क्या नए लेबर कोड मजदूरों के लिए लाभकारी हैं?: दीपक प्रसाद साहू
सारांश
मुख्य बातें
संबलपुर, 22 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार द्वारा लेबर कोड में किए गए संशोधनों के चलते मजदूरों में खुशी का माहौल है। ओडिशा के संबलपुर में मजदूरों ने शनिवार को कहा कि नए लेबर कानून सुधार भारत के श्रमिक वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं।
सरकार ने पहले के 29 लेबर कोड को चार नए कोड में परिवर्तित किया है। इनमें कोड ऑन वेजेज, 2019, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, 2020, कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020, और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, 2020 शामिल हैं। इसके परिणामस्वरूप अब मजदूरों को कई लाभ मिलने की संभावना है।
ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संपादक दीपक प्रसाद साहू ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि पूर्व सरकार द्वारा बनाए गए 29 नियमों की जानकारी मजदूरों को नहीं थी। लेकिन अब जब सरकार ने केवल चार नियमों को लागू किया है, तो यह सभी के लिए समझना आसान हो गया है और वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकते हैं। भविष्य में यह सभी के लिए और भी बेहतर हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि पूर्व नियमों के बारे में मजदूरों को कोई जानकारी नहीं होती थी, क्योंकि वे पढ़े-लिखे नहीं होते थे और उन्हें समझने में कठिनाई होती थी। अगर हम अपने हक के लिए नियम जानने के लिए जाते थे, तो सरकारी कार्यालयों में 29 नियमों का कोई भी विवरण नहीं देता था, जिसके कारण हमें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। मैं यह कहना चाहता हूं कि जो नए नियम आए हैं, वे बहुत लाभकारी सिद्ध होने वाले हैं।
हीराकुड हिंडाल्को के कर्मचारी लक्ष्मण प्रसाद महापात्रा ने कहा कि पहले की सरकार के नियमों में बहुत कुछ था, जिसे हम नहीं जान पाते थे, लेकिन अब चार नियम होने से हमें बहुत लाभ हो रहा है। इनमें सबसे अच्छी बात यह है कि अब हमारी मेडिकल जांच साल में एक बार कराई जाएगी, जिससे मजदूरों को काफी लाभ होगा। इसके लिए हम केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हैं।
आदित्य बिड़ला हिंडाल्को हीराकुड के कर्मचारी तर्पण प्रधान ने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए नए नियम बहुत अच्छे हैं। इनमें एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार दिए जा रहे हैं। इस लिए हम सभी सरकार का आभार व्यक्त करते हैं।