24 सितंबर 2026
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दिल्ली: AI फोटो मॉर्फिंग मामले में अभिजीत, सौरभ, आशुतोष और रतना के खिलाफ FIR दर्ज

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दिल्ली: AI फोटो मॉर्फिंग मामले में अभिजीत, सौरभ, आशुतोष और रतना के खिलाफ FIR दर्ज

सारांश

दिल्ली साइबर पुलिस ने एक युवती की तस्वीर को AI के ज़रिए PM मोदी की छवि के साथ मॉर्फ कर सीजेपी प्रदर्शन में इस्तेमाल किए जाने के मामले में अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रंका और रतना सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की माँग की है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 24 सितंबर 2026 को नई दिल्ली साइबर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की।
एफआईआर में अभिजीत दीपके , सौरभ दास , आशुतोष रंका और रतना सिंह नामित हैं।
पीड़िता का आरोप है कि उसकी तस्वीर को AI के ज़रिए PM नरेंद्र मोदी की छवि के साथ मॉर्फ कर सीजेपी प्रदर्शन में इस्तेमाल किया गया।
मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज।
पीड़िता ने एक्स पर पोस्ट कर आरोपियों की गिरफ्तारी और गहन जाँच की माँग की।

दिल्ली पुलिस ने 24 सितंबर 2026 को एक युवती की शिकायत पर कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से जुड़े कथित उत्पीड़न और एआई तकनीक के ज़रिए तस्वीर से छेड़छाड़ के मामले में एफआईआर दर्ज की है। यह मामला नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में पंजीकृत किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की सभी पहलुओं से जाँच जारी है।

पीड़िता का आरोप

पीड़िता का कथित आरोप है कि सीजेपी के एक प्रदर्शन के दौरान कुछ युवकों ने उसे धमकाया और उसकी गरिमा को ठेस पहुँचाने की कोशिश की। उसकी शिकायत के मुताबिक, उसकी तस्वीर को एआई तकनीक के ज़रिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि के साथ मॉर्फ कर सनसनीखेज ढंग से फ्लेक्स पोस्टर पर इस्तेमाल किया गया। इस एडिटेड फ्लेक्स को कथित तौर पर सीजेपी प्रदर्शन में प्रदर्शित किया गया।

एफआईआर में नामित आरोपी

दिल्ली पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रंका और रतना सिंह के नाम शामिल हैं।

पीड़िता की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सूचित किया कि 'एफआईआर दर्ज हो गया है।' उसने मामले से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की। पीड़िता ने प्रदर्शन आयोजकों समेत उन सभी लोगों की गहन जाँच की अपील की जिन्होंने एडिटेड तस्वीर बनाई, उसे प्रदर्शन में इस्तेमाल किया, या उसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।

पीड़िता की माँगें और आगे की राह

पीड़िता ने यह भी कहा कि भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी महिला को इस तरह के अपमान, उत्पीड़न और मानहानि का सामना न करना पड़े। उसने दिल्ली पुलिस से स्पष्ट जवाब माँगा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी में कितना समय लगेगा। गौरतलब है कि एआई-आधारित फोटो मॉर्फिंग के मामले देशभर में तेज़ी से बढ़ रहे हैं, और यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ऐसे मामलों में गिरफ्तारी की गति अक्सर धीमी रहती है। पीड़िता का सार्वजनिक मंच से पुलिस से सवाल पूछना यह दर्शाता है कि कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा अभी भी अधूरा है। बिना त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई के, ऐसे मामले डिजिटल स्पेस में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को बेअसर जोखिम बनाए रखते हैं।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली AI फोटो मॉर्फिंग मामले में FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रंका और रतना सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मुकदमा नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है।
पीड़िता पर किस तरह का उत्पीड़न हुआ?
पीड़िता का कथित आरोप है कि सीजेपी प्रदर्शन के दौरान उसकी तस्वीर को AI तकनीक से PM नरेंद्र मोदी की छवि के साथ मॉर्फ किया गया और एडिटेड फ्लेक्स पोस्टर प्रदर्शन में इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही उसे धमकाया गया और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
FIR किन कानूनी धाराओं के तहत दर्ज हुई है?
मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। ये धाराएँ साइबर अपराध, उत्पीड़न और डिजिटल मानहानि से संबंधित हैं।
FIR दर्ज होने के बाद पीड़िता ने क्या माँग की है?
पीड़िता ने एक्स पर पोस्ट कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की माँग की और एडिटेड तस्वीर बनाने वालों, प्रदर्शन आयोजकों तथा वीडियो वायरल करने वालों की भूमिका की गहन जाँच की अपील की। उसने दिल्ली पुलिस से आगे की कार्रवाई की समयसीमा भी माँगी है।
क्या कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर भी जाँच होगी?
पीड़िता ने प्रदर्शन के आयोजकों की भूमिका की भी जाँच की माँग की है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है, हालाँकि अभी तक आयोजकों पर किसी औपचारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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