पटना में यूजीसी के समर्थन में हुआ जोरदार प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई धक्का-मुक्की

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पटना में यूजीसी के समर्थन में हुआ जोरदार प्रदर्शन, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई धक्का-मुक्की

सारांश

पटना में यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शनकारियों ने राजभवन मार्च में भाग लिया, जहाँ उन्होंने उच्च शिक्षा में समान अवसर की मांग की। यह प्रदर्शन पुलिस के साथ धक्कामुक्की में बदल गया।

Key Takeaways

  • यूजीसी रेगुलेशन को लागू करने की मांग की गई।
  • नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लेने की आवश्यकता पर जोर।
  • सामाजिक असमानता और जातिगत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई गई।
  • प्रदर्शन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्कामुक्की हुई।
  • राजनीतिक नेताओं ने सामाजिक न्याय की लड़ाई में समर्थन का आश्वासन दिया।

पटना, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ऑल इंडिया इक्विटी फोरम फॉर इक्विटी के बैनर तले बुधवार को पटना में यूजीसी से संबंधित मुद्दों और उच्च शिक्षा में समान अवसर की मांग को लेकर राजभवन मार्च का आयोजन किया गया। इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा, सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न जिलों से आए लोग शामिल हुए।

यह मार्च गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू होकर जेपी गोलंबर के बैरिकेड को तोड़ते हुए डाक बंगला चौराहा तक पहुँचा, जहां प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस ने धक्कामुक्की की और कुछ लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि, बाद में सभी को छोड़ दिया गया। डाक बंगला चौराहा पर यह मार्च एक सभा में बदल गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा में बढ़ती सामाजिक असमानता, जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ यह आवश्यक है कि यूजीसी रेगुलेशन लागू किया जाए और नई शिक्षा नीति 2020 को वापस लिया जाए। वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की सीमा को बढ़ाने और उसे सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के राज्य अध्यक्ष सुधीर कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालयों में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव की घटनाएं निरंतर सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विभिन्न रिपोर्टों और न्यायिक कार्यवाहियों में भी चर्चा हो चुकी है, लेकिन सरकार प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है।

सभा का संचालन फोरम के राज्य संयोजक रिंकु यादव ने किया। काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि सड़क की इस आवाज को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार सामाजिक न्याय की लड़ाई निर्णायक मंजिल तक पहुंचेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि बिहार फिर से सामाजिक न्याय और लोकतंत्र की लड़ाई के अग्रिम चौकी के रूप में खड़ा होगा। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी शर्त है और इसके लिए छात्र-युवा आंदोलन जारी रहेगा। सभा को पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा और विधायक संदीप सौरभ ने भी संबोधित किया।

Point of View

बल्कि सामाजिक न्याय की आवश्यकता को भी दर्शाती हैं।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

यूजीसी रेगुलेशन क्या है?
यूजीसी रेगुलेशन उच्च शिक्षा में मानकों और नीतियों को निर्धारित करने के लिए बनाए गए नियम हैं।
इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा में समान अवसर और यूजीसी रेगुलेशन का कार्यान्वयन था।
प्रदर्शन में कितने लोग शामिल हुए?
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
क्या प्रदर्शन के दौरान कोई गिरफ्तारी हुई?
हाँ, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
इस प्रदर्शन का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह प्रदर्शन सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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