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नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में 4 पेड़ कटे, वन विभाग का नोटिस; 531 पेड़ों की एनओसी भी विवाद में

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नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में 4 पेड़ कटे, वन विभाग का नोटिस; 531 पेड़ों की एनओसी भी विवाद में

सारांश

नोएडा के बायोडायवर्सिटी पार्क में पाथवे बनाने के लिए कथित रूप से 4 पेड़ बिना अनुमति काटे गए — वन विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है। अलग से 531 पेड़ों की एनओसी का मामला भी गर्माया हुआ है, जिसमें 200 को हरी झंडी और 300 के प्रत्यारोपण की अनुमति अभी लंबित है।

मुख्य बातें

नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क, सेक्टर-91 में पाथवे निर्माण के दौरान कथित तौर पर 4 पेड़ बिना अनुमति काटे गए।
वन विभाग ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया; विभागीय जाँच जारी है।
531 पेड़ों के लिए एनओसी का अलग आवेदन भी विवाद में — 200 के लिए एनओसी जारी, 300 के प्रत्यारोपण की एनओसी अभी लंबित।
शेष 31 पेड़ों की स्थिति फिलहाल अस्पष्ट, संबंधित विभागों से स्पष्टीकरण अपेक्षित।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने माँग की है कि विकास योजनाएँ प्राकृतिक वनस्पति को न्यूनतम नुकसान पहुँचाने के सिद्धांत पर बनाई जाएँ।

नोएडा के सेक्टर-91 स्थित नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में पाथवे निर्माण के दौरान कथित तौर पर चार पेड़ों को बिना अनुमति काटे जाने का मामला सामने आया है, जिस पर वन विभाग ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया है। इसी पार्क में 531 पेड़ों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) से जुड़ा अलग आवेदन भी इस समय चर्चा के केंद्र में है। यह विवाद शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

शिकायत के अनुसार, सेक्टर-91 स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में पाथवे यानी पैदल पथ के निर्माण के दौरान चार पेड़ों को कथित तौर पर आवश्यक अनुमति लिए बगैर काट दिया गया। मामले की शिकायत वन विभाग को की गई, जिसके बाद विभाग ने संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। विभागीय स्तर पर जाँच जारी है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि नोटिस किस अधिकारी या एजेंसी को जारी किया गया है और किस समयसीमा में जवाब माँगा गया है। जाँच के दौरान पेड़ काटने की अनुमति, निर्माण कार्य की प्रकृति और जिम्मेदार एजेंसी की भूमिका जैसे पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

531 पेड़ों की एनओसी का मामला

इस विवाद के समानांतर, पार्क में 531 पेड़ों के लिए एनओसी लेने से जुड़ा अलग आवेदन भी सुर्खियों में है। जानकारी के अनुसार, इनमें से 200 पौधों या पेड़ों के लिए एनओसी पहले ही जारी हो चुकी है, जबकि 300 पौधों को दूसरे स्थान पर प्रत्यारोपित करने के लिए एनओसी अभी लंबित है। शेष 31 पेड़ों की स्थिति फिलहाल अस्पष्ट बनी हुई है।

शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी कहना है कि चार पेड़ों की कथित अवैध कटाई की शिकायत के बाद हॉर्टिकल्चर विभाग ने शेष पेड़ों के संबंध में अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू की हो सकती है। संबंधित विभागों से यह स्पष्ट होना जरूरी है कि कुल 531 पेड़ों में से कितनों को काटा जाएगा और कितनों को प्रत्यारोपित किया जाएगा।

पर्यावरण विशेषज्ञों की राय

पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके लिए पहले से मौजूद घने वन क्षेत्र को नुकसान पहुँचाना उचित नहीं है। उनका तर्क है कि बायोडायवर्सिटी पार्क शहर के लिए महत्वपूर्ण हरित क्षेत्र है, इसलिए यहाँ किसी भी निर्माण कार्य को पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सावधानीपूर्वक अंजाम दिया जाना चाहिए।

शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी मानना है कि डियर पार्क जैसी सुविधाओं का विकास अच्छी पहल हो सकती है, लेकिन विकास योजनाएँ इस तरह तैयार की जानी चाहिए जिससे पेड़ों की कटाई न्यूनतम हो और प्राकृतिक वनस्पति संरक्षित रहे।

पार्क का महत्व

नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क को शहर के सबसे महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों में गिना जाता है। घनी हरियाली के चलते यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक सुबह और शाम टहलने पहुँचते हैं। यह पार्क न केवल नागरिकों को प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराता है, बल्कि शहर के समग्र पर्यावरणीय संतुलन के लिहाज से भी अहम माना जाता है।

आगे क्या होगा

वन विभाग का नोटिस जारी होने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पेड़ों की कटाई किन परिस्थितियों में हुई और संबंधित कार्य के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी या नहीं। साथ ही, 531 पेड़ों की एनओसी प्रक्रिया में पारदर्शिता आने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि पार्क के भविष्य के विकास कार्यों में पर्यावरणीय मानकों का किस हद तक पालन किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

विरोध के बाद ली गई। वन विभाग का नोटिस ज़रूरी कदम है, लेकिन असली जवाबदेही तब होगी जब यह स्पष्ट हो कि किस एजेंसी ने अनुमति के बिना काम शुरू किया और उस पर क्या कार्रवाई हुई। जब तक दोषी एजेंसी और उसके अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं होते, नोटिस महज औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क में पेड़ कटाई का मामला क्या है?
नोएडा के सेक्टर-91 स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में पाथवे निर्माण के दौरान कथित तौर पर 4 पेड़ बिना आवश्यक अनुमति के काट दिए गए। इस पर की गई शिकायत के बाद वन विभाग ने नोटिस जारी किया है और विभागीय जाँच शुरू हो गई है।
531 पेड़ों की एनओसी का मामला क्या है?
पार्क में 531 पेड़ों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) का एक अलग आवेदन दिया गया है। इनमें से 200 पेड़ों या पौधों के लिए एनओसी जारी हो चुकी है, जबकि 300 पौधों को प्रत्यारोपित करने की एनओसी अभी लंबित है और शेष 31 पेड़ों की स्थिति अस्पष्ट है।
वन विभाग ने नोटिस किसे जारी किया है?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि नोटिस किस अधिकारी या एजेंसी को जारी किया गया है। विभागीय जाँच के दौरान निर्माण कार्य की जिम्मेदार एजेंसी और अनुमति की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क क्यों महत्वपूर्ण है?
नोएडा बायोडायवर्सिटी पार्क शहर के सबसे महत्वपूर्ण हरित क्षेत्रों में से एक है, जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक टहलने आते हैं। यह पार्क प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ शहर के पर्यावरणीय संतुलन के लिए भी अहम भूमिका निभाता है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
वन विभाग की जाँच में यह तय होगा कि पेड़ काटने के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं और जिम्मेदार एजेंसी कौन है। साथ ही, 531 पेड़ों की एनओसी प्रक्रिया में पारदर्शिता आने से भविष्य के विकास कार्यों में पर्यावरणीय मानकों के पालन की स्थिति भी स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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