UP शिक्षा चयन आयोग की चेतावनी: PGT, TET परीक्षाओं पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने 14 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि PGT, TET तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों को सतर्क करते हुए कहा कि वे केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित जानकारी को ही प्रामाणिक मानें।
क्या है पूरा मामला
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने मंगलवार को बताया कि आयोग के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व PGT, TET तथा अन्य परीक्षाओं से जुड़ी ओएमआर शीट, उत्तर कुंजी, कटऑफ और प्राप्तांकों के नाम पर अभ्यर्थियों को आयोग कार्यालय पहुँचकर प्रार्थना पत्र देने के लिए उकसा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब परीक्षा प्रक्रियाओं को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रम की स्थिति लगातार बनी रहती है।
AI से फर्जी दस्तावेज़ और अवैध धन उगाही
डॉ. कुमार ने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के ज़रिए फर्जी दस्तावेज़ तैयार कर भ्रामक सूचनाएँ प्रसारित की जा रही हैं। इसके अलावा, धन के लेन-देन से जुड़ी अप्रमाणित बातें भी फैलाई जा रही हैं, जो अभ्यर्थियों को आर्थिक नुकसान पहुँचा सकती हैं। गौरतलब है कि परीक्षा-संबंधी अफवाहों और बिचौलियों के जरिए ठगी की यह समस्या उत्तर प्रदेश में पहले भी सामने आ चुकी है।
PGT परिणाम पहले ही जारी
आयोग अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि PGT परीक्षा का परिणाम पहले ही घोषित किया जा चुका है। सभी अभ्यर्थियों के प्राप्तांक, चयनित अभ्यर्थियों के लिखित परीक्षा अंक, साक्षात्कार अंक और अंतिम प्राप्तांक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अलग-अलग उपलब्ध हैं। अभ्यर्थियों को किसी भी जानकारी के लिए आयोग कार्यालय के चक्कर लगाने या बिचौलियों के संपर्क में आने की कोई आवश्यकता नहीं है।
आयोग की अपील और कानूनी चेतावनी
डॉ. प्रशांत कुमार ने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि असत्य सूचनाएँ फैलाने, अभ्यर्थियों को गुमराह करने और अवैध धन वसूली का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने दोहराया कि परीक्षा से जुड़ी सभी आधिकारिक सूचनाएँ केवल उसकी वेबसाइट पर ही उपलब्ध कराई जाती हैं।
अभ्यर्थी क्या करें
आयोग ने सुझाव दिया है कि अभ्यर्थी किसी भी जानकारी के लिए सीधे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। बिचौलियों या सोशल मीडिया पर प्रसारित अनधिकृत सूचनाओं पर भरोसा करना अभ्यर्थियों के हित में नहीं है और इससे उन्हें कानूनी एवं आर्थिक नुकसान हो सकता है। आने वाले समय में आयोग इस मामले में और सख्त कदम उठा सकता है।