नोएडा में तमिलनाडु का शातिर चोर गिरफ्तार: 6 लैपटॉप, 7 मोबाइल, बाइक और ₹12,500 नकद बरामद
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा के थाना सेक्टर-126 पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को पीजी, हॉस्टल, किराये के कमरों और फ्लैटों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान 36 वर्षीय बालन गोविन्दन, पुत्र गोविन्दन, निवासी तिरुपत्तूर, तमिलनाडु के रूप में हुई है। उसके कब्जे से 6 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 1 चोरी की मोटरसाइकिल, ₹12,500 नकद, एक आधार कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और एक अवैध चाकू बरामद किया गया है।
मामले का खुलासा कैसे हुआ
पुलिस के अनुसार, एक पीड़ित ने थाना सेक्टर-126 में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके कमरे का दरवाजा खुला होने का फायदा उठाकर कोई अज्ञात व्यक्ति दो लैपटॉप चुरा ले गया। उसी घटना में उसके रूम पार्टनर के भी दो लैपटॉप, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस चोरी हो गए। शिकायत के आधार पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने सेक्टर-131 स्थित गढ़ी शाहपुर के सामने से आरोपी को दबोच लिया।
बरामदगी का विवरण
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से इस मामले से जुड़े 4 लैपटॉप, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिले। इसके अलावा अन्य चोरी की वारदातों से संबंधित 2 अतिरिक्त लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 1 चोरी की मोटरसाइकिल तथा चोरी के सामान की बिक्री से अर्जित ₹12,500 नकद भी जब्त किए गए। उसके पास एक अवैध चाकू भी बरामद हुआ, जिसे वह विरोध होने पर लोगों को डराने के लिए रखता था।
आरोपी का तरीकावार
पूछताछ में बालन गोविन्दन ने स्वीकार किया कि वह पहले कई दिनों तक पीजी, हॉस्टल और किराये के मकानों की रेकी करता था। जहाँ सुरक्षा व्यवस्था कमज़ोर होती या लोग लापरवाही से कमरे का दरवाजा खुला छोड़ देते, वहाँ मौका पाकर लैपटॉप, मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान चुरा लेता था।
वह अक्सर चोरी की मोटरसाइकिल का उपयोग करता था और कभी-कभी पहचान छिपाने के लिए रैपिडो और ओला जैसी ऐप-आधारित बाइक सेवाओं का सहारा भी लेता था। चोरी के मोबाइल और लैपटॉप वह राहगीरों को कम कीमत पर बेचता था, और कई बार सामान पार्सल के ज़रिये अपने गृह राज्य तमिलनाडु भेजकर वहाँ भी बिकवाता था।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
बालन गोविन्दन के खिलाफ थाना सेक्टर-126, थाना सेक्टर-113 और थाना एक्सप्रेस-वे सहित गौतमबुद्धनगर के कई थानों में चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत अनेक मुकदमे दर्ज हैं। यह ऐसे समय में सामने आया है जब नोएडा-एनसीआर में पीजी और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों व नौकरीपेशा युवाओं को निशाना बनाने की घटनाएँ बढ़ी हैं।
आगे की जाँच
पुलिस फिलहाल बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप के असली मालिकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही यह भी जाँचा जा रहा है कि आरोपी किसी संगठित चोरी गिरोह से जुड़ा था या अकेले काम करता था। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के आधार पर अन्य चोरी की घटनाओं का भी जल्द खुलासा होने की संभावना है।