विकसित भारत रन 2026: रेक्यावीक में भारतीय दूतावास ने आइसलैंड के भारतीय समुदाय को एकजुट किया
सारांश
मुख्य बातें
रेक्यावीक स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार, 19 सितंबर 2026 को 'विकसित भारत रन 2026' का आयोजन किया, जिसमें आइसलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यह आयोजन विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के प्रति एकजुटता दर्शाने और फिटनेस व नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दौड़ का उद्घाटन और मुख्य अतिथि
उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और विधान परिषद अध्यक्ष कुंवर मानवेंद्र सिंह ने रिबन काटकर इस दौड़ की औपचारिक शुरुआत की। दोनों नेताओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया और प्रवासी भारतीय समुदाय में उत्साह का संचार किया।
आयोजन का उद्देश्य
दूतावास के अनुसार, विकसित भारत रन का मूल उद्देश्य फिटनेस, एकता, सामुदायिक भावना और नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। यह आयोजन सेवा पखवाड़े की व्यापक भावना का भी प्रतिनिधित्व करता है, जो 2 अक्टूबर को गांधी जयंती तक चलेगा और समाज सेवा, सामूहिक जिम्मेदारी तथा राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका को रेखांकित करता है।
एक पेड़ मां के नाम: हरियाली की ओर कदम
दौड़ के अवसर पर दोनों नेताओं ने 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत रेक्यावीक स्थित दूतावास परिसर में एक पौधा लगाया। दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस पहल ने दूतावास में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान के लिए एक सार्थक दिशा तय की, जो राष्ट्रव्यापी विषय 'स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत' के अनुरूप है।
स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारंभ
दूतावास ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को 'स्वच्छता ही सेवा 2026' अभियान का शुभारंभ किया, जो 2 अक्टूबर तक चलेगा। राजदूत आर. रविंद्र ने रेक्यावीक स्थित भारतीय दूतावास में इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की और दूतावास के अधिकारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इसके तहत राजदूत ने स्वयं श्रमदान में अधिकारियों का नेतृत्व किया।
भारत-आइसलैंड संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और आइसलैंड ने भौगोलिक दूरी और जनसंख्या के आकार में अंतर के बावजूद, साझा मूल्यों और हितों की समानता के आधार पर द्विपक्षीय मित्रता को मजबूत करने का प्रयास किया है। यह आयोजन उसी सांस्कृतिक और राजनयिक जुड़ाव की एक कड़ी है। गौरतलब है कि ऐसे सामुदायिक कार्यक्रम विदेशों में भारतीय प्रवासी समुदाय और मातृभूमि के बीच एक सेतु का काम करते हैं।