नीति आयोग ने निर्माण कार्यों पर 2 साल की रोक की सिफारिश से किया इनकार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीति आयोग ने निर्माण कार्यों पर 2 साल की रोक की सिफारिश से किया इनकार

सारांश

नीति आयोग ने उस वायरल रिपोर्ट को झूठा बताया जिसमें दावा था कि पश्चिम एशिया संकट के कारण देश में निर्माण कार्यों पर 2 साल की रोक लगाने की सिफारिश की गई है। आयोग ने एक्स पर पोस्ट कर साफ किया कि ऐसी कोई सलाह नहीं दी गई और मंत्रालय अपने पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रखे हुए हैं।

मुख्य बातें

नीति आयोग ने 12 मई को निर्माण कार्यों पर 2 साल की रोक की सिफारिश के दावों को आधारहीन बताया।
आयोग ने एक्स पर पोस्ट कर कहा — ऐसी कोई सिफारिश उसकी ओर से नहीं की गई है।
संबंधित मंत्रालय निर्माण भवन , उद्योग भवन और शास्त्री भवन के पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रखे हुए हैं।
वायरल रिपोर्ट में दावा था कि वेस्ट एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई प्रभावित होने के कारण मितव्ययिता उपायों की सिफारिश की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन खपत कम करने की अपील के बाद इस खबर को और अधिक चर्चा मिली थी।

सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग ने 12 मई को उन मीडिया रिपोर्टों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया संकट और बढ़ते आर्थिक दबावों के चलते देश भर में बड़े निर्माण और तोड़फोड़ (डिमोलिशन) कार्यों पर 2 साल की रोक लगाने की सिफारिश की गई है। आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई भी सिफारिश उसकी ओर से नहीं की गई है।

नीति आयोग का आधिकारिक स्पष्टीकरण

नीति आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा,

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीति आयोग ने निर्माण कार्यों पर रोक की सिफारिश के बारे में क्या कहा?
नीति आयोग ने स्पष्ट किया कि उसने निर्माण कार्यों पर किसी भी प्रकार की रोक लगाने की कोई सिफारिश नहीं की है। यह बयान 12 मई को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के सीधे जवाब में जारी किया गया।
वायरल रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?
रिपोर्ट में दावा था कि वेस्ट एशिया संकट के कारण बढ़ती निर्माण लागत और सप्लाई चेन में रुकावटों के चलते नीति आयोग ने केंद्र सरकार को बड़े निर्माण कार्य 2 साल के लिए रोकने की सलाह दी है। इसमें निर्माण भवन, उद्योग भवन और शास्त्री भवन जैसे परिसरों का भी उल्लेख था।
क्या सरकारी कार्यालयों के पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट्स रुके हुए हैं?
नहीं, नीति आयोग ने स्पष्ट किया कि विभिन्न कार्यालय भवनों के पुनर्निर्माण की योजना संबंधित मंत्रालयों द्वारा आगे बढ़ाई जा रही है। प्रक्रिया को स्थगित करने की कोई सिफारिश आयोग ने नहीं की है।
इस खबर को इतनी चर्चा क्यों मिली?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से ईंधन खपत कम करने और अनावश्यक खर्च से बचने की अपील की थी, जो वेस्ट एशिया संकट के बीच की गई थी। इस पृष्ठभूमि में निर्माण रोक की कथित रिपोर्ट को और अधिक विश्वसनीय माना गया और वह तेज़ी से वायरल हो गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य का इस रिपोर्ट से क्या संबंध बताया गया था?
वायरल रिपोर्ट में दावा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के ज़रिए सप्लाई प्रभावित होने और ईरान संघर्ष के बाद ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण मितव्ययिता उपायों के तहत निर्माण कार्य रोकने की सिफारिश की गई थी। नीति आयोग ने इस दावे को खारिज कर दिया है।
राष्ट्र प्रेस