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क्या ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत 290 भारतीयों की वापसी हुई?

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क्या ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत 290 भारतीयों की वापसी हुई?

सारांश

ईरान से ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत 290 भारतीय नागरिकों की तीसरी विशेष उड़ान नई दिल्ली पहुंची। खुशी से भरे इन लोगों ने भारत सरकार का आभार जताया और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। जानें इस ऑपरेशन के पीछे की कहानी और इस दौरान की महत्वपूर्ण जानकारी।

मुख्य बातें

ऑपरेशन सिंधु के तहत 290 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी।
भारत सरकार की सुरक्षा और भलाई की प्राथमिकता।
जम्मू कश्मीर के नागरिकों की बड़ी संख्या।
ईरान में फंसे भारतीयों के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था।
भारत सरकार का आभार जताने वालों की खुशी।

नई दिल्ली, 21 जून (राष्ट्र प्रेस)। ईरान से शनिवार को ‘ऑपरेशन सिंधु’ के अंतर्गत तीसरी विशेष उड़ान नई दिल्ली आई, जिसमें 290 भारतीय शामिल थे। इनमें से 190 जम्मू कश्मीर के निवासी थे। सभी ने अपने देश लौटने पर खुशी का इजहार किया और ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए, साथ ही भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।

विदेश मंत्रालय के सचिव (सीपीवी और ओआईए) अरुण कुमार चटर्जी ने ‘राष्ट्र प्रेस’ से बातचीत में कहा, "विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भलाई हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी प्राथमिकता है। उनके मार्गदर्शन में ‘ऑपरेशन सिंधु’ की शुरुआत दो दिन पहले की गई थी। इस उड़ान में तेहरान से 290 यात्री लौटे हैं। हम ईरान सरकार, आर्मेनिया और तुर्कमेनिस्तान के प्रति आभारी हैं, जिन्होंने हमारे नागरिकों के लिए उड़ानों की व्यवस्था की।"

उन्होंने आगे बताया, "उड़ान में 290 यात्री थे, जिनमें 190 जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के थे। इसके अलावा हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक के निवासी भी शामिल थे। उनकी मुस्कान हमारे लिए सबसे बड़ा इनाम है।"

अरुण कुमार चटर्जी ने कहा, "ऑपरेशन सिंधु के तहत इजरायल में मौजूद भारतीय नागरिकों को रजिस्ट्रेशन के लिए कहा गया है। एक बार जब नागरिक वहां रजिस्ट्रेशन कर लेंगे, तो हम उनके लिए विशेष निकासी उड़ानों की व्यवस्था करेंगे। ऑपरेशन सिंधु अभी शुरू हुआ है और कई उड़ानें आएंगी। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनकी सुरक्षा और भलाई का ध्यान रखा जाए।"

अपने देश लौटने वाली एलिया वतूल ने ‘राष्ट्र प्रेस’ को बताया, "ईरान में हमें भारत सरकार की ओर से फाइव स्टार होटल में ठहराया गया। हमें डर था, लेकिन हमें विश्वास था कि भारत सरकार हमारी देखभाल कर रही है।"

भारत लौटे मौलाना सैय्यद मोहम्मद सईद ने कहा, "ईरान में युद्ध के हालात हैं, लेकिन वहां के लोगों ने सहयोग किया। हमारे दूतावास और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बहुत मदद की।"

एक अन्य नागरिक ने साझा किया, "हमारी 13 जून की शाम की उड़ान थी, लेकिन सुबह हालात बिगड़ गए। इसके बाद भारत सरकार ने बेहतरीन इंतजाम किए और हमें सुरक्षित घर पहुंचाया।"

वर्तमान में जो भारतीय ईरान में फंसे हुए हैं, उन्हें भी वापस लाने की तैयारी चल रही है। ईरान और इजरायल के बीच युद्ध चल रहा है, और भारत सरकार ने तय किया है कि जल्द ही इजरायल में फंसे लोगों को भी भारत वापस लाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि देश की एकजुटता और सहानुभूति कितनी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंधु क्या है?
ऑपरेशन सिंधु एक विशेष मिशन है जिसमें भारतीय नागरिकों को ईरान और अन्य देशों से सुरक्षित वापस लाया जा रहा है।
कितने भारतीय नागरिक लौटे?
तीसरी उड़ान में 290 भारतीय नागरिक लौटे, जिनमें 190 जम्मू कश्मीर के थे।
भारत सरकार ने किस प्रकार की सहायता प्रदान की?
भारत सरकार ने नागरिकों के लिए सुरक्षित ठहरने और उड़ानों की व्यवस्था की।
क्या अन्य नागरिकों को भी वापस लाने की योजना है?
जी हां, भारत सरकार अन्य नागरिकों को भी वापस लाने की योजना बना रही है।
ऑपरेशन सिंधु क्यों शुरू किया गया?
ऑपरेशन सिंधु का उद्देश्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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