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ओडिशा: पीएम सूर्य घर योजना अब PMAY और आवास कार्यक्रमों से जुड़ेगी, ₹55,000 तक सब्सिडी

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ओडिशा: पीएम सूर्य घर योजना अब PMAY और आवास कार्यक्रमों से जुड़ेगी, ₹55,000 तक सब्सिडी

सारांश

ओडिशा ने पीएम-सूर्य घर योजना को PMAY सहित सभी आवास कार्यक्रमों से जोड़ने का फैसला किया है — शहरी लाभार्थियों को 1 किलोवाट सोलर पर ₹55,000 की सब्सिडी मिलेगी, जबकि जेब से केवल ₹1,875 खर्च होंगे। साथ ही ₹3,708 करोड़ का भूमिगत केबलिंग प्रोजेक्ट भी मंजूर हुआ।

मुख्य बातें

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने 8 जुलाई को पीएम-सूर्य घर योजना को PMAY और अन्य आवास कार्यक्रमों से जोड़ने की घोषणा की।
शहरी क्षेत्रों में 1 किलोवाट रूफटॉप सोलर पर केंद्र से ₹30,000 और राज्य से ₹25,000 — कुल ₹55,000 सब्सिडी; लाभार्थी का हिस्सा मात्र ₹1,875 ।
सभी चार डिस्कॉम में ओवरहेड लाइनें बदलने के लिए ₹3,708 करोड़ का भूमिगत केबलिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत।
नीचे लटकते तार हटाने, इन्सुलेटेड कंडक्टर लगाने, सब-स्टेशन फेंसिंग और यूटिलिटी शिफ्टिंग पोर्टल/ऐप विकसित करने के निर्देश।
कृष्ण चंद्र महापात्रा (आवास मंत्री) और रबी नारायण नाइक (ग्रामीण विकास मंत्री) भी उपस्थित रहे।

ओडिशा के उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने बुधवार, 8 जुलाई को घोषणा की कि पीएम-सूर्य घर योजना को राज्य की विभिन्न आवास योजनाओं — जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) प्रमुख है — के साथ जोड़ा जाएगा। यह निर्णय बिजली क्षेत्र में सुधार और सुरक्षा उपायों पर आयोजित एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। इस कदम से राज्य के आवास लाभार्थियों को सौर ऊर्जा का प्रत्यक्ष लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

योजना का स्वरूप और सब्सिडी का ढाँचा

सरकारी बयान के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में 1 किलोवाट का रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से ₹30,000 और ओडिशा सरकार की ओर से ₹25,000 की सब्सिडी दी जाएगी। इस प्रकार कुल सब्सिडी ₹55,000 होगी, जबकि लाभार्थी को स्वयं केवल ₹1,875 वहन करने होंगे।

सिंह देव ने स्पष्ट किया कि यह लाभार्थी के लिए एक विकल्प के रूप में उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा, "हमारा मकसद यह पक्का करना है कि PMAY और दूसरी हाउसिंग योजनाओं के तहत हर लाभार्थी को सोलर पावर का भी फायदा मिले। पीएम-सूर्य घर को राज्य की हाउसिंग योजनाओं से जोड़कर, हम लोगों को 24x7 साफ और सस्ती बिजली देंगे और साथ ही उनके बिजली बिल भी कम करेंगे।"

बिजली अवसंरचना सुरक्षा पर बड़े फैसले

उच्च-स्तरीय बैठक में बिजली क्षेत्र की सुरक्षा और आधारभूत संरचना को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्य के सभी चार वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) में ओवरहेड बिजली लाइनों को बदलने के लिए ₹3,708 करोड़ के भूमिगत केबलिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई।

इसके अतिरिक्त, बैठक में निम्नलिखित कदम उठाने का निर्देश दिया गया: ओडिशा के डिस्कॉम के लिए सुरक्षा पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करना; नीचे लटकते तारों को हटाना; बिना इन्सुलेशन वाले कंडक्टरों को इन्सुलेटेड कंडक्टरों से प्रतिस्थापित करना; वितरण सब-स्टेशनों पर फेंसिंग और पावर सब-स्टेशनों के चारों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण; एलटी लाइन की सुरक्षा के लिए क्रैडल और गार्ड वायर लगाना; तथा यूटिलिटी शिफ्टिंग पोर्टल/ऐप विकसित करना।

