19 सितंबर 2026
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पटना में 12 वर्षीय प्रिंस कुमार से मारपीट पर तेजस्वी यादव के गंभीर आरोप, BJP और पुलिस को घेरा

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पटना में 12 वर्षीय प्रिंस कुमार से मारपीट पर तेजस्वी यादव के गंभीर आरोप, BJP और पुलिस को घेरा

सारांश

पटना में 12 वर्षीय प्रिंस कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला राजनीतिक विवाद बन गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने BJP कार्यकर्ताओं और पुलिस पर सीधे आरोप लगाए हैं — साथ ही बच्चे पर बयान बदलवाने के कथित दबाव की बात कही है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।

मुख्य बातें

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 19 सितंबर 2026 को पटना में 12 वर्षीय प्रिंस कुमार से कथित मारपीट पर BJP और पुलिस को घेरा।
आरोप के अनुसार, बच्चा 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का वीडियो बना रहा था जब उसके साथ कथित मारपीट हुई।
तेजस्वी यादव का दावा — कथित आरोपियों को जल्द छोड़ा गया, जबकि बच्चे को थाने में रखा गया ।
अगले दिन पुलिस के कथित दबाव में बच्चे से बयान बदलवाने की कोशिश का आरोप।
BJP और संबंधित पुलिस अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई ; आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 19 सितंबर 2026 को पटना में 12 वर्षीय बालक प्रिंस कुमार के साथ कथित मारपीट और उसके बाद पुलिस की कथित ज्यादती को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी यादव के अनुसार, यह घटना प्रधानमंत्री के जन्मदिन से जुड़े 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के दौरान गंगा किनारे घटी, जब बच्चा उस आयोजन का वीडियो बना रहा था।

घटनाक्रम: क्या हुआ गंगा किनारे

तेजस्वी यादव ने दावा किया कि प्रिंस कुमार बाढ़ की गंभीर परिस्थितियों से बचकर पटना पहुँचा था और गंगा तट पर आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का वीडियो बना रहा था। उनके आरोप के मुताबिक, इसी दौरान वहाँ मौजूद कुछ लोगों ने बच्चे के साथ मारपीट की और उसे सड़क की रेलिंग के नीचे नदी की तरफ धकेल दिया। नेता प्रतिपक्ष ने इन व्यक्तियों को BJP से जुड़ा बताया, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

तेजस्वी यादव के अनुसार, घटनास्थल पर भीड़ जमा होने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और कथित तौर पर बच्चे के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद बच्चे और कथित आरोपियों दोनों को थाने ले जाया गया, लेकिन आरोप यह है कि मारपीट करने वालों को शीघ्र रिहा कर दिया गया, जबकि बालक को लंबे समय तक थाने में रखा गया।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही पहले से राजनीतिक बहस के केंद्र में है। गौरतलब है कि राज्य में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच विपक्ष सत्तारूढ़ गठबंधन पर दबाव बनाने के हर अवसर का उपयोग कर रहा है।

बयान बदलवाने का कथित दबाव

तेजस्वी यादव ने सबसे गंभीर आरोप यह लगाया कि थाने से घर लौटने के बाद अगले दिन पुलिस फिर प्रिंस कुमार के घर पहुँची और उस पर अपना बयान बदलने का कथित दबाव बनाया गया। उनके अनुसार, बच्चे से यह कहलवाने की कोशिश हुई कि मारपीट करने वाले उसके मित्र थे और वे सब मिलकर BJP के लिए काम करते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने इसे पुलिस द्वारा नाबालिग को डराने और धमकाने का प्रयास करार दिया।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं हुई है। संबंधित पुलिस अधिकारियों अथवा BJP की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।

तेजस्वी यादव की माँग

तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने स्वयं प्रिंस कुमार से मिलकर पूरी घटना की जानकारी ली है। उन्होंने माँग की कि कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों और मारपीट में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने इस मामले में बिहार सरकार की चुप्पी पर भी तीखा हमला बोला।

क्या होगा आगे

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला अब जाँच और जवाबदेही की माँग के साथ सुर्खियों में है। पुलिस और BJP की प्रतिक्रिया आने के बाद ही इस प्रकरण की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। बिहार सरकार और पुलिस महकमे पर इस मामले में पारदर्शिता बरतने का दबाव बढ़ता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न पुलिस की, और न ही किसी स्वतंत्र गवाह की प्रतिक्रिया अब तक सामने आई है। एकपक्षीय बयान पर आधारित यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील समय पर सामने आया है, जब बिहार में सत्ता की लड़ाई तेज़ है। असली कसौटी यह होगी कि क्या इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज होती है और न्यायिक प्रक्रिया शुरू होती है — या यह केवल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सिमट कर रह जाता है। नाबालिग पर बयान बदलवाने के दबाव का आरोप, अगर सिद्ध होता है, तो यह पुलिस की संस्थागत जवाबदेही का मसला बनेगा, न केवल राजनीतिक।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में 12 वर्षीय प्रिंस कुमार के साथ क्या हुआ?
तेजस्वी यादव के आरोप के अनुसार, प्रिंस कुमार गंगा किनारे 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का वीडियो बना रहा था, तभी कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसे रेलिंग के नीचे नदी की तरफ धकेला। इसके बाद पुलिस ने भी कथित तौर पर बच्चे के साथ दुर्व्यवहार किया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
तेजस्वी यादव ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि मारपीट करने वाले लोग BJP से जुड़े थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस ने बच्चे पर यह कहने का दबाव बनाया कि मारपीट करने वाले उसके दोस्त हैं और वे BJP के लिए काम करते हैं। BJP की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पुलिस पर क्या आरोप हैं?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कथित आरोपियों को जल्द रिहा कर दिया, जबकि पीड़ित बच्चे को थाने में रखा गया। अगले दिन पुलिस के बच्चे के घर जाकर उस पर बयान बदलवाने का कथित दबाव बनाने का भी आरोप है। संबंधित पुलिस अधिकारियों ने अभी इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
क्या इस मामले में कोई कार्रवाई होगी?
तेजस्वी यादव ने कहा है कि कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों और मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि, अभी तक कोई एफआईआर दर्ज होने या जाँच शुरू होने की पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना की स्वतंत्र पुष्टि हुई है?
नहीं। मारपीट, थाने में रखने और बयान बदलवाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक उपलब्ध जानकारी से नहीं हो सकी है। यह समाचार पूरी तरह तेजस्वी यादव के बयान और उनकी प्रिंस कुमार से मुलाकात पर आधारित है।
राष्ट्र प्रेस
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