TTP कट्टरपंथ मामले में हमराज शेख को 7 साल की सजा, NIA अदालत ने ₹63,000 जुर्माना भी लगाया

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TTP कट्टरपंथ मामले में हमराज शेख को 7 साल की सजा, NIA अदालत ने ₹63,000 जुर्माना भी लगाया

सारांश

NIA की बेंगलुरु अदालत ने TTP और तालिबान से जुड़े कट्टरपंथ मामले में महाराष्ट्र के हमराज वर्शीद शेख को 7 साल की कठोर सजा सुनाई। आरोपी ने सऊदी अरब में रहते हुए कट्टरपंथ अपनाया और 'कश्मीर पेजेस' इंस्टाग्राम अकाउंट के ज़रिए युवाओं को भर्ती करने की साजिश रची।

मुख्य बातें

हमराज वर्शीद शेख को NIA की बेंगलुरु विशेष अदालत ने 19 मई 2026 को 7 साल के कठोर कारावास और ₹63,000 जुर्माने की सजा सुनाई।
आरोपी 2019 से 2022 के बीच सऊदी अरब में रहते हुए पाकिस्तान-अफगानिस्तान संपर्कों के ज़रिए TTP और तालिबान की विचारधारा से जुड़ा।
इंस्टाग्राम अकाउंट 'कश्मीर पेजेस' का उपयोग युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने के लिए किया गया।
सहयोगी मोहम्मद आरिफ के विरुद्ध ट्रायल अभी जारी है; मामला अप्रैल 2023 में दर्ज हुआ था।
NIA ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल और लॉरेंस बिश्नोई गैंग मामले में 23वें आरोपी अर्जित कुमार के विरुद्ध छठी चार्जशीट दाखिल की।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की बेंगलुरु स्थित विशेष अदालत ने 19 मई 2026 को पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और तालिबान से जुड़े कट्टरपंथ एवं भर्ती मामले में महाराष्ट्र निवासी मुख्य आरोपी हमराज वर्शीद शेख को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर ₹63,000 का जुर्माना भी लगाया है।

मुख्य घटनाक्रम

यह मामला अप्रैल 2023 में दर्ज किया गया था। NIA ने अक्टूबर 2023 में हमराज शेख और उसके सहयोगी मोहम्मद आरिफ के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी। अप्रैल 2026 में शुरू हुए ट्रायल के दौरान हमराज शेख ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया।

कट्टरपंथ का रास्ता: सऊदी अरब से भारत तक

NIA की जांच में सामने आया कि हमराज शेख 2019 से 2022 के बीच सऊदी अरब में प्रवास के दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान स्थित संपर्कों के माध्यम से TTP और तालिबान की विचारधारा से प्रभावित हुआ। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इंस्टाग्राम पर संचालित अकाउंट 'कश्मीर पेजेस' का उपयोग कमजोर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने के लिए किया जा रहा था।

आतंकी गिरोह बनाने की साजिश

जांच एजेंसी के अनुसार, भारत लौटने के बाद हमराज ने सहयोगी मोहम्मद आरिफ के साथ मिलकर भटके हुए युवाओं की पहचान कर उन्हें TTP और तालिबान की आतंकी विचारधारा से जोड़ने की योजना बनाई। दोनों ने मिलकर एक आतंकी गिरोह भी गठित किया, जिसका घोषित उद्देश्य अफगानिस्तान जाकर TTP में शामिल होना और भारत के विरुद्ध जिहाद छेड़ना था। मोहम्मद आरिफ के विरुद्ध फिलहाल ट्रायल जारी है।

बब्बर खालसा-बिश्नोई गैंग मामले में भी NIA की कार्रवाई

इसी बीच, NIA ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े आतंकी साजिश मामले में नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में अपनी छठी चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में 23वें आरोपी अर्जित कुमार उर्फ अजीत पर भारतीय दंड संहिता और UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला प्रतिबंधित संगठन BKI और बिश्नोई गैंग द्वारा भारत में आतंक फैलाने की सुनियोजित साजिश से संबंधित है।

क्या होगा आगे

हमराज शेख की सजा TTP से जुड़े कट्टरपंथ मामलों में NIA की बढ़ती सफलता दर को रेखांकित करती है। मोहम्मद आरिफ का ट्रायल जारी रहेगा और उसके परिणाम पर नज़र रहेगी। बब्बर खालसा-बिश्नोई गैंग मामले में अब 23 आरोपियों के विरुद्ध आरोप तय हो चुके हैं, जो इस मामले की व्यापकता को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्मार्टफोन स्क्रीन तक पहुँच चुकी है। चिंताजनक यह है कि एक ही दिन में NIA ने TTP और BKI-बिश्नोई गैंग — दो अलग-अलग आतंकी पारिस्थितिकी तंत्रों — में कार्रवाई की, जो संकेत देता है कि एजेंसी पर एक साथ कई मोर्चों पर काम करने का दबाव है। सवाल यह है कि क्या मौजूदा कानूनी ढाँचा और जाँच क्षमता इस बहुआयामी खतरे से निपटने के लिए पर्याप्त है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हमराज वर्शीद शेख को किस मामले में सजा मिली?
हमराज वर्शीद शेख को TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और तालिबान से जुड़े कट्टरपंथ एवं भर्ती मामले में दोषी पाया गया। NIA की बेंगलुरु विशेष अदालत ने उसे 7 साल के कठोर कारावास और ₹63,000 जुर्माने की सजा सुनाई।
हमराज शेख कट्टरपंथी कैसे बना?
NIA जांच के अनुसार, हमराज 2019 से 2022 के बीच सऊदी अरब में रहने के दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान स्थित संपर्कों के ज़रिए TTP और तालिबान की विचारधारा से जुड़ा। इंस्टाग्राम अकाउंट 'कश्मीर पेजेस' का उपयोग युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने के लिए किया गया।
इस मामले में दूसरे आरोपी मोहम्मद आरिफ का क्या हुआ?
मोहम्मद आरिफ के विरुद्ध ट्रायल अभी जारी है। NIA ने अक्टूबर 2023 में हमराज शेख और मोहम्मद आरिफ दोनों के खिलाफ एक साथ चार्जशीट दाखिल की थी।
बब्बर खालसा-बिश्नोई गैंग मामले में NIA ने क्या कार्रवाई की?
NIA ने पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में इस मामले में अपनी छठी चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 23वें आरोपी अर्जित कुमार उर्फ अजीत पर UAPA और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। यह मामला BKI और लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा भारत में आतंक फैलाने की साजिश से जुड़ा है।
NIA का यह मामला कब दर्ज हुआ था?
TTP कट्टरपंथ और भर्ती से जुड़ा यह मामला अप्रैल 2023 में दर्ज किया गया था। अप्रैल 2026 में ट्रायल शुरू होने के बाद हमराज शेख ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद 19 मई 2026 को सजा सुनाई गई।
राष्ट्र प्रेस
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