महिला आरक्षण बिल विरोधी सांसद मुँह छिपाकर घूम रहे, मानसून सत्र में पास होगा बिल: ओम प्रकाश राजभर
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने 16 जुलाई को बलिया में दावा किया कि आगामी मानसून सत्र में 'एक देश, एक चुनाव' बिल, महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल संसद में पारित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन सांसदों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था, वे अब अपने निर्वाचन क्षेत्रों में खुलकर सामने नहीं आ पा रहे।
महिला आरक्षण और संसदीय विधेयकों पर राजभर का दावा
राजभर ने कहा, 'मानसून सत्र के दौरान 'एक देश, एक चुनाव' बिल, महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पास हो जाएंगे। जिन सांसदों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था, वे अपने चुनाव क्षेत्रों में खुलकर घूम नहीं पा रहे हैं। महिलाएं सांसदों से सवाल कर रही हैं, इसलिए धीरे-धीरे ही सही तैयारी हो गई है।' गौरतलब है कि महिला आरक्षण बिल 2023 में लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है, लेकिन इसे लागू करने के लिए परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया पूरी होना ज़रूरी है।
जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खान पर टिप्पणी
जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई के संदर्भ में राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने आजम खान को स्वयं ही उलझनों में फँसाया है। उन्होंने दावा किया कि सरकारी ज़मीन पर बनी इमारत निश्चित रूप से गिराई जाएगी। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब आजम खान से जुड़े कई मामले न्यायालयों में विचाराधीन हैं।
अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप
राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर आरोप लगाया कि उनके विदेश दौरों का मकसद फंड जुटाना और कालेधन को सफेद करना है। उन्होंने कहा कि सपा उत्तर प्रदेश में दोबारा सत्ता में नहीं आएगी। राजभर ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव जातियों में टकराव कराने का काम करते हैं। उन्होंने आजमगढ़ में एक शादी के जुलूस के दौरान एक राजभर समुदाय के व्यक्ति की हत्या का उल्लेख किया और कहा कि पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा एनकाउंटर में गोली मारी गई।
कांवड़ यात्रा की तैयारियों पर भरोसा
आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पूरी तरह तैयार है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन सतर्क है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न होगी।
आगे क्या
राजभर के इन बयानों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज़ होने की संभावना है। मानसून सत्र में विधेयकों की स्थिति और अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।