4 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मैसूर दशहरा विवाद: प्रमोदा देवी वाडियार बोलीं — 'सरकार को सुझाव दिए थे, आदेश नहीं'; CM शिवकुमार ने बात करने का दिया आश्वासन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मैसूर दशहरा विवाद: प्रमोदा देवी वाडियार बोलीं — 'सरकार को सुझाव दिए थे, आदेश नहीं'; CM शिवकुमार ने बात करने का दिया आश्वासन

सारांश

मैसूर दशहरा विवाद अब सुझाव बनाम आदेश की बहस बन गया है। प्रमोदा देवी वाडियार का स्पष्टीकरण और CM शिवकुमार का आश्वासन — यह पुराना सवाल फिर उठा है कि परंपरा, स्वामित्व और सरकारी नियंत्रण के बीच की रेखा कहाँ खिंचती है।

मुख्य बातें

प्रमोदा देवी वाडियार ने 4 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि सरकार को भेजे पत्र में केवल सुझाव थे, कोई आदेश नहीं।
स्वर्ण हौदा और शाही सिंहासन को उन्होंने शाही परिवार की निजी संपत्ति बताया, जो किसी सरकारी कानून के दायरे में नहीं आती।
कार्यक्रम से पाँच दिन पहले तक शाही परिवार को हाथी चयन की जानकारी नहीं दी गई थी — यह प्रमुख शिकायत रही।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि वे मामले की पूरी जानकारी लेकर प्रमोदा देवी से बात करेंगे।
मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया ने माफी से इनकार किया; BJP नेता बीवाई विजयेंद्र की माफी की मांग को अस्वीकार किया।

पूर्व मैसूर शाही परिवार की सदस्य प्रमोदा देवी वाडियार ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि मैसूर दशहरा आयोजन को लेकर कर्नाटक सरकार को भेजे गए उनके पत्र में केवल सुझाव थे — कोई आदेश या निर्देश नहीं। मैसूर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह सुझाव मानना या न मानना पूरी तरह सरकार के विवेक पर निर्भर है। इस पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि वे मामले की पूरी जानकारी लेकर प्रमोदा देवी से बात करेंगे।

प्रमोदा देवी का स्पष्टीकरण

प्रमोदा देवी ने कहा कि उनके सुझावों का उद्देश्य आने वाले वर्षों में दशहरा उत्सव को सुचारु और निर्विघ्न बनाना है। उन्होंने यह भी साफ किया कि शाही परिवार ने किसी भी रूप में कर्नाटक सरकार को दोषी नहीं ठहराया है। उनकी आपत्ति विशेष रूप से समारोह के दौरान पुलिस की उपस्थिति और उसके आचरण को लेकर थी।

स्वर्ण हौदा और शाही अधिकारों का प्रश्न

दशहरा जुलूस के प्रमुख आकर्षण स्वर्ण हौदा (गोल्डन हाउदाह) के स्वामित्व पर प्रमोदा देवी ने दोटूक कहा कि यह शाही परिवार की निजी संपत्ति है और न तो स्वर्ण हौदा, न ही शाही सिंहासन किसी सरकारी कानून के अंतर्गत आते हैं। उन्होंने कहा कि 'ये पहले भी शाही परिवार के थे और आगे भी उसी के रहेंगे।' सरकार द्वारा किए जाने वाले भुगतान पर उन्होंने कहा कि इसे 'रॉयल्टी' नहीं, बल्कि पूर्व-अनुमति के बदले दिया जाने वाला भुगतान कहा जाना चाहिए।

हाथी चयन और सुरक्षा की चिंता

प्रमोदा देवी ने कहा कि जुलूस के लिए हाथी का चयन करते समय महल प्रशासन को विश्वास में लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह केवल शाही परिवार के अधिकारों का मामला नहीं है, बल्कि हाथी और लाखों लोगों की सुरक्षा का भी सवाल है।' उनके अनुसार, इस वर्ष उन्हें कार्यक्रम से पाँच दिन पहले वन विभाग के अधिकारियों से स्वयं संपर्क करना पड़ा था, यह जानने के लिए कि स्वर्ण हौदा उठाने के लिए कौन-सा हाथी चुना गया है।

