क्या पटना में अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन का विकास संभव है?
सारांश
मुख्य बातें
पटना, 16 जून (राष्ट्र प्रेस) - भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) ने सोमवार को पटना में 'जल मार्ग विकास परियोजना' (जेएमवीपी) के अंतर्गत गंगा नदी (एनडब्ल्यू 1) पर अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन के विकास पर एक परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला बिहार में इस प्रकार की पहली चर्चा है, जिसमें बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के नीति निर्माता शामिल हुए।
कार्यशाला की अध्यक्षता केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री (एमओपीएसडब्ल्यू) सर्बानंद सोनोवाल ने की। इस अवसर पर सोनोवाल ने कहा कि बिहार का इतिहास और गरिमा अद्वितीय है। यहां वाटर मेट्रो प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा। हमारी कोशिश रहेगी कि और अधिक परियोजनाएं यहां लाए जाएं।
उन्होंने आगे कहा कि पटना में अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन का एक हब बनाने की घोषणा की गई। साथ ही, नई योजनाओं के लिए बिहार सरकार द्वारा कई सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे परिवर्तनों की सराहना की।
बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी केंद्र सरकार से जल परिवहन और नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पटना वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने का आग्रह किया। चौधरी ने कहा कि यह सेवा जल परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कार्यशाला के आयोजन के लिए केंद्र सरकार को बधाई दी और कहा कि बिहार की धरा सदियों से गंगा के किनारे व्यापार और संस्कृति का केंद्र रही है। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, और अन्य मंत्री भी उपस्थित रहे।