तेजस्वी यादव पर NDA का वार: 'पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन' का तमगा, बांकीपुर उपचुनाव से पहले गैरहाजिरी पर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने 28 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर एक साथ निशाना साधा — उन्हें 'पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन' करार देते हुए राज्य की राजनीति से उनकी लंबी अनुपस्थिति को मुद्दा बनाया। यह हमला बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के अंतिम चरण में आया, जहाँ 30 जुलाई को मतदान होना है।
मंत्री रामकृपाल यादव का पलटवार
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने तेजस्वी के बांकीपुर रोड शो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'मुझे कल ही पता चला। सुना है कि वह विदेश, नॉर्वे या कहीं और गए थे। अब थकान मिटाकर आए हैं। लेकिन उन्हें यहां रहकर काम करना चाहिए था। अगर आप नहीं थे, तो भी आपकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और दूसरे नेताओं को बाहर आकर काम करना चाहिए था।' रामकृपाल ने स्पष्ट किया कि इस देर से की गई सक्रियता का बांकीपुर में कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
BJP प्रदेश अध्यक्ष का 'पार्ट-टाइम' आरोप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने तेजस्वी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, 'क्या तेजस्वी यादव को बिहार की परवाह है? वह पार्ट-टाइम पॉलिटिशियन बन गए हैं। वह महीने में एक बार यहां आते हैं और आंदोलनों और बिहार के बारे में बात करते हैं। एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया गया था और वह एक दिन के लिए भी वहां नहीं थे।' सरावगी ने आगे जोड़ा, 'वह लगातार गायब रहते हैं। क्या उन्हें यहां के छात्रों और युवाओं की परवाह है? फिर वह आते हैं, चार दिनों तक बोलते हैं, लोग इसे मीडिया पर दिखाते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। यही कारण है कि अब कोई भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेता।'
JDU का 'प्रवासी बिहारी' तंज
जनता दल (यूनाइटेड) के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी इस मौके पर चुटकी लेते हुए कहा, 'तेजस्वी यादव खुद एक प्रवासी बिहारी हैं।' यह टिप्पणी उस संदर्भ में आई जब तेजस्वी की विदेश यात्रा और बिहार विधानसभा सत्र के दौरान उनकी अनुपस्थिति पहले से चर्चा में थी।
बांकीपुर उपचुनाव: आखिरी दौर का माहौल
गौरतलब है कि ये सभी बयान ऐसे समय में आए जब बांकीपुर उपचुनाव का प्रचार अपने चरम पर था। तेजस्वी यादव ने सोमवार, 28 जुलाई को पटना में रोड शो किया। मंगलवार शाम तक प्रचार समाप्त हो जाना था, मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना 3 अगस्त को निर्धारित है। यह उपचुनाव बिहार की राजनीतिक दिशा का एक अहम संकेतक माना जा रहा है, क्योंकि बांकीपुर पटना का एक प्रतिष्ठित शहरी क्षेत्र है।
राजनीतिक संदर्भ
यह पहली बार नहीं है जब NDA ने तेजस्वी की अनुपस्थिति को राजनीतिक हथियार बनाया हो। आलोचकों का कहना है कि विपक्ष के नेता की विधानसभा सत्र और राज्य के प्रमुख मुद्दों से दूरी RJD की ज़मीनी पकड़ को कमज़ोर करती है। वहीं, RJD समर्थकों का तर्क है कि तेजस्वी की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सक्रियता पार्टी के विस्तार के लिए ज़रूरी है। 3 अगस्त को आने वाले नतीजे तय करेंगे कि मतदाताओं ने इस बहस को किस तरह देखा।