तारकेश्वर में PM मोदी की जनसभा: पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी, ₹18,880 करोड़ 9.44 करोड़ किसानों को
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त जारी की गई, जिसके तहत देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि सीधे भेजी गई। यह सभा पश्चिम बंग दिवस के अवसर पर आयोजित की गई।
पीएम मोदी का संबोधन
जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज़ादी के बाद बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए जो सपना देखा गया था, बंगाल की महान आत्माओं ने जो परिकल्पना की थी, आज पहली बार पश्चिम बंग दिवस पर उन सपनों को साकार होते देखा जा रहा है। उन्होंने कहा, NDA सरकार में विकास के महाअभियान की शुरुआत हो रही है और यह ऐतिहासिक तारीख पश्चिम बंगाल की विकास यात्रा की प्रेरणा बने।
जनता की प्रतिक्रिया
जनसभा में शामिल गोपाल उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के बाद बंगाल में बदलाव दिखने लगा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद चंद दिनों में ही सभी क्षेत्रों में विकास कार्य शुरू हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व की सरकारों में घुसपैठ लगातार बढ़ रही थी और काम की जगह आतंक का बोलबाला था।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि पश्चिम बंग दिवस पर प्रधानमंत्री का आना सौभाग्य की बात है और डबल इंजन सरकार में कई योजनाओं का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने माँग की कि पहले बंद हुई फैक्ट्रियों को फिर से शुरू किया जाए।
एक महिला ने कहा कि बंगाल की जनता के समर्थन से जनता की सरकार बनी है और डबल इंजन सरकार ने विकास कार्यों में दोगुनी गति पकड़ ली है। एक अन्य महिला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जो कहते हैं, उसे पूरा करते हैं और उन्होंने सरकार बनाने का जो दावा किया था, वह सच हुआ।
पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त
इस जनसभा के दौरान जारी पीएम-किसान योजना की 23वीं किस्त में ₹18,880 करोड़ से अधिक की राशि 9.44 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को DBT के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई। यह योजना केंद्र सरकार का किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता देने का प्रमुख कार्यक्रम है।
आगे क्या
डबल इंजन सरकार के तहत पश्चिम बंगाल में विकास परियोजनाओं की रफ्तार पर सभी की नज़र बनी रहेगी। स्थानीय जनता की अपेक्षाएँ बंद उद्योगों को फिर से चालू करने और रोज़गार के नए अवसर पैदा करने को लेकर केंद्रित हैं।