क्या एनडीए के प्रत्याशी की जीत निश्चित है? : ओम प्रकाश राजभर

सारांश
Key Takeaways
- एनडीए की जीत का दावा
- कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा की आलोचना
- भाजपा और कांग्रेस के बीच वोट चोरी का आरोप
- अखिलेश यादव की राजनीतिक रणनीति
- तेजस्वी यादव का कांग्रेस के साथ संबंध
लखनऊ, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर कहा कि सभी लोग अपने-अपने प्रत्याशी के समर्थन में तर्क दे रहे हैं। लेकिन, मैं एक बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस चुनाव में जीत एनडीए के प्रत्याशी की होगी। इसमें कोई संदेह नहीं है। हमारी स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' को निरर्थक करार दिया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से कोई भी परिणाम नहीं निकलने वाला है। मैं यह भी कहना चाहता हूं कि अगर 'वोट चोरी' की शुरुआत किसी ने की थी, तो वो कांग्रेस ही है। कांग्रेस ने 1952 में डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के साथ 78 हजार वोटों की चोरी की थी। अब रामपुर के प्रत्याशी को कांग्रेस ने हराया। वाराणसी में मतपेटी को गंगा में फेंकवा दिया गया। इसके बाद दूसरी मतपेटी लाकर प्रत्याशी को जितवाया गया। इस प्रकार से 'वोट चोरी' की शुरुआत सबसे पहले कांग्रेस ने ही की। 2014 में चुनाव कांग्रेस के शासनकाल में हुए और उस समय 282 सीटें भाजपा ने जीती थीं। जब कांग्रेस 'वोट चोरी' के आरोप लगा रही है, तो यह सवाल उठता है कि भाजपा को 240 सीटें ही क्यों मिलीं?
उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने मध्य प्रदेश में लोगों से अपील की थी कि कांग्रेस को किसी भी हाल में वोट न दें। जब मुस्लिमों ने मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाई, तो उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि कांग्रेस भाजपा की बी टीम है। अब अखिलेश यादव फिर से उसी रथ पर सवार होने जा रहे हैं। इससे यह साफ हो रहा है कि उनका खुद का कोई वजूद नहीं है।
उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव आज कांग्रेस के रथ पर सवार हो रहे हैं। लेकिन, वे यह भूल रहे हैं कि लालू यादव को जेल भेजने वाली कांग्रेस ही थी। राजद के लोग चिल्लाकर कांग्रेस को कोसते थे कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। लेकिन अब तेजस्वी यादव कांग्रेस के रथ पर सवार हो रहे हैं। जनता सब कुछ जानती है। यह लोग जनता को बेवकूफ नहीं बना पाएंगे।
उन्होंने कहा कि पूजा पाल ने सदन में सही बात कही थी। उन्होंने कहा था कि उनके पति के हत्यारे को सजा दिलाने का काम योगी सरकार ने किया था। इतना कहने पर उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया। इस तरह से हम देख सकते हैं कि महिलाओं और पिछड़ों के साथ समाजवादी पार्टी ने अन्याय किया। इसी तरह से समाजवादी पार्टी पीडीए-पीडीए रटती है। लेकिन ये लोग उनके साथ भी अन्याय करते हैं।