त्रिपुरा CM माणिक साहा का ऐलान: अगरतला में इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सेवाओं से कोई समझौता नहीं
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने मंगलवार, 7 जुलाई को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नागरिक सुविधाओं की डिलीवरी, बुनियादी ढाँचे के विकास और पारदर्शी शासन में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। उन्होंने यह बात अगरतला के बाराडोवाली स्थित अगरतला नगर निगम (AMC) के वार्ड नंबर 40 के नवनिर्मित वार्ड कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर कही। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शहर में हो रहे बहुआयामी विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा भी साझा किया।
वार्ड कार्यालय उद्घाटन और AMC की भूमिका
अगरतला नगर निगम (AMC) पूरे नगर निगम क्षेत्र में आधुनिक बुनियादी ढाँचा खड़ा कर नागरिक सुविधाओं को उन्नत करने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। साहा ने कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है और जन-केंद्रित सेवाओं के विस्तार में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उद्घाटन कार्यक्रम में अगरतला के मेयर एवं विधायक दीपक मजूमदार, डिप्टी मेयर मोनिका दास दत्ता और AMC कमिश्नर साजू वाहिद ए सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी व जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
2019 से अगरतला में बदलाव का सफर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 से वर्तमान सरकार की सुनियोजित विकास परियोजनाओं के कारण अगरतला का कायाकल्प हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले सरकारी लापरवाही के चलते नगर निगम क्षेत्र में कई जलाशय पाट दिए गए थे और सड़कों की जमीन पर अतिक्रमण हो गया था, जिससे शहर में सीवेज प्रबंधन की गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो गई थीं। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई छोटे शहर शहरीकरण के दबाव में जूझ रहे हैं। वर्तमान सरकार ने AMC के साथ मिलकर अगरतला को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और बेहतर प्रबंधित शहर बनाने के लिए ठोस पहल लागू की हैं।
जलाशय नवीनीकरण और पेयजल आपूर्ति
साहा ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में 24 जलाशयों का नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण ₹137 करोड़ की लागत से किया गया है, जिससे शहर के पर्यावरण और शहरी स्वरूप में उल्लेखनीय सुधार आया है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने नगर निगम के उन इलाकों में भी घरों तक पीने का पानी पहुँचाना सुनिश्चित किया है, जहाँ के निवासी वर्षों से इस बुनियादी सुविधा से वंचित थे।
आवास और स्मार्ट सिटी मिशन
हाउसिंग सेक्टर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत ₹1,292 करोड़ की अनुमानित लागत से 79,878 घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 76,000 से अधिक घर पहले ही निर्मित हो चुके हैं, जबकि PMAY-अर्बन 2.0 के तहत 4,300 और घर उपलब्ध कराए जाएँगे। शहरी निवासियों के लिए टाउनशिप प्रोजेक्ट भी शुरू किए गए हैं, जिनके अंतर्गत 48 फ्लैट पहले ही आवंटित हो चुके हैं और लाइटहाउस प्रोजेक्ट पर काम तेज़ी से जारी है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत अगरतला को आधुनिक, टिकाऊ और प्रौद्योगिकी-आधारित शहर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
आजीविका और सफाई कर्मचारी कल्याण
साहा ने बताया कि त्रिपुरा अर्बन लाइवलीहुड मिशन (TULM) के तहत 6,725 स्वयं-सहायता समूह (SHG) गठित किए गए हैं। रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लिए त्रिपुरा अर्बन एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम (TUEP) के तहत आवंटन में वृद्धि की गई है। AMC सहित राज्य भर के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता का लाभ भी दिया जा रहा है। गौरतलब है कि शहरी आजीविका और स्वच्छता कर्मियों के कल्याण पर यह ज़ोर राज्य की समग्र शहरी विकास रणनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।