12 अगस्त 2026
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पिनाराई विजयन का सतीशन सरकार पर हमला: बाढ़ पीड़ितों तक पहुँचने में 10 दिन क्यों लगे?

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पिनाराई विजयन का सतीशन सरकार पर हमला: बाढ़ पीड़ितों तक पहुँचने में 10 दिन क्यों लगे?

सारांश

विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने सतीशन सरकार पर केरल बाढ़ संकट को ठीक से न संभालने का आरोप लगाया — मंत्रियों की 10 दिन से अधिक की देरी को अस्वीकार्य बताया। विडंबना यह है कि ओखी चक्रवात के दौरान वे स्वयं ऐसी ही आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं।

मुख्य बातें

पिनाराई विजयन ने 12 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडी सतीशन सरकार पर बाढ़ प्रबंधन में विफलता का आरोप लगाया।
विजयन ने कहा कि आपदा के बाद मंत्रियों का पीड़ित परिवारों तक पहुँचने में 10 दिन से अधिक समय लगना अस्वीकार्य है।
विजयन स्वयं मुख्यमंत्री काल में ओखी चक्रवात के दौरान देरी से दौरे को लेकर आलोचना झेल चुके हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेसी मामले पर सवाल उठे, जिस पर विजयन ने संक्षिप्त जवाब देकर बात समाप्त की।
विपक्ष में आने के बाद विजयन अब सप्ताह में कम से कम एक बार मीडिया से मिलते हैं — मुख्यमंत्री काल के विपरीत।

पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार, 12 अगस्त को तिरुवनंतपुरम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीडी सतीशन सरकार पर केरल में बाढ़ और भारी बारिश से उत्पन्न संकट को ठीक से न संभालने का आरोप लगाया। विजयन ने कहा कि आपदा के बाद मंत्रियों का प्रभावित परिवारों तक पहुँचने में 10 दिन से अधिक का समय लगना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

मुख्य आरोप: प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल

विजयन ने तर्क दिया कि आपदा राहत और पुनर्वास का काम केवल सरकारी फाइलों, बैठकों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनका कहना था कि जब परिवार अपने घर और अपनों को खोने के दर्द से उबरने की कोशिश कर रहे हों, तब मंत्रियों की जमीनी मौजूदगी अनिवार्य है। उन्होंने सतीशन सरकार पर न केवल प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया, बल्कि राजनीतिक संवेदनशीलता की कमी को भी उजागर किया।

विजयन का अपना इतिहास: ओखी चक्रवात की याद

गौरतलब है कि विजयन स्वयं अपने मुख्यमंत्रित्व काल में आपदा प्रबंधन को लेकर आलोचनाओं के घेरे में रह चुके हैं। जब ओखी चक्रवात ने केरल के तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई थी, तब प्रभावित इलाकों के दौरे में देरी को लेकर उनकी कड़ी आलोचना हुई थी। लापता मछुआरों के परिजन जवाब का इंतजार कर रहे थे और जनाक्रोश इतना तीव्र था कि कथित तौर पर विजयन को उस दिन एक अलग वाहन से वापस लौटना पड़ा था।

यह ऐसे समय में आया है जब विजयन विपक्ष के नेता की भूमिका में सक्रिय रूप से मीडिया से जुड़ रहे हैं — एक बदलाव जो उनके मुख्यमंत्री काल के रवैये से बिल्कुल अलग है, जब वे मीडिया से मुश्किल से ही मिलते थे।

मेसी मामले पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उस समय चर्चा में चल रहे मेसी मामले पर भी सवाल उठे। विजयन ने इस पर विस्तृत सफाई देने से परहेज किया और केवल यह कहकर बात समाप्त की कि इस मामले में कुछ भी गलत नहीं था। इसके बाद माइक बंद कर दिया गया और प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त हो गई।

विपक्ष में विजयन का बदला अंदाज

विजयन के एक दशक के शासनकाल में मीडिया से उनकी दूरी जगजाहिर थी। लेकिन सत्ता से बाहर होने और विपक्ष की भूमिका संभालने के बाद, वे अब कम से कम सप्ताह में एक बार — और कभी-कभी उससे भी अधिक — मीडिया के सामने आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव विपक्षी राजनीति की रणनीतिक जरूरत को दर्शाता है। आने वाले समय में देखना होगा कि सतीशन सरकार इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देती है और बाढ़ राहत कार्यों की गति क्या रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बड़ी विडंबना भी है — ओखी चक्रवात के दौरान उन्होंने स्वयं वही आलोचनाएँ झेली थीं जो वे आज सतीशन सरकार पर लगा रहे हैं। विपक्ष में आकर मीडिया से साप्ताहिक संवाद का यह नया अंदाज बताता है कि केरल की राजनीति में जवाबदेही का मानदंड सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों के लिए अलग-अलग नहीं हो सकता। असली सवाल यह है कि क्या यह आलोचना नीतिगत सुधार की माँग है या महज राजनीतिक स्कोरसेटलिंग — और केरल की जनता इस फर्क को पहचानती है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिनाराई विजयन ने सतीशन सरकार पर क्या आरोप लगाए?
विजयन ने आरोप लगाया कि केरल में बाढ़ और भारी बारिश के बाद मंत्रियों को पीड़ित परिवारों तक पहुँचने में 10 दिन से अधिक का समय लगा, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि राहत कार्य केवल फाइलों और सरकारी घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
क्या विजयन स्वयं आपदा प्रबंधन में विफलता के आरोपों का सामना कर चुके हैं?
हाँ। अपने मुख्यमंत्री काल में ओखी चक्रवात के दौरान विजयन पर तटीय क्षेत्रों के दौरे में देरी का आरोप लगा था। लापता मछुआरों के परिजनों के गुस्से के बीच कथित तौर पर उन्हें अलग वाहन से लौटना पड़ा था।
मेसी मामले पर विजयन ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेसी मामले पर सवाल उठने पर विजयन ने केवल यह कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं था। उन्होंने कोई विस्तृत सफाई नहीं दी और इसके बाद माइक बंद कर दिया गया।
विपक्ष में आने के बाद विजयन के मीडिया से संवाद में क्या बदलाव आया है?
मुख्यमंत्री रहते हुए विजयन मीडिया से बहुत कम मिलते थे, लेकिन विपक्ष के नेता बनने के बाद वे अब कम से कम सप्ताह में एक बार — और कभी-कभी उससे अधिक — प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं।
केरल में बाढ़ राहत को लेकर विजयन की मुख्य माँग क्या है?
विजयन की माँग है कि सरकार राहत और पुनर्वास को केवल कागजी कार्रवाई तक न रखे, बल्कि मंत्री व्यक्तिगत रूप से प्रभावित परिवारों तक समय पर पहुँचें और उनके दुख में शामिल हों।
राष्ट्र प्रेस
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