नोएडा प्राधिकरण CEO सख्त: सफाई-अतिक्रमण पर ₹30 लाख से अधिक पेनल्टी, 20 अक्टूबर तक सड़क मरम्मत का अल्टीमेटम
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने 22 सितंबर 2026 को आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नोएडा के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण उन्मूलन, आईजीआरएस शिकायत निस्तारण तथा निर्माण-अनुरक्षण कार्यों में व्याप्त लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। बैठक में पूर्व में किए गए निरीक्षणों में सामने आई खामियों की बिंदुवार समीक्षा की गई और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी एवं पुष्पराज सिंह, विशेष कार्याधिकारी क्रान्तिशेखर सिंह, विशेष कार्याधिकारी डॉ. हर्षिता तिवारी, महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा, महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह, महाप्रबंधक आर.पी. सिंह और विशेष कार्याधिकारी इन्दुप्रकाश सिंह सहित विभिन्न वर्क सर्किल, जल खंड तथा विद्युत/यांत्रिक खंडों के वरिष्ठ प्रबंधक उपस्थित रहे। बैठक से पूर्व ही वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए थे।
पेनल्टी और वेतन कटौती के निर्देश
सेक्टर-19 के बी-ब्लॉक स्थित शनि बाजार के पास पार्क के भीतर हॉर्टिकल्चर वेस्ट पाए जाने पर संबंधित उद्यान कार्य की संविदाकार संस्था पर ₹5 लाख की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए। उसी सेक्टर के अन्य पार्कों में गंदगी मिलने पर संबंधित उद्यान निरीक्षक और सहायक निदेशक (उद्यान) का एक दिन का वेतन काटने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा गया, जबकि उद्यान सुपरवाइजर की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए गए।
निठारी रोड पर ग्राम निठारी के सामने सेंट्रल वर्ज में कूड़ा मिलने पर संबंधित संस्था पर ₹5 लाख की पेनल्टी तथा संबंधित उद्यान निरीक्षक का एक दिन का वेतन काटने और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। सेक्टर-43 में गोदरेज सोसाइटी के निकट डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन एजेंसी के कॉम्पेक्टर प्वाइंट के पास बड़ी मात्रा में कूड़ा मिलने पर संबंधित एजेंसी पर पेनल्टी के साथ स्वास्थ्य निरीक्षक की एक सप्ताह और सफाई सुपरवाइजर का एक माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
शहर के मुख्य मार्गों पर गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट बनने और समय पर कूड़ा न उठाए जाने के मामले में डोर-टू-डोर कलेक्शन एजेंसी ए.जी. इन्वायरो पर ₹25 लाख की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए गए।
अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर सख्ती
ग्राम बरौला में अवैध निर्माण पाए जाने पर सीईओ ने उच्च प्राथमिकता पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अतिक्रमण के विरुद्ध एफआईआर दर्ज है और धारा-10 का नोटिस भी जारी किया जा चुका है, इसके बावजूद कार्रवाई में विलंब पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अवर अभियंता (संविदा) और सुपरवाइजर (संविदा) को हटाने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार सेक्टर-138/140 में भी अवैध निर्माण तत्काल रुकवाने तथा संबंधित अवर अभियंता और सुपरवाइजर को हटाने के निर्देश जारी किए गए।
यह ऐसे समय में आया है जब नोएडा प्राधिकरण पर नागरिकों की ओर से अतिक्रमण रोकने में ढिलाई के आरोप लगते रहे हैं। एफआईआर और नोटिस के बाद भी निर्माण जारी रहना प्रशासनिक तंत्र की एक पुरानी विफलता की ओर इशारा करता है।
सड़क मरम्मत और शौचालयों की समयसीमा
वर्षा ऋतु में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत और रिसर्फेसिंग का कार्य 20 अक्टूबर 2026 तक पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। सेक्टर-145 का डंप साइट मार्ग, ग्राम सलारपुर के पीछे एक्वा लाइन मेट्रो कॉरिडोर के नीचे का पुस्ता मार्ग तथा सेक्टर-71 अंडरपास से हिंडन पुल तक एमपी-3 मार्ग की मरम्मत को उच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। शहर के शौचालयों को 15 अक्टूबर 2026 तक सुचारू रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए गए हैं और संबंधित प्रबंधकों को इस आशय का प्रमाण पत्र भी देना होगा।
अवैध वेंडरों पर अभियान और आगे की राह
एमपी-3 मार्ग पर अनधिकृत वेंडरों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सीईओ ने सभी वर्क सर्किलों को एक माह के भीतर अभियान चलाकर अवैध वेंडिंग जोन चिह्नित करने और वेंडरों को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही वेंडरों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। तय समयसीमा के बाद किसी क्षेत्र में अवैध वेंडर मिलने पर संबंधित वरिष्ठ प्रबंधक की जिम्मेदारी तय कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर-121 के सामने हिंडन पुस्ता पर कबाड़ियों द्वारा जमा कूड़े-कबाड़ के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। सीईओ ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही हर हाल में तय की जाएगी।