पप्पू यादव का भाजपा पर तीखा हमला: 'संविधान कौन नहीं मान रहा, जनता सब जानती है'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने 5 नवंबर 2026 को देवघर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि देश में आखिर कौन है जो संविधान का सम्मान नहीं कर रहा, और कहा कि जनता यह सब भली-भाँति जानती है। उनके अनुसार, जो दल और सरकारें लोकतंत्र की दुहाई देती हैं, उन्हें पहले महिलाओं की सुरक्षा और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित करना चाहिए।
देवघर दौरे में साधा निशाना
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने के बाद मीडिया से बात करते हुए सांसद ने केंद्र और बिहार सरकार दोनों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने मणिपुर की मौजूदा अशांत स्थिति और देशभर में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की संवेदनशीलता केवल भाषणों तक सीमित है, ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
महंगाई और बेरोज़गारी पर केंद्र को घेरा
केंद्र की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए सांसद ने कहा कि बेलगाम महंगाई और बढ़ती बेरोज़गारी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उनके अनुसार रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की लगातार गिरती कीमत से आर्थिक मोर्चे पर देश की स्थिति कमज़ोर हुई है।
विदेश नीति पर भी उठाए सवाल
पप्पू यादव ने केंद्र की विदेश नीति पर भी निशाना साधा। बांग्लादेश और नेपाल समेत पड़ोसी देशों के बदलते राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कमज़ोर और अदूरदर्शी विदेश नीति के कारण क्षेत्रीय स्तर पर भारत की रणनीतिक स्थिति प्रभावित हो रही है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों पर राजनीतिक बहस तेज़ है।
बिहार सरकार पर हमला
बिहार के राजनीतिक हालात पर बोलते हुए सांसद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाएं, व्यवसायी और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनके मुताबिक बिहार लंबे समय से गरीबी, जातिगत भेदभाव और नफरत की राजनीति के कारण पिछड़ता रहा है।
पलायन को बताया बिहार की सबसे बड़ी विफलता
सांसद ने ज़ोर देकर कहा कि बड़े पैमाने पर जारी पलायन बिहार की सबसे बड़ी नाकामी है। उन्होंने माँग की कि सरकार जुमलेबाज़ी से बाहर निकले और जनता को वास्तविक राहत दे। देवघर यात्रा के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जाति, धर्म, ऊँच-नीच और अमीर-गरीब का कोई भेद नहीं होता — हर श्रद्धालु एक समान भाव से झोली फैलाता है। आने वाले समय में उनके इस बयान की राजनीतिक प्रतिक्रिया और तेज़ होने की संभावना है।