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मणिपुर: 9 नागा विधायकों ने अमित शाह को पत्र लिखकर कुकी-जो नेताओं की गिरफ्तारी और SoO रद्द करने की मांग की

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मणिपुर: 9 नागा विधायकों ने अमित शाह को पत्र लिखकर कुकी-जो नेताओं की गिरफ्तारी और SoO रद्द करने की मांग की

सारांश

मणिपुर के 9 नागा विधायकों ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कुकी-जो नेताओं की गिरफ्तारी और SoO समझौता रद्द करने की मांग की है। 27 अगस्त के इंफाल-तामेंगलोंग रोड हमले में चार नागरिकों की मौत के बाद यह मांग और तीखी हो गई है। विधायकों ने सरकार समर्थन वापस लेने तक की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

मणिपुर के 9 नागा विधायकों ने 1 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कुकी-जो नेताओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
छह नागा नागरिकों की कथित हत्या और शवों को क्षत-विक्षत करने की जिम्मेदारी सार्वजनिक रूप से लेने वाले नेताओं पर कार्रवाई की माँग।
27 अगस्त को इंफाल-तामेंगलोंग रोड पर हमले में 4 नागा नागरिक मारे गए; लंगका गाँव हमले में 2 किसान मारे गए बताए गए।
विधायकों ने कुकी उग्रवादी समूहों के साथ SoO समझौता तत्काल रद्द करने की मांग की।
डिप्टी सीएम नेमचा किपजेन और उनके पति पर लगाए गए आरोप — स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं।
विधायकों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर मणिपुर सरकार का समर्थन जारी रखना मुश्किल होगा।

मणिपुर के 9 नागा विधायकों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर राज्य में छह नागा नागरिकों की कथित हत्या और उनके शवों को क्षत-विक्षत करने की जिम्मेदारी लेने वाले कुकी-जो नेताओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। 1 सितंबर को सामने आए इस पत्र में विधायकों ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र ने कार्रवाई नहीं की, तो उनके लिए मणिपुर सरकार का समर्थन जारी रखना मुश्किल हो सकता है।

पत्र में क्या मांगें रखी गई हैं

विधायकों ने गृह मंत्री से तीन प्रमुख मांगें की हैं। पहली — उन कुकी-जो नेताओं की तत्काल गिरफ्तारी जिन्होंने सार्वजनिक रूप से छह नागा नागरिकों की हत्या और शवों को क्षत-विक्षत करने की जिम्मेदारी ली। दूसरी — कुकी उग्रवादी समूहों के साथ लागू 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स' (SoO) समझौते को तत्काल रद्द करना, जिसका बार-बार उल्लंघन और नागरिकों पर हमले हुए बताए गए हैं। तीसरी — डिप्टी सीएम नेमचा किपजेन और उनके पति केएनएफ-पी के थांगबोई किपजेन के खिलाफ कार्रवाई — हालाँकि पत्र में लगाए गए ये आरोप स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

मुख्य घटनाक्रम जिनका पत्र में उल्लेख

पत्र में 27 अगस्त को इंफाल-तामेंगलोंग रोड पर हुए उस हमले का विशेष उल्लेख है जिसमें चार नागा नागरिक मारे गए थे। इसके अलावा एनएच-202 पर टीएम कासोम में हुई पिछली घटनाओं और लंगका गाँव पर कथित हमले व आगजनी का भी जिक्र किया गया है, जिसमें दो किसान मारे गए बताए जाते हैं।

पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले विधायक

इस पत्र पर डिप्टी सीएम लोसी डिखो, नागा विधायक मंच के संयोजक अवांगबो न्यूमाई, सचिव जे. कुमो शा, एचएसी अध्यक्ष डिंगांगलुंग गंगमेई और विधायक खासिम वाशुम, लेशियो कीशिंग, जांगहेमलुंग पानमेई, राम मुइवाह तथा एस.एस. ओलिष के हस्ताक्षर हैं।

राजनीतिक दबाव और व्यापक संदर्भ

यह मांग ऐसे समय में आई है जब मणिपुर मई 2023 से जातीय हिंसा की चपेट में है और केंद्र सरकार पर शांति बहाली का दबाव लगातार बढ़ रहा है। गौरतलब है कि SoO समझौता केंद्र और राज्य सरकार दोनों के साथ हस्ताक्षरित है, और इसे रद्द करना एक जटिल राजनीतिक और सुरक्षा निर्णय होगा। विधायकों का सरकार समर्थन वापस लेने की चेतावनी देना मणिपुर में सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए एक नई चुनौती पेश करता है।

आगे क्या हो सकता है

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मणिपुर में जातीय तनाव की पृष्ठभूमि में यह पत्र राज्य की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है और केंद्र को शीघ्र निर्णय लेने के लिए बाध्य कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक स्थिरता के लिए भी खतरा बन चुकी है। SoO समझौते को रद्द करने की मांग पर ध्यान देना ज़रूरी है — यह समझौता केंद्र की उस शांति-प्रक्रिया की रीढ़ है जो वर्षों की वार्ता पर टिकी है; इसे रद्द करना समस्या सुलझाने से ज़्यादा नई उलझनें पैदा कर सकता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि डिप्टी सीएम नेमचा किपजेन पर लगाए गए आरोप सत्यापित नहीं हैं, और इन्हें बिना जाँच के तथ्य की तरह प्रसारित करना पत्रकारिता की जिम्मेदारी के विरुद्ध होगा।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मणिपुर के नागा विधायकों ने अमित शाह को पत्र क्यों लिखा?
9 नागा विधायकों ने गृह मंत्री अमित शाह से छह नागा नागरिकों की कथित हत्या और शवों को क्षत-विक्षत करने की जिम्मेदारी लेने वाले कुकी-जो नेताओं की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने SoO समझौता रद्द करने और कार्रवाई न होने पर सरकार समर्थन वापस लेने की चेतावनी भी दी है।
SoO समझौता क्या है और इसे रद्द करने की मांग क्यों हो रही है?
'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स' (SoO) एक समझौता है जिसके तहत कुकी उग्रवादी समूह केंद्र और राज्य सरकार के साथ युद्धविराम में हैं। नागा विधायकों का आरोप है कि इस समझौते का बार-बार उल्लंघन हुआ है और नागरिकों पर हमले जारी हैं, इसलिए इसे तत्काल रद्द किया जाए।
27 अगस्त को इंफाल-तामेंगलोंग रोड पर क्या हुआ था?
27 अगस्त को इंफाल-तामेंगलोंग रोड पर हुए एक हमले में चार नागा नागरिक मारे गए थे। इस घटना का उल्लेख पत्र में प्रमुखता से किया गया है और इसे कुकी उग्रवादी समूहों से जोड़ा गया है, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
डिप्टी सीएम नेमचा किपजेन पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
नागा विधायकों ने पत्र में डिप्टी सीएम नेमचा किपजेन और उनके पति केएनएफ-पी के थांगबोई किपजेन पर कुकी उग्रवादी समूह और हाल की हिंसक घटनाओं के बीच संबंध होने का आरोप लगाया है। हालाँकि ये आरोप केवल पत्र में हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
इस पत्र का मणिपुर की राजनीति पर क्या असर हो सकता है?
9 नागा विधायकों का सरकार समर्थन वापस लेने की चेतावनी देना मणिपुर के सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए एक गंभीर राजनीतिक संकट बन सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रतिक्रिया और उसके बाद के घटनाक्रम राज्य की राजनीतिक स्थिरता को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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