मुख्यमंत्री और मंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, 'कर्नाटक का शाही परिवार हमारे लिए अत्यंत सम्मानित है। मैं केवल मीडिया में आई बातों के आधार पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकता। मैं पूरे मामले को देखूंगा और उनसे बात करूंगा।' वहीं, मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया ने कहा कि मैसूर महल और उसका प्रशासन राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में हैं और सरकार स्वर्ण हौदा (अंबारी) का उपयोग मुफ्त में नहीं करती, बल्कि सभी आधिकारिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है।

भाजपा का हस्तक्षेप और आगे का घटनाक्रम

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता बीवाई विजयेंद्र ने यतींद्र सिद्दारमैया से माफी की मांग की, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। यतींद्र सिद्दारमैया का कहना था कि उनकी टिप्पणी प्रमोदा देवी के सार्वजनिक बयान के जवाब में थी और मैसूर महल से जुड़ी जमीनें राज्य सरकार की संपत्ति हैं। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मैसूर दशहरा 2026 के आयोजन के बाद शाही परिवार और सरकारी तंत्र के बीच समन्वय की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री और प्रमोदा देवी के बीच होने वाली बातचीत यह तय करेगी कि भविष्य के आयोजनों में इन शिकायतों का समाधान किस रूप में निकाला जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह उस पुराने संघर्ष की अगली कड़ी है — कि सार्वजनिक उत्सवों में पूर्व राजघरानों की भूमिका परंपरागत भागीदारी है या संवैधानिक दायरे से बाहर का प्रभाव। मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया का यह कहना कि महल और उससे जुड़ी जमीनें सरकारी संपत्ति हैं, और प्रमोदा देवी का स्वर्ण हौदा को 'निजी संपत्ति' बताना — ये दोनों स्थितियाँ एक साथ सही नहीं हो सकतीं, और यही टकराव इस पूरे विवाद की जड़ है। गौरतलब है कि समन्वय की कमी, हाथी चयन में देरी, और पुलिस के आचरण की शिकायतें — ये प्रशासनिक विफलताएँ हैं जिन पर राजनीतिक बहस हावी हो गई। CM शिवकुमार का 'बात करूंगा' वाला आश्वासन तात्कालिक राजनीतिक दबाव को टालने का प्रयास तो है, लेकिन भविष्य के आयोजनों के लिए स्थायी संस्थागत व्यवस्था बनाने का रास्ता अभी भी अस्पष्ट है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रमोदा देवी वाडियार और कर्नाटक सरकार के बीच मैसूर दशहरा विवाद क्या है?
प्रमोदा देवी वाडियार ने मैसूर दशहरा 2026 के आयोजन पर आपत्ति जताते हुए सरकार को पत्र लिखा था, जिसमें पुलिस के आचरण, हाथी चयन में देरी और समन्वय की कमी जैसी शिकायतें थीं। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्र में केवल सुझाव थे, न कि आदेश।
स्वर्ण हौदा (गोल्डन हाउदाह) का स्वामित्व किसके पास है?
प्रमोदा देवी वाडियार के अनुसार स्वर्ण हौदा और शाही सिंहासन शाही परिवार की निजी संपत्ति हैं और किसी सरकारी कानून के दायरे में नहीं आते। सरकार दशहरा जुलूस में इसके उपयोग के लिए शाही परिवार से पूर्व-अनुमति लेती है और उसी के बदले भुगतान करती है।
CM डीके शिवकुमार ने इस विवाद पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक का शाही परिवार उनके लिए अत्यंत सम्मानित है और वे केवल मीडिया रिपोर्टों के आधार पर प्रतिक्रिया नहीं देंगे। उन्होंने पूरे मामले को देखकर प्रमोदा देवी से व्यक्तिगत बात करने का आश्वासन दिया।
भाजपा इस विवाद में कहाँ खड़ी है?
BJP नेता बीवाई विजयेंद्र ने मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया से माफी की मांग की, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। यतींद्र सिद्दारमैया का कहना था कि उनकी टिप्पणी प्रमोदा देवी के सार्वजनिक बयान के जवाब में थी और वे अपनी बात पर कायम हैं।
आगे क्या होने की संभावना है?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रमोदा देवी से बात करने का आश्वासन दिया है। भविष्य के दशहरा आयोजनों में हाथी चयन और महल प्रशासन के साथ समन्वय को लेकर एक स्थायी व्यवस्था बनाने पर सहमति बनाना इस बातचीत का मुख्य एजेंडा होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 2 सप्ताह पहले
  8. 3 महीने पहले