एलओसी के पास सुंदरबनी सेक्टर में उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा का दौरा, ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना की उत्तरी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) से सटे सुंदरबनी सेक्टर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा किया और वहाँ की मौजूदा सुरक्षा स्थिति तथा ऑपरेशनल तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता और सामरिक तत्परता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने सीमा पर तैनात जवानों की सतर्कता, सामरिक तैनाती और विषम परिस्थितियों से निपटने की क्षमता का सूक्ष्म आकलन किया। उन्होंने भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) दोनों के जवानों से सीधी बातचीत की तथा अग्रिम मोर्चों पर उनके उच्च मनोबल और पेशेवर प्रतिबद्धता की सराहना की।
जवानों को संबोधन
सैन्य कमांडर ने कठिन परिस्थितियों में जवानों के साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्र की सुरक्षा का मज़बूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों का अनुभव, अनुशासन और सतत सतर्कता देश की सुरक्षा का मज़बूत आधार है।
तकनीकी दक्षता पर जोर
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने जवानों को बदलते युद्ध स्वरूप और आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनज़र नई एवं उभरती तकनीकों को तेज़ी से अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्धक्षेत्र में तकनीकी दक्षता और त्वरित अनुकूलन क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सैनिकों को निरंतर अपने कौशल को उन्नत करते हुए हर समय युद्ध के लिए तैयार रहना चाहिए।
सेना-बीएसएफ समन्वय
लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने दोहराया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सेना और बीएसएफ के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त सतर्कता राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि सुंदरबनी सेक्टर रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है और वरिष्ठ कमांडरों के इस तरह के दौरे ज़मीनी तैयारियों का सीधा मूल्यांकन सुनिश्चित करते हैं।