23 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक: रांची में कांग्रेस का BJP कार्यालय घेराव, दोनों पक्षों में अंडे-टमाटर की जंग

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नीट पेपर लीक: रांची में कांग्रेस का BJP कार्यालय घेराव, दोनों पक्षों में अंडे-टमाटर की जंग

सारांश

नीट पेपर लीक विवाद रांची की सड़कों पर उतर आया — कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने BJP कार्यालय घेरने की कोशिश की, दोनों पक्षों के बीच अंडे-टमाटर उछले और हरमू रोड पुलिस छावनी में तब्दील हो गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग के साथ यह टकराव झारखंड की राजनीति में नया अध्याय जोड़ता है।

मुख्य बातें

23 जुलाई को रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक के विरोध में BJP प्रदेश कार्यालय घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया।
प्रदर्शनकारियों को हरमू रोड पर कार्यालय से करीब 100 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग से रोका गया।
दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच अंडे, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी गईं; कुछ BJP कार्यकर्ता दमकल वाहन पर चढ़ गए।
कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट मामले में जवाबदेही की माँग की।
पुलिस, रैपिड एक्शन टीम और वरिष्ठ अधिकारियों की भारी तैनाती के बाद स्थिति नियंत्रण में आई; हरमू रोड पर यातायात डायवर्ट किया गया।
एक दिन पहले BJP कार्यकर्ताओं ने 14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर JPSC कार्यालय घेरा था।

नीट पेपर लीक मामले को लेकर रांची में 23 जुलाई को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जब कांग्रेस ने हरमू रोड स्थित BJP प्रदेश कार्यालय का घेराव करने का कार्यक्रम आयोजित किया। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी के साथ-साथ अंडे, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस, रैपिड एक्शन टीम और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को भारी संख्या में तैनात करना पड़ा।

मुख्य घटनाक्रम

कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता हरमू रोड स्थित BJP प्रदेश कार्यालय की ओर मार्च करते हुए पहुंचे। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे और नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की आवाज़ उठा रहे थे। प्रशासन ने कार्यालय से करीब 100 मीटर पहले ही कई स्तरों पर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोका।

बैरिकेडिंग के सामने प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया और अवरोधकों को हटाने की कोशिश की, जिसके दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।

दोनों पक्षों में टकराव

BJP कार्यालय के बाहर पहले से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे, जो हाथों में पार्टी के झंडे लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ नारे लगा रहे थे। दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आते ही माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर अंडे, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी गईं। कुछ BJP कार्यकर्ता दमकल वाहन के ऊपर चढ़ गए, जहाँ से उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर टमाटर और अंडे फेंके। जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से भी अंडे और अन्य वस्तुएँ उछाली गईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हरमू रोड और आसपास के इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन टीम और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर तैनात किए गए। पुलिस लगातार दोनों पक्षों को आमने-सामने आने से रोकने का प्रयास करती रही।

प्रदर्शन के कारण हरमू रोड पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने कई मार्गों पर वाहनों का डायवर्जन किया।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

गौरतलब है कि इस घटना से एक दिन पहले BJP और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ताओं ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर JPSC कार्यालय का घेराव किया था। उसके बाद BJP कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय तक पहुँच गए थे, जहाँ दोनों दलों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद पूरे देश में राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।

आगे की स्थिति

रांची में दोनों दलों के बीच यह टकराव झारखंड की राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण का संकेत है। नीट विवाद को लेकर विपक्षी दलों का आक्रामक रुख और सत्तारूढ़ BJP की जवाबी कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें विपक्ष परीक्षा-प्रणाली की विफलताओं को सत्तारूढ़ दल की जवाबदेही से जोड़ रहा है। चिंताजनक यह है कि दोनों दलों के कार्यकर्ता सड़क पर भिड़े, जबकि असली सवाल — लाखों छात्रों के भविष्य और परीक्षा-प्रणाली की विश्वसनीयता — संसदीय बहस और न्यायिक जाँच का विषय होना चाहिए। BJP-JPSC घेराव के ठीक अगले दिन कांग्रेस का BJP कार्यालय घेराव बताता है कि दोनों दल एक-दूसरे को जवाब देने की होड़ में हैं, जिसमें छात्रों की पीड़ा राजनीतिक हथियार बनती जा रही है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची में नीट विरोध प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
23 जुलाई को रांची में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरमू रोड स्थित BJP प्रदेश कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की। पुलिस बैरिकेडिंग के बाद दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आए और एक-दूसरे पर अंडे, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी गईं।
कांग्रेस ने BJP कार्यालय का घेराव क्यों किया?
कांग्रेस ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मामले में जवाबदेही तय करने की माँग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित किया था। नीट विवाद पूरे देश में विपक्ष के निशाने पर है।
रांची में पुलिस ने स्थिति कैसे संभाली?
प्रशासन ने BJP कार्यालय से करीब 100 मीटर पहले कई स्तरों पर बैरिकेडिंग लगाई। बाद में हरमू रोड और आसपास के इलाके में पुलिस बल, रैपिड एक्शन टीम और वरिष्ठ अधिकारियों की भारी तैनाती की गई और कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया।
क्या इससे पहले भी रांची में BJP-कांग्रेस के बीच तनाव था?
हाँ, एक दिन पहले BJP और BJYM कार्यकर्ताओं ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर JPSC कार्यालय का घेराव किया था। उसके बाद BJP कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय तक पहुँचे थे, जिससे दोनों दलों के बीच तनाव बना था।
नीट पेपर लीक विवाद क्या है और इसका राजनीतिक असर क्यों हो रहा है?
नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) पेपर लीक मामले में लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्षी दल इसे केंद्र सरकार की परीक्षा-प्रणाली की विफलता बताते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
राष्ट्र प्रेस
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