पटना लाठीचार्ज पर सियासत: मंत्री रामकृपाल यादव बोले — 'बेरोजगार नेता छात्रों के कंधे पर रख रहे बंदूक'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पटना में छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज कार्रवाई को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। 26 अगस्त 2026 को मंत्री रामकृपाल यादव ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि कुछ दलों के 'बेरोजगार नेता' छात्रों की आड़ में अपनी राजनीतिक दुकानदारी चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों की उचित माँगों पर विचार करने को तैयार है।
मंत्री का विपक्ष पर सीधा हमला
रामकृपाल यादव ने कहा, 'छात्रों की समस्याओं को लेकर सरकार अत्यंत गंभीर है। मुख्यमंत्री ने स्वयं पहल की है और छात्रों की जो उचित मांग है, उस पर विचार करने का निर्णय लिया है।' उन्होंने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा, 'छात्रों की आड़ में कुछ दलों के लोग, जो बेरोजगार हो गए हैं, वो अपनी चिंता कर रहे हैं। उनकी चिंता है कि कैसे अव्यवस्था फैले, लाठीचार्ज हो, गोली चले ताकि उनकी जो दुकानदारी बंद हो गई है, वो फिर से खुल जाए।'
छात्रों से सीधी अपील
मंत्री ने छात्रों को सचेत करते हुए कहा, 'छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर चलाने की कोशिश की जा रही है। हम अपने छात्रों से अनुरोध करेंगे कि आपकी समस्या को लेकर चाहे केंद्र की सरकार हो या राज्य की सरकार, वो पूरी तत्परता के साथ लगी है।' उन्होंने छात्रों से ऐसे राजनीतिक दलों से दूर रहने की अपील की जो उनका इस्तेमाल अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करना चाहते हैं।
तेजस्वी यादव पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से मिलने पहुँचे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अस्पताल दौरे पर रामकृपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'तेजस्वी यादव हों या अलग-अलग दलों के नेता, वो अवसर खोजते रहते हैं। सरकार के खिलाफ उन्हें कोई अवसर मिल नहीं रहा है, इसलिए वो इस तरह की घटनाओं का सहारा लेते हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में छात्र बेरोजगारी और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर आंदोलन की आग सुलग रही है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का दावा
मंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए की गई सरकारी घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में महिला सशक्तिकरण की जो नींव रखी गई, उसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जीविका दीदियों के लिए योजनाओं का विशेष उल्लेख किया।
आगे की राह
गौरतलब है कि बिहार में छात्र आंदोलन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति को एक नई दिशा दी है। सरकार ने भले ही संवाद का भरोसा दिया हो, लेकिन विपक्ष की सक्रियता यह संकेत देती है कि यह मुद्दा जल्द थमने वाला नहीं। छात्रों की माँगों पर सरकार की अगली कार्रवाई ही तय करेगी कि यह टकराव किस दिशा में जाता है।