पटना पुलिस ने भू-माफिया संतोष डॉन को किया गिरफ्तार, 7.62 बोर पिस्टल व कारतूस बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पटना पुलिस ने 19 जुलाई 2026 को संगठित अपराध के विरुद्ध अभियान के तहत कुख्यात भू-माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष डॉन को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 7.62 बोर की एक अवैध ऑटोमैटिक पिस्टल, एक मैगजीन, तीन जिंदा कारतूस, ₹18,900 नकद और एक सोने की चेन बरामद की गई। पटना और नालंदा जिले के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और आर्म्स एक्ट सहित करीब 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
खुसरूपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संतोष डॉन किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की नीयत से क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना पर फतुहा के एसडीपीओ-2 संजीव कुमार के निर्देश पर खुसरूपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एनएच स्थित हमजापुर के समीप घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया।
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 7.62 बोर की अवैध पिस्टल, एक मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा ₹18,900 नकद और एक सोने की चेन भी जब्त की गई। पूछताछ में संतोष डॉन ने अपने व्यापक आपराधिक इतिहास की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार वह पटना जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल रहा है।
गौरतलब है कि आरोपी मूल रूप से नालंदा जिले का निवासी है, जबकि उसका ससुराल खुसरूपुर थाना क्षेत्र के चुकिया गाँव में है। वह वर्तमान में तीन मामलों में फरार चल रहा था — जिनमें भागन बीघा और बेना थाना के मामले शामिल हैं। एक मामले में न्यायालय से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी था।
संगठित आपराधिक नेटवर्क की जाँच
प्रारंभिक जाँच में पुलिस आरोपी के संगठित आपराधिक नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार पुलिस भू-माफियाओं और संगठित गिरोहों के विरुद्ध राज्यव्यापी अभियान चला रही है।
पुलिस का रुख और आगे की कार्रवाई
पटना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत यह अभियान जारी रहेगा। कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में आगे की जाँच जारी है और आरोपी के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी छानबीन की जा रही है।