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नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में 4 पेड़ों की अवैध कटाई पर वन विभाग का नोटिस, 531 पेड़ों की NOC भी विवाद में

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नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में 4 पेड़ों की अवैध कटाई पर वन विभाग का नोटिस, 531 पेड़ों की NOC भी विवाद में

सारांश

नोएडा के बायोडायवर्सिटी पार्क में पाथवे बनाने के लिए 4 पेड़ों की कथित अवैध कटाई पर वन विभाग ने नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही 531 पेड़ों की एनओसी प्रक्रिया से जुड़ा मामला भी सामने आया है, जिसने शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच बहस को नया मोड़ दे दिया है।

मुख्य बातें

नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क (सेक्टर-91) में पाथवे निर्माण के दौरान कथित तौर पर 4 पेड़ बिना अनुमति काटे गए।
वन विभाग ने शिकायत का संज्ञान लेकर नोटिस जारी किया; नोटिस किसे भेजा गया यह अभी सार्वजनिक नहीं।
पार्क में 531 पेड़ों की एनओसी का अलग आवेदन: 200 के लिए एनओसी जारी, 300 के प्रत्यारोपण की एनओसी लंबित, 31 की स्थिति अस्पष्ट।
पर्यावरण संरक्षणकर्ताओं का कहना है कि विकास योजनाएँ मौजूदा हरित क्षेत्र को नुकसान पहुँचाए बिना बनाई जानी चाहिए।
जाँच में ज़िम्मेदार एजेंसी की भूमिका और अनुमति की स्थिति की पड़ताल होगी।

नोएडा के सेक्टर-91 स्थित नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में पाथवे निर्माण के दौरान कथित तौर पर चार पेड़ों की बिना अनुमति कटाई का मामला 26 अक्टूबर 2026 को सामने आया, जिस पर वन विभाग ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही पार्क में 531 पेड़ों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) से जुड़ा एक अलग आवेदन भी चर्चा में आ गया है।

मुख्य घटनाक्रम

शिकायत के अनुसार, सेक्टर-91 के बायोडायवर्सिटी पार्क में पैदल पाथवे बनाने के काम के दौरान चार पेड़ कथित तौर पर बिना आवश्यक अनुमति के काट दिए गए। शिकायत मिलने के बाद वन विभाग ने इस मामले में नोटिस जारी किया है और विभागीय स्तर पर जाँच जारी है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि नोटिस किस अधिकारी या एजेंसी को जारी किया गया है और विभाग ने जवाब देने के लिए क्या समय-सीमा तय की है। जाँच में पेड़ों की कटाई की परिस्थितियाँ, निर्माण कार्य की प्रकृति और ज़िम्मेदार एजेंसी की भूमिका का परीक्षण होगा।

531 पेड़ों की एनओसी का मामला

इस विवाद के बीच 531 पेड़ों के लिए एनओसी लेने से जुड़ा एक अलग आवेदन भी सुर्खियों में है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से 200 पेड़ों या पौधों के लिए एनओसी पहले ही जारी की जा चुकी है, जबकि 300 पौधों को अन्यत्र स्थानांतरित (प्रत्यारोपित) करने की एनओसी अभी लंबित है।

शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि चार पेड़ों की कथित अवैध कटाई की शिकायत सामने आने के बाद हॉर्टिकल्चर विभाग ने शेष पेड़ों के लिए अनुमति की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की हो सकती है। गौरतलब है कि कुल 531 में से 200 और 300 को जोड़ने के बाद शेष 31 पेड़ों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है — यानी उनके काटे जाने या प्रत्यारोपण का प्रस्ताव क्या है, यह सार्वजनिक नहीं हुआ है।

पर्यावरण संरक्षणकर्ताओं की आपत्ति

पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि विकास कार्य ज़रूरी हैं, किन्तु इसके लिए पहले से मौजूद घने वन क्षेत्र को नुकसान पहुँचाना उचित नहीं है। उनके अनुसार नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क शहर के सबसे महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों में से एक है, जहाँ रोज़ाना बड़ी संख्या में लोग सुबह-शाम टहलने आते हैं।

शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी तर्क है कि डियर पार्क जैसी सुविधाएँ विकसित करना सराहनीय पहल हो सकती है, लेकिन इसके लिए मौजूदा हरियाली को नष्ट करने की ज़रूरत नहीं है। उनकी माँग है कि विकास की योजनाएँ इस प्रकार तैयार की जाएँ जिससे पेड़ों की कटाई न्यूनतम हो और प्राकृतिक वनस्पति सुरक्षित रहे।

पार्क का महत्व और संदर्भ

नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क को शहर के फेफड़े के रूप में देखा जाता है। घनी हरियाली के कारण यह न केवल नागरिकों को प्राकृतिक वातावरण देता है, बल्कि शहरी पर्यावरण संतुलन में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच टकराव के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

आगे की कार्रवाई

वन विभाग के नोटिस के बाद अब यह देखना अहम होगा कि जाँच में पेड़ कटाई के लिए ज़िम्मेदार एजेंसी की पहचान होती है या नहीं और क्या संबंधित निर्माण कार्य के लिए पहले से कोई अनुमति ली गई थी। साथ ही 531 पेड़ों की एनओसी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की माँग भी तेज़ होने की संभावना है। आने वाले दिनों में विभागीय जवाब और जाँच रिपोर्ट इस विवाद की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 531 पेड़ों की एनओसी की समानांतर प्रक्रिया यह संकेत देती है कि यह एकल घटना नहीं, बल्कि एक बड़े निर्माण एजेंडे की आहट है। असली सवाल यह है कि क्या अनुमति प्रक्रिया पारदर्शी थी — या शिकायत सामने आने के बाद कागज़ी खानापूर्ति शुरू हुई। नोएडा जैसे तेज़ी से विस्तार करते शहर में बायोडायवर्सिटी पार्क जैसी जगहों की रक्षा के लिए सख्त पूर्व-अनुमति ढाँचे की ज़रूरत है, न कि शिकायत के बाद की प्रतिक्रियावादी कार्रवाई।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में पेड़ कटाई का मामला क्या है?
नोएडा के सेक्टर-91 स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में पाथवे निर्माण के दौरान कथित तौर पर 4 पेड़ बिना अनुमति काटे गए। शिकायत मिलने पर वन विभाग ने नोटिस जारी किया है और जाँच जारी है।
वन विभाग ने नोटिस किसे जारी किया है?
अभी तक यह सार्वजनिक नहीं हुआ है कि नोटिस किस अधिकारी या एजेंसी को जारी किया गया है। विभाग ने शिकायत का संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की है, लेकिन विस्तृत जानकारी आनी बाकी है।
531 पेड़ों की एनओसी का मामला क्या है?
पार्क में 531 पेड़ों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) का एक अलग आवेदन दायर किया गया है। इनमें से 200 के लिए एनओसी जारी हो चुकी है, 300 के प्रत्यारोपण की एनओसी लंबित है, जबकि शेष 31 की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
पर्यावरण संरक्षणकर्ता इस मामले में क्या माँग कर रहे हैं?
पर्यावरण से जुड़े लोगों का कहना है कि नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में विकास कार्य मौजूदा घनी हरियाली को नुकसान पहुँचाए बिना किए जाने चाहिए। वे माँग कर रहे हैं कि विकास योजनाएँ इस प्रकार तैयार हों जिससे पेड़ों की कटाई न्यूनतम रहे।
इस मामले में आगे क्या होगा?
वन विभाग की जाँच में ज़िम्मेदार एजेंसी की पहचान, निर्माण कार्य की प्रकृति और पूर्व-अनुमति की स्थिति की पड़ताल होगी। 531 पेड़ों की लंबित एनओसी प्रक्रिया में भी पारदर्शिता की माँग तेज़ होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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