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ओवैसी के गठबंधन बयान पर कांग्रेस का इनकार, सुरेंद्र राजपूत बोले — हमारी तरफ से कोई बात नहीं

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ओवैसी के गठबंधन बयान पर कांग्रेस का इनकार, सुरेंद्र राजपूत बोले — हमारी तरफ से कोई बात नहीं

सारांश

AIMIM प्रमुख ओवैसी के गठबंधन बयान पर कांग्रेस और सपा ने एक साथ दरवाज़ा बंद कर दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने साफ कहा कि गठबंधन की कोई बात नहीं हो रही और ओवैसी व BJP का 'पर्दे के पीछे' गठबंधन है — यह बयान चुनावी रणनीति की बड़ी तस्वीर को उजागर करता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 21 सितंबर 2026 को स्पष्ट कहा कि AIMIM के साथ गठबंधन पर कोई चर्चा नहीं हुई है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ओवैसी के 5-7 विधायक अंततः BJP सरकार का समर्थन करते हैं।
कांग्रेस नेता आसिम वकार ने याद दिलाया कि 2014 तक ओवैसी खुद कांग्रेस के साथ थे।
सपा नेता अशुतोष वर्मा ने कहा — ओवैसी पहले दक्षिण में BJP सरकार हटाएं, तब बात होगी।
सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा — 'इंडिया' गठबंधन में शामिल होने का फैसला गठबंधन नेता करते हैं।
AIMIM ने 2 अक्टूबर तक गठबंधन का बयान दिया था, जिस पर विपक्ष ने सामूहिक इनकार किया।

नई दिल्ली, 21 सितंबर 2026ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से 2 अक्टूबर तक गठबंधन को लेकर दिए गए बयान पर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनकी तरफ से AIMIM के साथ किसी गठबंधन पर न कोई चर्चा हुई है और न ही कोई बातचीत। समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी सशर्त रुख अपनाते हुए गेंद ओवैसी के पाले में डाल दी है।

कांग्रेस प्रवक्ता का स्पष्ट इनकार

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, 'हम मीडिया से अपील करते हैं कि वे भ्रम न फैलाएं। हमारी तरफ से गठबंधन की कोई बात नहीं हो रही है।' उन्होंने आगे आरोप लगाया कि ओवैसी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच 'पर्दे के पीछे' गठबंधन है और किसी के कान पर बंदूक रखकर गठबंधन नहीं बनाया जा सकता। राजपूत ने यह भी कहा कि जिस तरह ओवैसी राहुल गांधी और अखिलेश यादव की आलोचना करते हैं, उसे देखते हुए गठबंधन की कोई संभावना नहीं है।

इमरान मसूद और आसिम वकार की टिप्पणी

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि भले ही ओवैसी के 5-7 विधायक चुनकर आ जाएं, वे अंततः BJP सरकार का समर्थन करते हैं। उन्होंने बिहार का हवाला देते हुए कहा, 'सरकार तो भाजपा की ही बनी थी।' मसूद ने यह भी जोड़ा कि सिर्फ मुस्लिम वोटों के दम पर न चुनाव जीता जा सकता है और न ही किसी को जिताया जा सकता है।

कांग्रेस नेता आसिम वकार ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1985 में ओवैसी के पिता सलाहुद्दीन ओवैसी सांसद बने थे और तब वे कांग्रेस के साथ थे। उन्होंने मुरादाबाद, भागलपुर और बाबरी मस्जिद के मुद्दों का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि 2014 तक असदुद्दीन ओवैसी भी कांग्रेस के साथ थे।

समाजवादी पार्टी का सशर्त रुख

सपा नेता अशुतोष वर्मा ने कहा कि 2024 का चुनाव सपा और कांग्रेस ने मिलकर लड़ा और BJP को 33 सीटों पर समेट दिया। उन्होंने कहा कि अगर ओवैसी चाहते हैं कि BJP हारे तो उनका स्वागत है, लेकिन पहले उन्हें दक्षिण में BJP सरकार हटाकर दिखानी होगी। सपा नेता उदयवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि 'इंडिया' गठबंधन में किसे शामिल करना है, यह गठबंधन के नेता तय करते हैं और सपा का लक्ष्य BJP की 'संविधान विरोधी और लोकतंत्र विरोधी' सरकार को हटाना है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारियाँ चल रही हैं। गौरतलब है कि AIMIM ने पिछले चुनावों में अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर उम्मीदवार उतारकर विपक्षी वोटों के विभाजन की आलोचना झेली है। ऐसे में ओवैसी का गठबंधन संबंधी बयान विपक्षी खेमे में बेचैनी का कारण बना है।

आगे की स्थिति

कांग्रेस और सपा के इनकार के बाद अब यह देखना होगा कि 2 अक्टूबर की ओवैसी की निर्धारित समयसीमा तक AIMIM किस दिशा में आगे बढ़ता है। विश्लेषकों का मानना है कि गठबंधन वार्ता की संभावना फिलहाल बेहद कम नज़र आती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि संपत्ति। विडंबना यह है कि जब कांग्रेस AIMIM पर BJP की 'बी-टीम' होने का आरोप लगाती है, तो वह खुद भी धार्मिक आधार पर वोट की राजनीति के उसी खेल में शामिल हो जाती है जिसकी वह आलोचना करती है। मुख्यधारा की कवरेज इस तथ्य को अक्सर नज़रअंदाज़ करती है कि उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक वोटों का विभाजन किसी भी गठबंधन के गणित को पलट सकता है — और यही वह असली चिंता है जो इन बयानों के पीछे छिपी है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओवैसी ने 2 अक्टूबर तक गठबंधन को लेकर क्या कहा था?
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने 2 अक्टूबर तक गठबंधन को लेकर एक बयान दिया था, जिसमें विपक्षी दलों से गठबंधन की संभावना का संकेत था। इस बयान के बाद कांग्रेस और सपा दोनों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।
कांग्रेस ने AIMIM के साथ गठबंधन से इनकार क्यों किया?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि उनकी तरफ से गठबंधन पर न कोई चर्चा हुई है और न ही कोई बातचीत। कांग्रेस का आरोप है कि ओवैसी और BJP के बीच 'पर्दे के पीछे' गठबंधन है और ओवैसी राहुल गांधी व अखिलेश यादव की आलोचना करते हैं, जिससे गठबंधन की संभावना नहीं बनती।
समाजवादी पार्टी का ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर क्या रुख है?
सपा ने सशर्त रुख अपनाया है। सपा नेता अशुतोष वर्मा ने कहा कि अगर ओवैसी पहले दक्षिण में BJP सरकार हटाकर दिखाएं, तभी बातचीत हो सकती है। सपा नेता उदयवीर सिंह ने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन में शामिल होने का फैसला गठबंधन के नेताओं पर निर्भर है।
इमरान मसूद ने ओवैसी के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ओवैसी के 5-7 विधायक अंततः BJP सरकार का समर्थन करते हैं और बिहार इसका उदाहरण है। उनका कहना है कि सिर्फ मुस्लिम वोटों के दम पर न चुनाव जीता जा सकता है और न ही किसी को जिताया जा सकता है।
AIMIM और कांग्रेस के संबंधों का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
कांग्रेस नेता आसिम वकार के अनुसार, 1985 में ओवैसी के पिता सलाहुद्दीन ओवैसी सांसद बने थे और तब वे कांग्रेस के साथ थे। 2014 तक असदुद्दीन ओवैसी भी कांग्रेस के साथ रहे, जिसके बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए।
राष्ट्र प्रेस
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