ग्रामीण और शहरी बिजली वितरण की समीक्षा

उपमुख्यमंत्री ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुँचाने से संबंधित पीएम-एसजीएमबीवाई और यूएलए मॉडल के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की, जिसमें पोल, वायरिंग और स्ट्रीटलाइट शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को सभी सुरक्षा और अवसंरचना परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।

सिंह देव ने दोहराया कि राज्य सरकार ओडिशा के प्रत्येक घर तक सुरक्षित, भरोसेमंद और टिकाऊ बिजली पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में शामिल प्रमुख मंत्री और अधिकारी

इस उच्च-स्तरीय बैठक में आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्रा और ग्रामीण विकास, पंचायती राज एवं पेयजल मंत्री रबी नारायण नाइक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह बहु-विभागीय उपस्थिति इस बात का संकेत है कि योजनाओं का एकीकरण केवल ऊर्जा विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आवास और ग्रामीण विकास विभाग भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूरे देश में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए पीएम-सूर्य घर योजना को तेज़ी से विस्तार दे रही है। ओडिशा का यह कदम उन पहले राज्यों में शामिल हो सकता है जो इसे आवास योजनाओं से व्यवस्थित रूप से जोड़ेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सोलर इंस्टॉलेशन के लिए तैयार छत की ज़रूरत होती है। यदि दोनों योजनाओं की टाइमलाइन तालमेल नहीं बिठा पाई, तो सब्सिडी का लाभ उन्हीं लोगों तक सीमित रह सकता है जिनके घर पहले से बन चुके हैं। ₹3,708 करोड़ का भूमिगत केबलिंग प्रोजेक्ट स्वागतयोग्य है, पर ओडिशा जैसे चक्रवात-प्रवण राज्य में इसकी समयसीमा और गुणवत्ता की निगरानी ही इसकी वास्तविक कसौटी होगी।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा में पीएम-सूर्य घर योजना को PMAY से जोड़ने का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि PMAY और अन्य राज्य आवास योजनाओं के लाभार्थियों को अपने नए घर की छत पर सोलर पैनल लगाने का विकल्प मिलेगा। इससे वे एक ही प्रक्रिया में आवास और सौर ऊर्जा दोनों का लाभ उठा सकेंगे।
ओडिशा में रूफटॉप सोलर पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
शहरी क्षेत्रों में 1 किलोवाट रूफटॉप सोलर पैनल लगाने पर केंद्र सरकार ₹30,000 और ओडिशा सरकार ₹25,000 की सब्सिडी देगी — कुल ₹55,000। लाभार्थी को स्वयं केवल ₹1,875 का भुगतान करना होगा।
ओडिशा के ₹3,708 करोड़ के भूमिगत केबलिंग प्रोजेक्ट का उद्देश्य क्या है?
यह प्रोजेक्ट राज्य के सभी चार डिस्कॉम में पुरानी ओवरहेड बिजली लाइनों को भूमिगत केबल से बदलने के लिए है। इसका मकसद बिजली आपूर्ति को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना तथा दुर्घटनाओं का जोखिम कम करना है।
इस बैठक में बिजली सुरक्षा के लिए और कौन-से निर्देश दिए गए?
उपमुख्यमंत्री ने नीचे लटकते तार हटाने, बिना इन्सुलेशन वाले कंडक्टरों को इन्सुलेटेड कंडक्टरों से बदलने, सब-स्टेशनों पर फेंसिंग व बाउंड्री वॉल बनाने और एलटी सुरक्षा के लिए यूटिलिटी शिफ्टिंग पोर्टल/ऐप विकसित करने के निर्देश दिए।
क्या यह सोलर सब्सिडी ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू होगी?
सरकारी बयान में शहरी क्षेत्रों के लिए सब्सिडी का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विस्तृत प्रावधान अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, हालाँकि उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण बिजली वितरण मॉडल की भी समीक्षा की।
राष्ट्र प्रेस
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