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भारत की GDP वृद्धि दर 7.8% पहुँची, बिहार मंत्री शीला कुमारी ने मोदी नेतृत्व को दिया श्रेय

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भारत की GDP वृद्धि दर 7.8% पहुँची, बिहार मंत्री शीला कुमारी ने मोदी नेतृत्व को दिया श्रेय

सारांश

बिहार मंत्री शीला कुमारी ने भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि दर को मोदी नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही जातीय गणना, महिलाओं को 50% आरक्षण और 25 साल पुराने बिहार-झारखंड जल विवाद के समाधान को राज्य की प्रगति का प्रमाण बताया।

मुख्य बातें

बिहार मंत्री शीला कुमारी ने 1 सितंबर 2026 को पटना में भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि दर को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की उपलब्धि बताया।
मंत्री ने बिहार में जातीय गणना का समर्थन किया और कहा कि यह सामाजिक विकास योजनाओं के लिए अनिवार्य है।
बिहार में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का ज़मीनी असर दिखने लगा है।
बिहार-झारखंड के बीच करीब 25 वर्षों से चले आ रहे जल विवाद के समाधान के लिए हुए समझौते को ऐतिहासिक बताया।
चिराग पासवान और तेज प्रताप यादव से जुड़े राजनीतिक विवादों को मंत्री ने संबंधित दलों का आंतरिक मामला करार दिया।

बिहार सरकार की मंत्री शीला कुमारी ने 1 सितंबर 2026 को पटना में कहा कि भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत तक पहुँचना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और देशवासियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह आँकड़ा देश की आर्थिक मज़बूती का प्रमाण बताया जा रहा है।

जीडीपी वृद्धि पर मंत्री का बयान

मंत्री शीला कुमारी ने कहा कि विपक्ष लंबे समय से प्रधानमंत्री मोदी पर जीडीपी घटने के आरोप लगाता रहा है, लेकिन अब 7.8 प्रतिशत की विकास दर ने उन दावों को निराधार साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, ऐसे में भारत का यह प्रदर्शन उल्लेखनीय है। उनके अनुसार, इस उपलब्धि के पीछे प्रधानमंत्री का दूरदर्शी नेतृत्व और नागरिकों की मेहनत दोनों का योगदान है।

जातीय गणना और आरक्षण पर रुख

मंत्री ने बिहार में कराई गई जातीय गणना का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समाज की जनसंख्या और सामाजिक स्थिति की सटीक जानकारी के बिना विकास योजनाएँ बनाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आरक्षण संविधान का अभिन्न हिस्सा है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से इसके पक्षधर रहे हैं। एनडीए के भीतर आरक्षण पर उठ रहे अलग-अलग स्वरों के बीच उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय में योगदान को भी रेखांकित किया।

महिला आरक्षण और सशक्तिकरण

शीला कुमारी ने कहा कि बिहार में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को दिए गए 50 प्रतिशत आरक्षण का असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। जो महिलाएँ कभी मुखिया या वार्ड सदस्य बनने की कल्पना भी नहीं कर सकती थीं, वे आज स्थानीय शासन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। जीविका जैसी पहलों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएँ आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं।

बिहार-झारखंड जल-बंटवारा समझौता

मंत्री ने बिहार और झारखंड के बीच हुए जल-बंटवारे के समझौते को एक ऐतिहासिक कदम बताया, जो करीब 25 वर्षों से चली आ रही समस्या का समाधान करता है। उन्होंने याद दिलाया कि झारखंड पहले बिहार का ही हिस्सा था और राज्य विभाजन के बाद से जल वितरण एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। उनके अनुसार, इस समझौते से दोनों राज्यों के किसानों को जल उपलब्धता बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र को मज़बूती मिलेगी।

राजनीतिक विवादों पर प्रतिक्रिया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक मंत्री द्वारा चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पर आरक्षण का लाभ परिवार तक सीमित रखने के आरोप पर शीला कुमारी ने कहा कि हर राजनीतिक दल की अपनी नीतियाँ और विचारधारा होती है। दिल्ली के एक होटल में तेज प्रताप यादव द्वारा मंत्री संजय सिंह पर लगाए गए कथित आरोपों को उन्होंने संबंधित दल का आंतरिक मामला बताया और कहा कि इस पर निर्णय लेना उस दल का काम है। यह ऐसे समय में आया है जब एनडीए के घटक दलों के बीच आंतरिक तनाव के संकेत मिल रहे हैं।

गौरतलब है कि बिहार में आगामी राजनीतिक समीकरणों के बीच मंत्री शीला कुमारी का यह बयान केंद्र सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करने और राज्य में सुशासन की तस्वीर पेश करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में जातीय गणना के आँकड़ों के आधार पर नई नीतियों की घोषणा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक राज्य मंत्री का इसे केवल प्रधानमंत्री के नेतृत्व से जोड़ना आर्थिक विश्लेषण नहीं, राजनीतिक वक्तव्य है। असली सवाल यह है कि यह वृद्धि किन क्षेत्रों में हुई और क्या इसका लाभ बिहार जैसे पिछड़े राज्यों तक पहुँच रहा है, जहाँ प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है। जातीय गणना और महिला आरक्षण पर मंत्री के बयान ज़रूर नीतिगत प्रगति दर्शाते हैं, पर बिहार-झारखंड जल समझौते की असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — 25 साल के विवाद का समाधान कागज़ पर नहीं, खेतों तक पानी पहुँचने पर होगा।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.8% कब दर्ज की गई?
बिहार मंत्री शीला कुमारी ने 1 सितंबर 2026 को पटना में दिए बयान में भारत की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत पहुँचने की जानकारी दी। उन्होंने इसे वैश्विक चुनौतियों के बीच देश की बड़ी उपलब्धि बताया।
बिहार में जातीय गणना क्यों कराई गई?
मंत्री शीला कुमारी के अनुसार, समाज की सटीक जनसंख्या और सामाजिक स्थिति जाने बिना विकास योजनाएँ बनाना संभव नहीं है। बिहार सरकार ने जातीय गणना को नीति-निर्माण का आधार बनाने के उद्देश्य से कराया।
बिहार में महिलाओं को पंचायतों में कितना आरक्षण मिला है?
बिहार में पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। मंत्री के अनुसार, इसका असर अब गाँव स्तर पर दिखने लगा है और महिलाएँ स्थानीय शासन में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
बिहार-झारखंड जल-बंटवारा विवाद कितने समय से चल रहा था?
मंत्री शीला कुमारी के अनुसार, झारखंड के बिहार से अलग होने के बाद से दोनों राज्यों के बीच जल-बंटवारे को लेकर करीब 25 वर्षों से विवाद चला आ रहा था। हाल ही में हुए समझौते को इस दीर्घकालिक समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
चिराग पासवान और तेज प्रताप यादव विवाद पर बिहार मंत्री का क्या कहना है?
मंत्री शीला कुमारी ने तेज प्रताप यादव द्वारा मंत्री संजय सिंह पर दिल्ली के एक होटल में लगाए गए कथित आरोपों को संबंधित राजनीतिक दल का आंतरिक मामला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में निर्णय संबंधित दल का नेतृत्व ही लेता है।
राष्ट्र प्रेस
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