निमुबेन बंभाणिया ने वडोदरा के एफसीआई साइलो प्लांट का निरीक्षण किया, खाद्यान्न भंडारण तकनीक की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभाणिया ने 13 सितंबर 2026 को गुजरात के वडोदरा जिले के कायावरोहण स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के आधुनिक साइलो प्लांट का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरे में उन्होंने खाद्यान्न भंडारण प्रणाली, स्वचालित अनाज प्रबंधन व्यवस्था और प्रयोगशाला सुविधाओं का जायजा लिया।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री बंभाणिया ने साइलो प्लांट की विभिन्न सुविधाओं का क्रमबद्ध निरीक्षण किया, जिसमें गेहूं की खरीद, रेलवे वैगनों की स्वचालित हैंडलिंग, ऑटोमेशन सिस्टम और प्रयोगशाला सुविधाएँ शामिल रहीं। एफसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें प्लांट की संचालन व्यवस्था और कार्यप्रणाली की जानकारी दी।
उन्होंने खाद्यान्नों के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण के लिए अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों पर भी अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। यह दौरा ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब केंद्र सरकार खाद्यान्न भंडारण के बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने पर ज़ोर दे रही है।
साइलो प्लांट की विशेषताएँ
वडोदरा के कायावरोहण स्थित यह एफसीआई साइलो प्लांट स्वचालित अनाज प्रबंधन प्रणाली से लैस है, जो पारंपरिक गोदामों की तुलना में खाद्यान्न की बर्बादी को कम करने में सहायक है। प्लांट में गेहूं से लदे रेलवे वैगनों की हैंडलिंग के लिए भी आधुनिक व्यवस्था उपलब्ध है, जिससे अनाज के परिवहन और भंडारण की प्रक्रिया अधिक कुशल बनती है।
गौरतलब है कि एफसीआई देशभर में खाद्यान्न भंडारण क्षमता के आधुनिकीकरण की दिशा में लगातार काम कर रहा है, और साइलो-आधारित भंडारण इस प्रयास का एक अहम हिस्सा है।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
दौरे के दौरान मंत्री बंभाणिया ने परिसर में आयोजित पौधारोपण अभियान में भी सक्रिय रूप से भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह कदम सरकार की 'हरित भारत' पहल के अनुरूप है।
मौजूद अधिकारी
इस निरीक्षण दौरे के अवसर पर एफसीआई गुजरात क्षेत्र के महाप्रबंधक सुदेश कुमार यादव, उप महाप्रबंधक अमित तिवारी, एफसीआई वडोदरा मंडल के मंडल प्रबंधक श्याम लाल सहित एफसीआई के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आगे की संभावनाएँ
इस उच्चस्तरीय निरीक्षण के बाद उम्मीद की जा रही है कि वडोदरा के एफसीआई साइलो प्लांट की क्षमता और संचालन दक्षता को और बेहतर बनाने की दिशा में आगे कदम उठाए जाएंगे। खाद्यान्न भंडारण के आधुनिकीकरण से न केवल अनाज की बर्बादी रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।