नागपुर म्हाडा साइट पर क्रेन हादसा: 2 मजदूरों की मौत, 2 घायल; पुलिस ने दर्ज किया मामला
सारांश
मुख्य बातें
नागपुर के गणेशपेठ इलाके में स्थित महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) परिसर के निर्माण स्थल पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को एक क्रेन का ऊपरी हिस्सा टूटकर गिरने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब टेक्सटाइल पार्क और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स निर्माण कार्य के दौरान लगभग 100 फीट की ऊँचाई से क्रेन का एक हिस्सा नीचे आकर पास खड़ी दूसरी क्रेन से टकरा गया।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) जोन 2 राहुल मदने के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10:30 बजे IST निर्माण स्थल पर दो क्रेनें सक्रिय थीं। क्रेन ऑपरेटर सहित 3 मजदूर काम कर रहे थे, तभी एक क्रेन अचानक असंतुलित होकर गिर पड़ी। इसका ऊपरी हिस्सा 100 फीट की ऊँचाई से टूटकर नीचे आया और दूसरी क्रेन से जा टकराया।
गौरतलब है कि टूटा हुआ क्रेन-हिस्सा दूसरी क्रेन से महज 30 फीट दूर स्थित मुख्य सड़क पर नहीं गिरा, जिससे राहगीरों के बीच एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
मृतकों और घायलों की पहचान
डीसीपी मदने ने बताया कि दोनों मृतकों की पहचान भंडारा निवासी विश्वनाथ कटारे और उत्तर प्रदेश निवासी मुकेश निषाद के रूप में हुई है। दुर्घटना के समय दोनों स्ट्रक्चर के ऊपर मौजूद थे। घायल दोनों मजदूर झारखंड के निवासी बताए जा रहे हैं और फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज जारी है।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। यह हादसा श्रमिकों की सुरक्षा और साइट पर्यवेक्षण व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
ठेकेदार कंपनी और निर्माण कार्य
म्हाडा परिसर में टेक्सटाइल पार्क और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण का ठेका 'बी.जी. शिर्के कंस्ट्रक्शन कंपनी' को दिया गया है। डीसीपी के अनुसार, साइट पर 'विजय शिर्के' की कंपनी निर्माण कार्य संचालित कर रही है। कंपनी के सुपरवाइजर स्टाफ से जानकारी जुटाई जा रही है।
काम रोकने का निर्णय कंपनी पर छोड़ा गया है। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (एक्सीडेंटल डेथ) का मामला दर्ज कर लिया है।
जाँच और आगे की कार्रवाई
क्रेन के गिरने के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए संबंधित मैकेनिकल विभाग के अधिकारियों से परामर्श किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जाँच में तकनीकी खामी या रखरखाव की लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, हालाँकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
इस हादसे के बाद म्हाडा एवं अन्य सरकारी निर्माण परियोजनाओं पर सुरक्षा ऑडिट की माँग उठने की संभावना है। जाँच के नतीजे और कंपनी के खिलाफ संभावित कार्रवाई आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।