15 अगस्त 2026
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लाल किले पर PM मोदी का दिल छूने वाला अंदाज़: बच्ची की गिरी टोपी उठाकर पहनाई, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर युवाओं से की खास मुलाकात

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लाल किले पर PM मोदी का दिल छूने वाला अंदाज़: बच्ची की गिरी टोपी उठाकर पहनाई, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर युवाओं से की खास मुलाकात

सारांश

लाल किले का औपचारिक मंच एक पल के लिए पीछे छूट गया जब PM मोदी ने झुककर एक बच्ची की गिरी टोपी उठाई और प्यार से उसके सिर पर पहना दी। काफिला रुकवाकर युवाओं के बीच पैदल पहुँचे प्रधानमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस को बच्चों के लिए जीवनभर की याद बना दिया।

मुख्य बातें

PM मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के बाद लाल किले पर एक बच्ची की गिरी टोपी उठाकर उसके सिर पर पहनाई।
प्रधानमंत्री ने काफिला रुकवाकर एनसीसी कैडेटों, स्कूली बच्चों और 'माय भारत' स्वयंसेवकों से पैदल चलकर मुलाकात की।
बच्चों ने मीडिया से बातचीत में इस अनुभव को जीवनभर याद रहने वाला पल बताया।
भाषण में एक करोड़ युवाओं को AI व सेमीकंडक्टर प्रशिक्षण, मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और खेल प्रतिभा खोज अभियान की घोषणा की गई।
प्रधानमंत्री का यह व्यवहार उनके युवा-केंद्रित स्वतंत्रता दिवस संबोधन की भावना के अनुरूप रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस का संबोधन समाप्त करने के तुरंत बाद एक ऐसा पल रचा, जो वहाँ मौजूद बच्चों और युवाओं के लिए जीवनभर की स्मृति बन गया। औपचारिक समारोह की समाप्ति के बाद वे प्रोटोकॉल से हटकर सीधे स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेटों और 'माय भारत' स्वयंसेवकों के बीच पहुँचे।

टोपी का वह पल जिसने सबका दिल जीता

जब एक छोटी बच्ची प्रधानमंत्री के प्रति आदर व्यक्त करने के लिए चरण स्पर्श को झुकी, तो उसके सिर पर रखी टोपी ज़मीन पर जा गिरी। प्रधानमंत्री मोदी ने बिना एक पल की देरी किए झुककर टोपी उठाई और स्नेह के साथ बच्ची के सिर पर पहना दी। उनके इस सहज और विनम्र व्यवहार ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।

काफिला रुकवाया, पैदल पहुँचे युवाओं के बीच

समारोह के बाद प्रधानमंत्री ने अपने काफिले को रुकवाया और स्वयं पैदल चलकर स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेटों तथा 'माय भारत' स्वयंसेवकों के बैठने वाले क्षेत्र तक पहुँचे। उन्होंने युवाओं से हाथ मिलाया, संक्षिप्त बातचीत की और उन्हें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं। प्रधानमंत्री से इतनी निकटता से मिलने का अवसर पाकर बच्चे और युवा स्पष्ट रूप से उत्साहित नज़र आए।

बच्चों की प्रतिक्रिया

बाद में कई बच्चों ने मीडिया से बातचीत में इस अनुभव को रोमांचक और अविस्मरणीय बताया। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री से इस तरह सीधे मिलना उनके जीवन का एक यादगार क्षण था। यह संवाद प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण की युवा-केंद्रित सोच के अनुरूप भी रहा।

भाषण में युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएँ

इससे पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, देशव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान और एक करोड़ जेन-जी युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तथा सेमीकंडक्टर तकनीक का प्रशिक्षण देने जैसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों की घोषणा की। यह व्यक्तिगत मुलाकात उन घोषणाओं को एक भावनात्मक आयाम देती है।

औपचारिकता से परे एक मानवीय स्पर्श

लाल किले के भव्य राष्ट्रीय आयोजन के बीच युवाओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर प्रधानमंत्री मोदी ने एक औपचारिक समारोह को भावनात्मक और मानवीय रंग दिया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने यह संदेश भी दिया कि देश की नई पीढ़ी भारत के भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इससे उनकी प्रभावशीलता कम नहीं होती। असली सवाल यह है कि क्या भाषण में की गई घोषणाएँ — एक करोड़ युवाओं को AI प्रशिक्षण, मुफ्त कोचिंग — उसी गर्मजोशी के साथ ज़मीन पर उतरती हैं। भावनात्मक पल राष्ट्रीय एकजुटता बनाते हैं, पर नीतिगत परिणाम ही असली विरासत तय करते हैं।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने लाल किले पर बच्ची की टोपी क्यों उठाई?
15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह के बाद जब एक छोटी बच्ची चरण स्पर्श के लिए झुकी तो उसकी टोपी ज़मीन पर गिर गई। प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत झुककर टोपी उठाई और स्नेह के साथ बच्ची के सिर पर पहना दी।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने युवाओं के लिए क्या घोषणाएँ कीं?
प्रधानमंत्री मोदी ने एक करोड़ जेन-जी युवाओं को AI और सेमीकंडक्टर तकनीक का प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और देशव्यापी खेल प्रतिभा खोज अभियान की घोषणा की।
PM मोदी ने लाल किले पर किन युवाओं से मुलाकात की?
औपचारिक समारोह के बाद प्रधानमंत्री ने काफिला रुकवाकर पैदल चलकर स्कूली बच्चों, एनसीसी कैडेटों और 'माय भारत' स्वयंसेवकों से मुलाकात की। उन्होंने युवाओं से हाथ मिलाया और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
बच्चों ने PM मोदी से मुलाकात के बारे में क्या कहा?
कई बच्चों ने मीडिया से बातचीत में इस अनुभव को रोमांचक और जीवनभर याद रहने वाला पल बताया। प्रधानमंत्री से इस तरह सीधे मिलने का अवसर उनके लिए अप्रत्याशित और भावनात्मक रूप से यादगार रहा।
'माय भारत' क्या है जिसके स्वयंसेवक लाल किले पर मौजूद थे?
'माय भारत' भारत सरकार का एक युवा स्वयंसेवक मंच है जो देशभर के युवाओं को राष्ट्रीय कार्यक्रमों और सेवा गतिविधियों से जोड़ता है। 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में इसके स्वयंसेवक एनसीसी कैडेटों और स्कूली बच्चों के साथ लाल किले पर उपस्थित थे।
राष्ट्र प्रेस
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