ईवी रैली को हर्ष मल्होत्रा ने दिखाई हरी झंडी, दिल्ली से चंडीगढ़ तक युवाओं में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) और जेके टायर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इलेक्ट्रिक व्हीकल रैली को हरी झंडी दिखाई। यह अभियान दिल्ली से चंडीगढ़ और फिर वापस दिल्ली तक चलेगा, जिसका प्रमुख उद्देश्य युवाओं में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और ग्रीन मोबिलिटी को प्रोत्साहित करना है।
अभियान का उद्देश्य और स्वरूप
इस रैली में शामिल सभी वाहन पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं, जो क्लीन मोबिलिटी के संदेश को व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित करते हैं। पीएचडीसीसीआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और जेके टायर के इस संयुक्त प्रयास को 'यूथ सेफ्टी एंड स्मार्ट मोबिलिटी' अभियान का नाम दिया गया है। अभियान के दौरान दल दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच विभिन्न कॉलेजों में जाकर 5,000 से 6,000 युवाओं से संवाद करेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार बढ़ाने और 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।
सड़क सुरक्षा पर मंत्री का संबोधन
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने रैली को झंडी दिखाते हुए कहा, 'सड़क सुरक्षा हमारे मंत्रालय और हर व्यक्ति के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। दोपहिया वाहन चलाने वालों को हेलमेट जरूर पहनना चाहिए, क्योंकि देश में हर साल लगभग साढ़े चार लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें करीब एक लाख 70 हजार लोगों की मौत हो जाती है और मरने वालों में 70 प्रतिशत लोग 35 साल से कम उम्र के होते हैं।'
मल्होत्रा ने यह भी बताया कि मंत्रालय ने पिछले एक वर्ष में सड़कों से 14,000 ब्लैक स्पॉट्स को समाप्त किया है — चाहे वे डिज़ाइन संबंधी खामियाँ रही हों या अन्य कारण। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट और डार्क स्पॉट मुक्त सड़क नेटवर्क बनाना मंत्रालय की प्राथमिकता है।
पीएचडीसीसीआई महासचिव की बात
पीएचडीसीसीआई के महासचिव डॉ. रणजीत मेहता ने कहा कि जब भी कोई युवा सड़क पर निकलता है, उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि देश में सालाना चार लाख से अधिक सड़क हादसे होते हैं, जिनमें करीब 40 प्रतिशत मौतें 35 वर्ष से कम आयु के युवाओं की होती हैं।
डॉ. मेहता ने कहा, 'युवाओं को सड़क सुरक्षा का एंबेसडर बनाना इस अभियान का मूल संकल्प है।' उन्होंने ईवी रैली को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2070 तक भारत को नेट जीरो बनाने के लक्ष्य से सीधे जोड़ा और कहा कि इसमें हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
नेट जीरो लक्ष्य और ग्रीन मोबिलिटी का संदर्भ
गौरतलब है कि भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहन नीति और फेम योजना के ज़रिए परिवहन क्षेत्र के कार्बन फुटप्रिंट को घटाने की कोशिश कर रही है। इस पृष्ठभूमि में पीएचडीसीसीआई और जेके टायर जैसे उद्योग निकायों का ईवी रैली के माध्यम से युवाओं से सीधे संवाद का प्रयास नीतिगत संदेश को ज़मीनी स्तर तक ले जाने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।
आगे, अभियान दल दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग पर विभिन्न पड़ावों पर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा और ईवी अपनाने के व्यावहारिक लाभों पर युवाओं से संवाद करेगा।