2 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नितेश राणे का इंडिया गठबंधन पर हमला: 'यह लड़ाई शरिया और संविधान के बीच है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नितेश राणे का इंडिया गठबंधन पर हमला: 'यह लड़ाई शरिया और संविधान के बीच है'

सारांश

महाराष्ट्र मंत्री नितेश राणे ने इंडिया गठबंधन पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि गठबंधन शरिया लागू करना चाहता है और संविधान का विरोधी है। रामलीला मैदान रैली को 'फ्लॉप शो' कहा और दीया मिर्ज़ा की दिवाली पोस्ट पर भी आपत्ति जताई।

मुख्य बातें

नितेश राणे ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन देश में शरिया कानून लागू करना चाहता है।
राणे ने कहा कि गठबंधन डॉ.
भीमराव अंबेडकर के बनाए संविधान का विरोध करता है।
रामलीला मैदान रैली को 'फ्लॉप शो' करार दिया, दावा किया कि वीडियो में खाली कुर्सियाँ दिखीं।
राहुल गांधी के शिव तांडव बयान पर पलटवार करते हुए मुस्लिम लीग नेताओं से भी सवाल पूछने की माँग की।
अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा की दिवाली पोस्ट पर आपत्ति — कहा, ईद-बकरीद पर वैसी सलाह नहीं दी जाती।

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने 2 नवंबर 2026 को पत्रकारों से बातचीत में इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन देश में शरिया कानून लागू करना चाहता है और वह डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का विरोधी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली पूरी तरह 'फ्लॉप' रही।

मुख्य आरोप और बयान

राणे ने कहा, 'लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए या नहीं? इंडिया गठबंधन के लोग देश में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। वे बाबा साहेब अंबेडकर और उनके बनाए संविधान के विरोधी हैं। इसलिए वे चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को नहीं चाहते।' उनके अनुसार, विपक्षी गठबंधन पूरे संवैधानिक ढाँचे और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त कर शरिया लागू करने का इरादा रखता है।

राणे ने आगे कहा, 'यह लड़ाई शरिया और संविधान के बीच की है और हम संविधान की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। इसी वजह से देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हम रैलियाँ आयोजित कर रहे हैं।'

रामलीला मैदान रैली पर निशाना

राणे ने रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली को 'फ्लॉप शो' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में खाली कुर्सियाँ नज़र आ रही थीं और अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई। राणे ने कहा, 'अगर किसी फिल्म का हीरो ही फ्लॉप हो जाए तो फिल्म का फ्लॉप होना तय है।' गौरतलब है कि यह रैली विपक्ष द्वारा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर आयोजित की गई थी।

राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा रैली के दौरान शिव तांडव और शिव भारत को लेकर दिए गए बयान पर राणे ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म की विशेषता समावेशिता है। हालाँकि उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या हिंदुओं का ईद और मुहर्रम जैसे आयोजनों में उसी तरह स्वागत किया जाता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मंच पर मौजूद मुस्लिम लीग के नेताओं और धर्मगुरुओं से भी यही सवाल पूछना चाहिए था।

दीया मिर्ज़ा की पोस्ट पर राणे की आपत्ति

राणे ने बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा की उस सोशल मीडिया पोस्ट पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने लोगों से पर्यावरण-अनुकूल तरीके से दिवाली मनाने की अपील की थी। राणे ने कहा, 'दीया मिर्ज़ा ने दिवाली को लेकर जैसी सलाह दी है, वैसी सलाह उन्हें ईद, मुहर्रम या बकरीद के दौरान देते हुए नहीं देखा जाता।' उन्होंने जोड़ा कि जब सभी त्योहारों पर समान रूप से पर्यावरण की बात होगी, तभी इसे निष्पक्ष राय माना जाएगा।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज़ हैं और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन तथा विपक्षी इंडिया गठबंधन दोनों आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। राणे के ये आरोप इंडिया गठबंधन पर पलटवार की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से और तीखे बयान अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऐसे दावे विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ध्रुवीकरण की सुनियोजित रणनीति की तरह दिखते हैं। रामलीला मैदान रैली की भीड़ को लेकर दोनों पक्षों के दावे परस्पर विरोधी हैं और स्वतंत्र सत्यापन की दरकार है। दीया मिर्ज़ा प्रकरण इस बात की बानगी है कि कैसे सेलेब्रिटी की पर्यावरण-संबंधी अपील को भी सांप्रदायिक राजनीति के औज़ार में बदल दिया जाता है। मुख्यधारा की कवरेज इन बयानों की सनसनी में बह जाती है — असली सवाल यह है कि क्या मतदाता इस भाषा से थक चुके हैं या यह उन्हें और एकजुट करती है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नितेश राणे ने इंडिया गठबंधन पर क्या आरोप लगाए?
नितेश राणे ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन देश में शरिया कानून लागू करना चाहता है और वह डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का विरोधी है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय सहित पूरे संवैधानिक ढाँचे को खत्म करना चाहता है।
रामलीला मैदान रैली को लेकर राणे ने क्या दावा किया?
राणे ने दावा किया कि रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी और वीडियो में खाली कुर्सियाँ नज़र आईं। उन्होंने रैली को 'फ्लॉप शो' करार दिया।
राहुल गांधी के शिव तांडव बयान पर राणे ने क्या कहा?
राणे ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म की विशेषता समावेशिता है और कोई भी इसमें शामिल हो सकता है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हिंदुओं का ईद और मुहर्रम जैसे आयोजनों में उसी तरह स्वागत होता है, और कहा कि राहुल गांधी को मंच पर मौजूद मुस्लिम लीग नेताओं से भी यही सवाल पूछना चाहिए था।
दीया मिर्ज़ा की दिवाली पोस्ट पर राणे ने आपत्ति क्यों जताई?
राणे ने कहा कि दीया मिर्ज़ा पर्यावरण-अनुकूल दिवाली मनाने की सलाह तो देती हैं, लेकिन ईद, मुहर्रम या बकरीद पर ऐसी सलाह नहीं देतीं। उनके अनुसार, जब सभी त्योहारों पर समान सलाह दी जाए तभी उसे निष्पक्ष माना जा सकता है।
महाराष्ट्र में यह राजनीतिक बयानबाज़ी किस संदर्भ में आई?
यह बयान महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच आया है, जब सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी इंडिया गठबंधन दोनों आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। राणे देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रमुख प्रचारकों में से हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 6 घंटे पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 4 सप्ताह पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले