सरदार पटेल जयंती पर कांग्रेस का BJP पर हमला: 'विचार भुलाकर विरासत भुना रही है पार्टी'
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 31 अक्टूबर 2026 को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP सरदार पटेल के नाम और विरासत का राजनीतिक इस्तेमाल तो कर रही है, लेकिन उनके विचारों, सिद्धांतों और आदर्शों को नज़रअंदाज़ किया जा रहा है।
सुरजेवाला का सीधा आरोप
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि उनका संगठन 'सरदार स्मृति ट्रस्ट' जयंती पर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उन्होंने गृह मंत्री शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सरदार पटेल की याद में कार्यक्रम तो आयोजित करते हैं, लेकिन उनके सिद्धांतों, शिक्षाओं, आदर्शों और दर्शन को 'हमेशा के लिए मिटाने का काम' कर रहे हैं। सुरजेवाला ने यह भी आरोप लगाया कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल के प्रति BJP नेताओं के मन में नफरत है, जिसे पूरा देश जानता है।
खुर्शीद और के. सुरेश की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने दिल्ली में कहा कि सरदार पटेल को देश के अन्य महान नेताओं की तरह ही सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके योगदान को पूरी तरह स्वीकार करती है और उनके विचारों, शब्दों तथा कार्यों के प्रति समर्पित है। खुर्शीद ने आरोप लगाया कि अमित शाह की इस तरह की टिप्पणियाँ सरदार पटेल की छवि और उनके प्रति लोगों के सम्मान को नुकसान पहुँचाती हैं।
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने भी BJP पर राजनीतिक लाभ के लिए सरदार पटेल के नाम का उपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और स्वतंत्रता आंदोलन के सभी नेताओं का समान रूप से सम्मान करती है।
यूसीसी पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने को लेकर अमित शाह के बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे 'दिवास्वप्न' करार देते हुए कहा कि आगामी चुनाव में उत्तर प्रदेश में BJP की सरकार बनने की कोई संभावना नहीं है। प्रसाद ने दावा किया कि BJP जनता का भरोसा पूरी तरह खो चुकी है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जाता है — एक परंपरा जो 2014 से केंद्र सरकार ने शुरू की थी। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और BJP दोनों पटेल की विरासत पर दावेदारी को लेकर लगातार आमने-सामने रहे हैं। पटेल का ऐतिहासिक जुड़ाव कांग्रेस से था, लेकिन BJP ने उन्हें अपने राष्ट्रवादी आख्यान के केंद्र में रखा है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों द्वारा पटेल की विरासत पर दावेदारी वास्तव में आगामी चुनावी चक्र को ध्यान में रखकर की जा रही है।
आगे क्या
यूसीसी और सरदार पटेल की विरासत दोनों मुद्दे उत्तर प्रदेश सहित आगामी राज्य चुनावों में केंद्रीय राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बने रहने की संभावना है। BJP की ओर से अभी तक कांग्रेस के आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।