पिंपरी-चिंचवड़: आर्थिक तंगी से टूटे परिवार के तीन सदस्यों ने जहरीली दवा से की आत्महत्या
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में 2 अगस्त को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब मोरवाड़ी, पिंपरी, पुणे निवासी पिल्ले परिवार के तीन सदस्यों ने कथित तौर पर आर्थिक तंगी से परेशान होकर जहरीली दवा के धुएं से सामूहिक आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान विनोद पिल्ले (50), उनकी पत्नी सिरजा पिल्ले (45) और बेटी पूर्णिमा पिल्ले (19) के रूप में हुई है।
कौन थे पिल्ले परिवार के सदस्य
जानकारी के अनुसार, विनोद पिल्ले नवंबर 2024 तक डॉन बॉस्को कंपनी में कार्यरत थे। उनकी पत्नी सिरजा पिल्ले मोरवाड़ी के एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी माध्यम स्कूल में समन्वयक के पद पर थीं। बेटी पूर्णिमा पिल्ले चिंचवाड़ के एस एम कॉलेज में कंप्यूटर साइंस के द्वितीय वर्ष की छात्रा थी।
मुख्य घटनाक्रम
रिश्तेदारों के बार-बार फोन करने पर जब किसी ने उत्तर नहीं दिया, तो पास में रहने वाले परिजन घर पहुँचे। दरवाज़ा बंद नहीं था और धक्का देते ही खुल गया। भीतर तीनों सदस्य अचेत अवस्था में मिले। सोसाइटी के लोगों को सूचना मिलते ही संत तुकाराम नगर पुलिस थाने को खबर दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, विनोद पिल्ले की जहरीली दवा का धुआँ सूँघने से मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि सिरजा और पूर्णिमा को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था
संत तुकाराम नगर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुहास आव्हाड ने बताया कि घटनास्थल पर एक सुसाइड नोट, जहरीली दवा की बोतल और एक बर्तन में जला हुआ कोयला बरामद हुआ। नोट में विनोद पिल्ले ने कथित तौर पर लिखा था कि परिवार आर्थिक तंगी के कारण यह कदम उठा रहा है और उनकी मृत्यु के लिए किसी को ज़िम्मेदार न ठहराया जाए।
जाँच की स्थिति
पुलिस ने घटनास्थल से तीनों के मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए हैं और मामले की विस्तृत जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों की जाँच की जा रही है ताकि घटना की पूरी परिस्थितियाँ स्पष्ट हो सकें।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में आर्थिक दबाव से जुड़ी पारिवारिक त्रासदियों पर गंभीर विमर्श की ज़रूरत महसूस की जा रही है।