नितेश राणे का इंडिया गठबंधन पर हमला: 'यह लड़ाई शरिया और संविधान के बीच है'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने 2 नवंबर 2026 को पत्रकारों से बातचीत में इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन देश में शरिया कानून लागू करना चाहता है और वह डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का विरोधी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली पूरी तरह 'फ्लॉप' रही।
मुख्य आरोप और बयान
राणे ने कहा, 'लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए या नहीं? इंडिया गठबंधन के लोग देश में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। वे बाबा साहेब अंबेडकर और उनके बनाए संविधान के विरोधी हैं। इसलिए वे चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को नहीं चाहते।' उनके अनुसार, विपक्षी गठबंधन पूरे संवैधानिक ढाँचे और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त कर शरिया लागू करने का इरादा रखता है।
राणे ने आगे कहा, 'यह लड़ाई शरिया और संविधान के बीच की है और हम संविधान की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। इसी वजह से देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हम रैलियाँ आयोजित कर रहे हैं।'
रामलीला मैदान रैली पर निशाना
राणे ने रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया गठबंधन की रैली को 'फ्लॉप शो' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में खाली कुर्सियाँ नज़र आ रही थीं और अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई। राणे ने कहा, 'अगर किसी फिल्म का हीरो ही फ्लॉप हो जाए तो फिल्म का फ्लॉप होना तय है।' गौरतलब है कि यह रैली विपक्ष द्वारा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर आयोजित की गई थी।
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा रैली के दौरान शिव तांडव और शिव भारत को लेकर दिए गए बयान पर राणे ने कहा कि सनातन हिंदू धर्म की विशेषता समावेशिता है। हालाँकि उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या हिंदुओं का ईद और मुहर्रम जैसे आयोजनों में उसी तरह स्वागत किया जाता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को मंच पर मौजूद मुस्लिम लीग के नेताओं और धर्मगुरुओं से भी यही सवाल पूछना चाहिए था।
दीया मिर्ज़ा की पोस्ट पर राणे की आपत्ति
राणे ने बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्ज़ा की उस सोशल मीडिया पोस्ट पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने लोगों से पर्यावरण-अनुकूल तरीके से दिवाली मनाने की अपील की थी। राणे ने कहा, 'दीया मिर्ज़ा ने दिवाली को लेकर जैसी सलाह दी है, वैसी सलाह उन्हें ईद, मुहर्रम या बकरीद के दौरान देते हुए नहीं देखा जाता।' उन्होंने जोड़ा कि जब सभी त्योहारों पर समान रूप से पर्यावरण की बात होगी, तभी इसे निष्पक्ष राय माना जाएगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियाँ तेज़ हैं और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन तथा विपक्षी इंडिया गठबंधन दोनों आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं। राणे के ये आरोप इंडिया गठबंधन पर पलटवार की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से और तीखे बयान अपेक्षित हैं।