्यमंत्री शामिल होंगे, और तीनों सशस्त्र बल भागीदार रहेंगे। सीएम शिवकुमार ने इसे महज त्योहार नहीं, बल्कि कर्नाटक की आत्मा का उत्सव बताया।

मुख्य बातें

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के.
शिवकुमार ने 20 अक्टूबर 2026 को देशवासियों और पर्यटकों को मैसूरु दशहरा में शामिल होने का आमंत्रण दिया।
दशहरा 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक मैसूरु में आयोजित हो रहा है।
इस वर्ष हाथी प्रशांत जंबू सवारी में 750 किलोग्राम वजनी ठोस सोने के हौदे को वहन करेगा, जो सेवानिवृत्त हाथी अभिमन्यु का स्थान लेगा।
सतीशन और तेलंगाना के सीएम ए.
रेवंत रेड्डी समारोह में उपस्थित रहेंगे।
भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना तीनों की उत्सव में भागीदारी होगी।
दशहरे के बाद 11 और दिनों तक रोशनी जारी रखने पर विचार किया जाएगा।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 20 अक्टूबर 2026 को देशवासियों और पर्यटकों से ऐतिहासिक मैसूरु दशहरा समारोह में सम्मिलित होने का आग्रह किया। उन्होंने इस राजकीय उत्सव को कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान, गौरव और परंपराओं का जीवंत प्रतीक बताया। कर्नाटक सरकार द्वारा आयोजित यह महोत्सव 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक मैसूरु में मनाया जा रहा है।

मुख्य आकर्षण और समारोह का क्रम

इस वर्ष के दशहरा का सबसे बड़ा आकर्षण जंबू सवारी — यानी भव्य हाथी जुलूस — है। देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण का कार्यक्रम शाम 4 बजकर 10 मिनट से 4 बजकर 35 मिनट के बीच निर्धारित है, जिसके बाद जुलूस अंबा विलास पैलेस से बन्नीमंटप मैदान तक निकाला जाएगा।

इस बार जुलूस का नेतृत्व हाथी प्रशांत करेगा, जो 750 किलोग्राम वजनी ठोस सोने के हौदे को वहन करेगा। वह सेवानिवृत्त अनुभवी हाथी अभिमन्यु का स्थान लेगा। मैसूरु पैलेस में आयुध पूजा की परंपरागत रस्में पहले ही आरंभ हो चुकी हैं, जिनमें शाही परिवार के सदस्यों की भागीदारी हो रही है।

राष्ट्रीय नेताओं और सशस्त्र बलों की भागीदारी

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि इस बार दुनिया के विभिन्न हिस्सों से कई प्रमुख हस्तियाँ समारोह में शामिल होंगी। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के भी उत्सव में उपस्थित रहने की सूचना है। इसके साथ ही भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना — तीनों अंग — इस महोत्सव में अपनी भागीदारी देंगे, जो इसे एक राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करता है।

रोशनी और सांस्कृतिक भव्यता

11 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान शाही महल और मैसूरु के प्रमुख क्षेत्रों को प्रत्येक रात विद्युत सज्जा से रोशन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि दशहरे के समापन के पश्चात रोशनी की व्यवस्था को अगले 11 दिनों तक जारी रखने पर निर्णय लिया जाएगा।

उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, 'मैसूरु दशहरा सिर्फ एक त्योहार नहीं है। यह कर्नाटक का गौरव और हमारी विरासत का प्रतिबिंब है। यहाँ कला, संगीत और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का अनुभव किया जा सकता है।'

सीएम का एक्स पर संदेश और आमंत्रण

शिवकुमार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'विश्व प्रसिद्ध मैसूरु दशहरा समारोह की उलटी गिनती शुरू हो गई है। यह राज्य की कला, संस्कृति, परंपरा और वैभव का प्रतीक है। माँ चामुंडेश्वरी के आशीर्वाद से मैसूरु शहर सज-धजकर तैयार है और राज्य के सभी लोगों को आमंत्रित कर रहा है।'

उन्होंने कर्नाटक सरकार और राज्यवासियों की ओर से समस्त कन्नड़ भाषियों और पर्यटकों को हार्दिक निमंत्रण दिया — 'मैसूरु आएं और अपनी आँखों से दशहरा की भव्यता का अनुभव करें।'

आगे क्या

उत्सव का समापन 21 अक्टूबर 2026 को होना निर्धारित है। जंबू सवारी के साथ मैसूरु दशहरा अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँचेगा, और यह भव्य आयोजन एक बार फिर मैसूरु को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर उजागर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार उसमें एक स्पष्ट राजनीतिक आयाम भी जुड़ा है — दो अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी और तीनों सशस्त्र बलों की भागीदारी इसे एक 'राष्ट्रीय मंच' में बदल रही है। सीएम शिवकुमार के लिए यह आयोजन सत्तारूढ़ कांग्रेस की सांस्कृतिक साख को मज़बूत करने का अवसर भी है, खासकर तब जब कर्नाटक में पार्टी विभिन्न प्रशासनिक चुनौतियों से जूझ रही है। गौरतलब है कि दशहरे के बाद रोशनी जारी रखने जैसे प्रस्ताव पर्यटन बढ़ाने की नीयत तो दर्शाते हैं, लेकिन उनकी व्यावहारिकता और बजट संगति पर सरकार को ठोस जवाब देना होगा।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैसूरु दशहरा 2026 कब से कब तक है?
मैसूरु दशहरा 2026, 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। कर्नाटक सरकार इसे राजकीय उत्सव के रूप में मनाती है और इस वर्ष 21 अक्टूबर को भव्य जंबू सवारी के साथ इसका समापन होगा।
जंबू सवारी में इस बार कौन-सा हाथी हौदा उठाएगा?
इस वर्ष हाथी प्रशांत जंबू सवारी में 750 किलोग्राम वजनी ठोस सोने के हौदे को वहन करेगा। वह सेवानिवृत्त हो चुके अनुभवी हाथी अभिमन्यु का स्थान लेगा।
मैसूरु दशहरा 2026 में कौन-कौन से मुख्यमंत्री शामिल होंगे?
सीएम डी.के. शिवकुमार के अनुसार, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी इस वर्ष के दशहरा समारोह में शामिल होंगे। इसके अलावा भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों की भी भागीदारी होगी।
मैसूरु दशहरे में जंबू सवारी का समय क्या है?
जंबू सवारी से पहले देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पण का कार्यक्रम शाम 4 बजकर 10 मिनट से 4 बजकर 35 मिनट के बीच होगा। इसके बाद जुलूस अंबा विलास पैलेस से बन्नीमंटप मैदान तक निकाला जाएगा।
मैसूरु दशहरा कर्नाटक के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
मैसूरु दशहरा कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है, जिसे सीएम शिवकुमार ने 'कर्नाटक का गौरव' बताया है। यह उत्सव देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करता है और मैसूरु को विश्व के सांस्कृतिक मानचित्र पर स्थापित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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