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पांवटा साहिब: यमुना में डूबे 54 वर्षीय निखिल का शव 4 दिन बाद हरियाणा के हथिनी कुंड से बरामद

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पांवटा साहिब: यमुना में डूबे 54 वर्षीय निखिल का शव 4 दिन बाद हरियाणा के हथिनी कुंड से बरामद

सारांश

पांवटा साहिब में यमुना में डूबे 54 वर्षीय निखिल का शव चार दिनों की कड़ी तलाश के बाद हरियाणा के हथिनी कुंड से मिला। हिमाचल, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की संयुक्त टीमों, पेशेवर गोताखोरों और ऋषिकेश से मंगाई नावों से चला यह अभियान बहु-राज्यीय समन्वय की मिसाल बना।

मुख्य बातें

27 सितंबर को शाम 6:30 बजे पांवटा साहिब में 54 वर्षीय निखिल यमुना नदी में डूब गए।
शव 4 दिन बाद 2 अक्टूबर को हरियाणा के हथिनी कुंड क्षेत्र से बरामद हुआ।
हिमाचल प्रदेश, हरियाणा (यमुनानगर) और उत्तर प्रदेश (सहारनपुर) की संयुक्त आपदा प्रबंधन टीमों ने मिलकर तलाशी चलाई।
ऑपरेशन में ऋषिकेश से विशेष नावें मंगाई गईं और पैंथर वाइल्ड एडवेंचर राफ्टिंग टीम ने अहम भूमिका निभाई।
पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया में जुटी है।

हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में यमुना नदी में 27 सितंबर को डूबे 54 वर्षीय निखिल का शव चार दिनों के व्यापक तलाशी अभियान के बाद 2 अक्टूबर को पड़ोसी राज्य हरियाणा के हथिनी कुंड क्षेत्र से बरामद कर लिया गया। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के प्रशासन की संयुक्त टीमों ने नदी के विभिन्न घाटों पर अथक खोज के बाद यह सफलता हासिल की।

घटना का विवरण

एसडीएम पांवटा साहिब द्विज गोयल के अनुसार, 27 सितंबर को शाम करीब 6 बजकर 30 मिनट पर प्रशासन को सूचना मिली कि 54 वर्षीय निखिल किसी कारणवश यमुना नदी में गिर गए। सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन तत्काल शुरू कर दिया गया। गोयल ने बताया कि पहले ही दिन से प्रशासनिक टीमें पूरी तरह मुस्तैद थीं।

तीन राज्यों की संयुक्त तलाश

28 सितंबर को शव नहीं मिलने पर और नदी का बहाव तेज होने के कारण शव के आगे बह जाने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिला प्रशासन और हरियाणा के यमुनानगर जिला प्रशासन से तुरंत संपर्क साधा। इसके बाद तीनों राज्यों की आपदा प्रबंधन टीमें नदी के विभिन्न घाटों और बहाव वाले क्षेत्रों में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाने लगीं। सहारनपुर जिला प्रशासन ने भी इस दौरान उल्लेखनीय सहयोग प्रदान किया।

पेशेवर गोताखोर और विशेष नावें

तलाशी अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पेशेवर गोताखोरों और रेस्क्यू विशेषज्ञों की मदद ली। ऑपरेशन के लिए ऋषिकेश से विशेष नावें मंगाई गईं। इस पूरे अभियान में पैंथर वाइल्ड एडवेंचर राफ्टिंग टीम की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही — इनके विशेषज्ञों ने आधुनिक उपकरणों और रबर बोट्स के ज़रिए यमुना के उन गहरे और पथरीले हिस्सों में भी तलाशी ली, जहाँ सामान्य परिस्थितियों में पहुँचना अत्यंत खतरनाक और कठिन था।

शव बरामदगी और आगे की प्रक्रिया

चार दिनों के इस कठिन अभियान के बाद अंततः निखिल का शव हरियाणा के हथिनी कुंड क्षेत्र से बरामद किया गया। पुलिस अब शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। गौरतलब है कि नदी में तेज बहाव और पथरीले क्षेत्र के कारण यह अभियान असाधारण रूप से चुनौतीपूर्ण रहा।

आगे की स्थिति

शव की बरामदगी के बाद प्रशासनिक टीमें परिवार को सूचित कर अंतिम प्रक्रियाओं में जुट गई हैं। यह घटना एक बार फिर यमुना नदी के किनारे सुरक्षा इंतजामों और बहु-राज्यीय समन्वय की अहमियत को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि पांवटा साहिब जैसे नदी-किनारे के क्षेत्रों में स्थायी चेतावनी तंत्र और सुरक्षा बाधाएँ क्यों नहीं हैं। नदी का तेज बहाव और पथरीला तल इस तरह के अभियानों को हर बार बेहद जोखिमभरा बना देता है। राज्य सरकार को इन क्षेत्रों में स्थायी रेस्क्यू पोस्ट और प्रशिक्षित दल तैनात करने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पांवटा साहिब में यमुना नदी में कौन डूबा था और कब?
27 सितंबर 2026 को शाम करीब 6 बजकर 30 मिनट पर 54 वर्षीय निखिल पांवटा साहिब के पास यमुना नदी में गिर गए थे। प्रशासन को सूचना मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था।
निखिल का शव कहाँ से बरामद हुआ?
चार दिनों की तलाश के बाद 2 अक्टूबर को निखिल का शव हरियाणा के हथिनी कुंड क्षेत्र से बरामद किया गया। नदी के तेज बहाव के कारण शव पांवटा साहिब से काफी दूर बह गया था।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कौन-कौन से राज्य शामिल थे?
हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब प्रशासन के साथ-साथ हरियाणा के यमुनानगर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिला प्रशासन की टीमें इस संयुक्त अभियान में शामिल थीं। ऋषिकेश से विशेष नावें भी मंगाई गई थीं।
पैंथर वाइल्ड एडवेंचर राफ्टिंग टीम की क्या भूमिका थी?
पैंथर वाइल्ड एडवेंचर राफ्टिंग टीम ने अपने आधुनिक उपकरणों और रबर बोट्स के ज़रिए यमुना के उन गहरे और पथरीले हिस्सों में तलाशी ली, जहाँ सामान्य रूप से पहुँचना बेहद खतरनाक था। उनकी विशेषज्ञता इस कठिन अभियान में निर्णायक साबित हुई।
शव मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया क्या है?
पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी।
राष्ट्र प्रेस
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