एनसीपी की 2029 चुनाव रणनीति: बूथ स्तर तक संगठन, 22 जिला परिषदों के लिए विशेष समिति गठित
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की कोर कमेटी की बैठक सोमवार, 31 अगस्त को मुंबई में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 22 जिला परिषद चुनावों की तैयारी को लेकर विस्तृत रणनीति पर मंथन किया गया। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ करने और मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ाने को प्राथमिकता दी गई।
मुख्य घटनाक्रम
बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने जानकारी दी कि 22 जिला परिषद चुनावों की तैयारी की देखरेख के लिए पूर्व मंत्री दिलीप वलसे पाटिल की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये चुनाव ओबीसी आरक्षण पर सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम फैसले के बाद ही आयोजित हो सकेंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, यह समिति सभी 22 जिला परिषद क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन करेगी। समिति यह भी तय करेगी कि एनसीपी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़े अथवा महायुति गठबंधन के भीतर अधिक सीटों की मांग रखे।
मतदाता सूची और 'माय बूथ, माय विलेज' अभियान
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान का लाभ उठाने के लिए पूर्व मंत्री नवाब मलिक की अध्यक्षता में एक पृथक टीम बनाई गई है। इस टीम की जिम्मेदारी होगी कि पार्टी समर्थकों के नाम मतदाता सूची में सटीक रूप से दर्ज रहें।
बैठक में 'माय बूथ, माय विलेज' अभियान को तीव्र गति से लागू करने पर विशेष बल दिया गया। इस अभियान का लक्ष्य ग्राम और बूथ स्तर पर पार्टी की उपस्थिति को इतना सशक्त बनाना है कि भावी निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन और सीमांकन परिवर्तनों का भी सफलतापूर्वक सामना किया जा सके।
नासिक में 'चिंतन शिविर' की घोषणा
तटकरे ने घोषणा की कि 27 सितंबर को नासिक में एक दिवसीय 'चिंतन शिविर' आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में पार्टी के भविष्य और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श होगा। कोर कमेटी ने 2029 के चुनावों में पार्टी की वर्तमान शक्ति — 1 सांसद और 41 विधायक — को और बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
पृष्ठभूमि और संगठनात्मक सुधार
यह बैठक 22 अगस्त को हुई पिछली कोर कमेटी बैठक के बाद आयोजित की गई, जिसमें चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर द्वारा सुझाए गए संगठनात्मक सुधारों पर विचार हुआ था। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी 2024 के विधानसभा चुनावों में मिली सफलता को आधार बनाकर अपनी जड़ें और गहरी करना चाहती है।
पार्टी के भीतर प्रशासनिक सवाल
हालांकि, पार्टी के भीतर कुछ प्रशासनिक प्रश्न अभी भी अनुत्तरित हैं। पूर्व राष्ट्रीय सचिव सच्चिदानंद सिंह ने सुनेत्रा पवार के 26 फरवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया को लेकर जुलाई और अगस्त में कई पत्र भेजे थे, जिनका औपचारिक जवाब अभी तक नहीं दिया गया है। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारी में पूरी तरह जुटा हुआ है। आने वाले महीनों में नासिक चिंतन शिविर और जिला दौरों से यह स्पष्ट होगा कि एनसीपी की जमीनी रणनीति कितनी प्रभावी रूप में मूर्त रूप ले पाती है।