कांग्रेस की नीतियां महिलाओं और विकास के खिलाफ: प्रदीप भंडारी

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कांग्रेस की नीतियां महिलाओं और विकास के खिलाफ: प्रदीप भंडारी

सारांश

प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को महिला विरोधी और विकास विरोधी करार दिया। उनके अनुसार, देश की जनता अब कांग्रेस की सोच को भलीभांति समझ चुकी है। इस पर सौरव सिकदर ने भी अपनी राय रखी। जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • कांग्रेस की नीतियां महिलाओं के सशक्तीकरण के खिलाफ हैं।
  • महिला आरक्षण पर कांग्रेस का रवैया नकारात्मक है।
  • भाजपा के नेतृत्व में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा है।

सिलीगुड़ी, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला करते हुए उसे महिला विरोधी और विकास विरोधी बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर दिए गए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि देश की जनता अब कांग्रेस की सोच और नीतियों को भलीभांति समझ चुकी है।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ऐसे सुधारों का विरोध करती आई है जो देश को आगे बढ़ाने वाले हैं। उनके अनुसार, जब भी महिलाओं के सशक्तीकरण या किसी बड़े सुधार की बात होती है, तो कांग्रेस या तो उसे रोकने का प्रयास करती है या फिर उसका विरोध करती है। महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी कांग्रेस का रवैया सकारात्मक नहीं रहा है।

भंडारी ने यह भी कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। कांग्रेस ने लंबे समय तक इस मुद्दे को दरकिनार किया और महिलाओं को राजनीति में उचित स्थान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आज जो भी प्रगति दिख रही है, वह प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही संभव हो पाई है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति परिवारवाद और विकास को रोकने वाली सोच पर आधारित रही है। उनका आरोप है कि कांग्रेस नहीं चाहती कि गरीब, पिछड़े और मध्यम वर्ग की महिलाएं संसद या राजनीति में आगे आएं, क्योंकि इससे उनकी पुरानी राजनीति उजागर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की असली चिंता महिलाओं का सशक्तीकरण नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक छवि को बचाना है।

इसी मुद्दे पर पश्चिम बंगाल से भाजपा उम्मीदवार सौरव सिकदर ने भी प्रतिक्रिया दी और तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भले ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिला हैं, लेकिन उनके शासन में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। संविधान का 131वां संशोधन विधेयक के लोकसभा में खारिज होने के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है।

सौरव सिकदर ने कहा कि इस फैसले से महिलाओं के भविष्य और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है। उनका मानना है कि अगर इस तरह के विधेयकों को समर्थन नहीं मिलता, तो आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं को राजनीति और समाज में आगे बढ़ने के अवसर सीमित हो सकते हैं।

Point of View

NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

प्रदीप भंडारी का कांग्रेस पर आरोप क्या है?
प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस को महिला विरोधी और विकास विरोधी बताया है।
महिला आरक्षण का कांग्रेस का रवैया क्या है?
कांग्रेस का रवैया महिला आरक्षण पर सकारात्मक नहीं रहा है।
क्या सौरव सिकदर ने भी इस मुद्दे पर कुछ कहा है?
हाँ, उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर महिलाओं के सम्मान को लेकर सवाल उठाए हैं।
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