ओवैसी सपा पर निशाना क्यों, BJP पर क्यों नहीं: सांसद रुचि वीरा का सवाल
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद रुचि वीरा ने 2 अगस्त 2026 को मुरादाबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर सीधा सवाल दागा — कि वे बार-बार सपा को ही निशाना क्यों बनाते हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर चुप्पी साध लेते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा-एआईएमआईएम गठबंधन की संभावनाओं पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है।
गठबंधन पर पार्टी नेतृत्व का फैसला
सपा-एआईएमआईएम गठबंधन की संभावना पर सांसद रुचि वीरा ने स्पष्ट किया, 'गठबंधन होगा या नहीं, यह हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और असदुद्दीन ओवैसी को तय करना है।' उन्होंने इसे पार्टी नेतृत्व का विशेषाधिकार बताते हुए स्वयं कोई पक्ष लेने से परहेज किया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सपा और एआईएमआईएम के बीच सीट-बँटवारे की बातचीत पहले भी कई बार अधूरी रही है।
ओवैसी पर रुचि वीरा का सीधा सवाल
सांसद रुचि वीरा ने कहा, 'असदुद्दीन ओवैसी एक बड़े नेता हैं और हमारे लिए बड़े भाई जैसे हैं, लेकिन वे हमेशा सिर्फ समाजवादी पार्टी को ही निशाना क्यों बनाते हैं, भाजपा को क्यों नहीं?' यह सवाल उस राजनीतिक तनाव को उजागर करता है जो विपक्षी दलों के बीच अक्सर गठबंधन वार्ता के दौरान सतह पर आ जाता है।
सिद्धिविनायक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर रुख
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में ₹18 करोड़ के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर रुचि वीरा ने कहा कि जहाँ भी सनातन धर्म के अनुयायियों की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा हो, वहाँ निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के संसद भवन परिसर में भगवा वस्त्र पहनकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के विरोध में किए गए प्रदर्शन का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह एक सांकेतिक संदेश था और सरकार को इस मामले में जवाब देना होगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के प्रदर्शन पर बधाई
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। रुचि वीरा ने भारतीय खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा, 'जिन खिलाड़ियों ने देश के लिए गौरव का क्षण दिया है, मेरी तरफ से उन्हें बहुत मुबारकबाद।' यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेल जगत में युवा प्रतिभाओं का उभार लगातार देखा जा रहा है।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों के बीच गठबंधन समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। सपा और एआईएमआईएम के बीच सार्वजनिक बयानबाजी यह संकेत देती है कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। रुचि वीरा के इस बयान से स्पष्ट है कि जमीनी नेता गठबंधन से पहले ओवैसी की आलोचनात्मक भूमिका पर जवाब चाहते हैं।