पेरिस में PM मोदी की मिस्ट्रल AI, एल्स्टॉम और सेंट-गोबेन के CEO से मुलाकात, भारत के मैन्युफैक्चरिंग-इनोवेशन इकोसिस्टम पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून 2026 को पेरिस में कई वैश्विक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकातें कीं और उन्हें भारत में तेज़ी से विकसित हो रहे मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन इकोसिस्टम में मौजूद अवसरों से अवगत कराया। यह दौरा भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
मिस्ट्रल AI से AI सहयोग पर बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने मिस्ट्रल AI के को-फाउंडर और सीईओ आर्थर मेन्श से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री ने भारत के बढ़ते AI इकोसिस्टम में उपलब्ध अवसरों की विस्तार से चर्चा की। मेन्श ने इनोवेशन को बढ़ावा देने और AI क्षमताओं के विस्तार के लिए भारत के साथ सहयोग करने तथा भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी में मिस्ट्रल AI की गहरी रुचि व्यक्त की।
एल्स्टॉम के साथ रेलवे आधुनिकीकरण पर संवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने एल्स्टॉम के सीईओ मार्टिन सियन से भी मुलाकात की, जहाँ बातचीत मुख्यतः मोबिलिटी और रेलवे आधुनिकीकरण के अवसरों पर केंद्रित रही। जायसवाल के अनुसार, प्रधानमंत्री ने भारत में एल्स्टॉम की बड़ी निवेश उपस्थिति और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों का उल्लेख किया, जो रोज़गार सृजन और भारत के रेल सेक्टर के विकास में योगदान दे रही हैं। सियन ने भारत में कंपनी के और विस्तार एवं निवेश की योजनाओं की जानकारी दी।
सेंट-गोबेन से निर्माण और स्थिरता पर चर्चा
प्रधानमंत्री ने सेंट-गोबेन के चेयरमैन और सीईओ बेनोइट बाजिन से मुलाकात की। इस बैठक में सामग्री और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के अवसरों पर चर्चा हुई, जिसमें स्थिरता (Sustainability) को विशेष महत्व दिया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री ने भारत में सेंट-गोबेन की मज़बूत उपस्थिति और निवेश का ज़िक्र किया, जिससे भारतीय युवाओं के लिए रोज़गार के अवसर बन रहे हैं। बाजिन ने भारत में कंपनी के आगे के निवेश और विस्तार की योजनाओं की रूपरेखा साझा की।
भारत-फ्रांस साझेदारी पर PM का संदेश
इन बैठकों से पहले, प्रधानमंत्री मोदी पेरिस पहुँचे, जहाँ भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'भारत-फ्रांस की साझेदारी हमारी धरती की तरक्की के लिए बहुत ज़रूरी है।' यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अपनी कूटनीतिक सक्रियता बढ़ा रहा है।
आगे क्या
इन उच्चस्तरीय बैठकों से AI, रेलवे और निर्माण क्षेत्रों में भारत-फ्रांस सहयोग के नए अध्याय खुलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि मिस्ट्रल AI जैसी यूरोपीय कंपनियों की भारत में रुचि, देश को वैश्विक AI विकास केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में सकारात्मक संकेत है।