अग्निमित्रा पॉल की दो-टूक: गोवंश वध कानून सख्ती से लागू होगा, मानसून के लिए 18 दिन में पूरी तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल कल्याण तथा शहरी विकास राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 22 मई 2025 को कोलकाता में स्पष्ट किया कि राज्य में गोवंश वध से संबंधित कानून अब बिना किसी समझौते के लागू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने 8 जून के आसपास अनुमानित मानसून आगमन से पहले नागरिक सुविधाओं की व्यापक तैयारी का ब्यौरा दिया।
गोवंश वध कानून पर सरकार का रुख
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि बंगाल में 14 वर्ष से कम उम्र की किसी भी गाय या गोवंश परिवार के पशु का वध कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा, 'कानून में स्पष्ट प्रावधान है कि चौदह वर्ष से कम उम्र की किसी भी गाय या गोवंश परिवार के जानवर का वध नहीं किया जा सकता, जबकि यह नियम अन्य राज्यों में या तो नहीं है या कम सख्त है।'
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में यह कानून वोट बैंक की राजनीति के चलते लागू नहीं किया गया। वर्तमान सरकार इस कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
हुमायूँ कबीर पर सीधा संदेश
मंत्री ने एक व्यक्ति विशेष को संबोधित करते हुए कहा, 'हुमायूँ कबीर, अगर आपको बंगाल में रहना है तो आपको बंगाल के नियमों का पालन करना होगा। अगर आपको भारत में रहना है, तो आपको यहाँ के नियमों का पालन करना ही होगा।' यह बयान राज्य में पशु कुर्बानी की परंपरा को लेकर चल रही बहस के बीच आया है।
मानसून तैयारी: 18 दिन की कार्ययोजना
पॉल ने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मानसून 8 जून के आसपास आने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'हमें मानसून 8 जून के आसपास आने का पूर्वानुमान मिला है, हालाँकि तारीख में थोड़ा बदलाव हो सकता है, लेकिन हम 8 जून को ही आधार मानकर अपनी कार्ययोजना आगे बढ़ा रहे हैं। हमारे पास अभी अठारह दिन बचे हैं।'
इसके लिए सभी प्रशासनिक विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई गई है। कोलकाता और आसनसोल सहित पूरे बंगाल में पेयजल, ड्रेनेज, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी युद्धस्तर पर की जा रही है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि मानसून के दौरान कोलकाता जैसे घनी आबादी वाले शहरों में जलभराव और बुनियादी सेवाओं के ठप होने की समस्या हर साल सामने आती है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बार किसी भी नागरिक को असुविधा नहीं होनी चाहिए और प्रशासन समय से पहले सभी तैयारियाँ पूरी करेगा।
क्या होगा आगे
गोवंश वध कानून के सख्त क्रियान्वयन से राज्य में बकरीद जैसे पर्वों के दौरान कुर्बानी की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। वहीं, मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए विभागीय बैठकें जारी रहेंगी। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार मंत्री का यह बयान आगामी राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।